फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Lok Sabha Election 2024 Not only Congress, BJP also embroiled in factionalism in Haryana

Election: यहां कांग्रेस ही नहीं, भाजपा भी गुटबाजी में उलझी... आधी सीटों पर BJP को भितरघात का खतरा

Sat, 06 Apr 2024 10:20 AM IST
शाहरुख खान सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 06 Apr 2024 10:20 AM IST
सार

हरियाणा में कांग्रेस ही नहीं, भाजपा भी गुटबाजी में उलझी है। आधी सीटों पर भाजपा को भितरघात का खतरा है। भाजपा के चार नए चेहरों के साथ खुलकर स्थानीय नेता और कार्यकर्ता नहीं आ रहे हैं। 

विज्ञापन
Lok Sabha Election 2024 Not only Congress, BJP also embroiled in factionalism in Haryana
Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चुनाव के दंगल में गुटबाजी के चलते कांग्रेस हरियाणा में अपने योद्धा मैदान में नहीं उतार पाई है, वहीं भाजपा के प्रत्याशी भी गुटबाजी के चलते उलझ गए हैं। आधी सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को स्थानीय नेताओं और उनके समर्थकों के भितरघात की आशंका है। 
विज्ञापन


हाईकमान को इसकी भनक लगने के बाद भाजपा नेतृत्व एक-दूसरे के प्रति नाराजगी दूर कराने की कोशिश में जुट गया है। दरअसल, भाजपा ने 10 में से पांच सीटों पर प्रत्याशी बदल दिए हैं। 
विज्ञापन


अंबाला में सांसद रतन लाल कटारिया के निधन के बाद सहानुभूति के तौर पर उनकी पत्नी बंतो कटारिया को मैदान में उतारा गया है। इन छह सीटों पर ही अंदरखाने विरोध या फिर खुलकर साथ नहीं देने की आशंका है। भाजपा की ओर से कराए गए सर्वे में भी यह बात सामने आ रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन




हालांकि, भाजपा के प्रवक्ता रहे सुदेश कटारिया का कहना है कि िभतरघात शब्द कांग्रेस का है और यह कांग्रेस में ही चलता है। भाजपा अनुशासित पार्टी है। पार्टी या किसी भी प्रत्याशी को भितरघात का खतरा नहीं है। 
Trending Videos

तंवर के साथ नहीं आ रहा कैडर
मौजूदा सांसद सुनीता दुग्गल का टिकट कटने के बाद अशोक तंवर सिरसा से मैदान में हैं। तंवर का गांवों में विरोध हो रहा है। भाजपा के स्थानीय नेता उन्हें अपना नहीं पाए। एक तो उन पर दल बदलू का ठप्पा लगा है। दूसरा वह सिरसा से भी काफी समय से कटे हुए हैं। 

 

बंतो से विज की नाराजगी
अंबाला से प्रत्याशी बंतो कटारिया के पति रतनलाल कटारिया व अंबाला कैंट से विधायक अनिल विज के बीच छत्तीस का आंकड़ा रहा है। हाल में अनिल विज नई सरकार में मंत्री बनने से इन्कार कर चुके हैं। वह संगठन की बैठकों से भी दूरी बनाए हुए हैं और केवल अपने ही हलके में जुटे हैं। वे सीएम की रैली में भी शामिल नहीं हुए।


 

चौटाला को नेताओं का साथ नहीं
ताऊ देवीलाल के बेटा और मनोहर लाल का विश्वासपात्र होने के चलते हिसार से रणजीत चौटाला को प्रत्याशी बनाया गया है। लेकिन भितरघात का सबसे अधिक खतरा इसी सीट पर है। भाजपा नेता कैप्टन अभिमन्यु, कुलदीप बिश्नोई को साधना इनके लिए आसान नहीं है। बिश्नोई के बेटे विधायक भव्य हिसार से टिकट न मिलने पर सोशल मीडिया पर नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं। कैप्टन अभिमन्यु व गोपाल कांडा भी रणजीत के कार्यक्रमों में नहीं आ रहे हैं। 


 

आसान नहीं कुरुक्षेत्र की महाभारत
भाजपा ने कुरुक्षेत्र से नवीन जिंदल को उतारा है। दस साल से कुरुक्षेत्र से जुड़ाव नहीं होने और भाजपा में नया होने के चलते उनके सामने कई चुनौतियां हैं। डीडी शर्मा, पूर्व विधायक पवन सैनी, पूर्व सांसद कैलाशों सैनी जैसे बड़े चेहरे साथ नजर नहीं आ रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed