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चंडीगढ़ प्रशासन के क्वारंटीन सेंटर में नहीं मिल रहा ठीक खाना, न भरपेट मिला न क्वालिटी सही
Wed, 27 May 2020 01:52 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2020 01:52 PM IST
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क्वारंटीन सेंटर में सुविधाओं का अभाव
- फोटो : अमर उजाला
यूटी प्रशासन दावा कर रहा है कि क्वारंटीन सेंटरों में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत इस दावे से अलग है। स्कूलों और हॉस्टल में बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों में पहुंचने वाले खाने की क्वालिटी और सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें यहां मिल रहे खाने को दिखाया गया। इसके अलावा एक वीडियो में चंडीगढ़ पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में जफर नाम के युवक ने चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से भेजे गए खाने की क्वालिटी पर सवाल उठाए हैं। बताया कि वह सेक्टर-26 स्थित बापूधाम का निवासी है। उसकी कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके बावजूद उसे और उसके पूरे परिवार समेत कई अन्य परिवारों को भी यहां शिफ्ट किया गया है।
वीडियो में वह कह रहा है कि पंजाब यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8 में कई परिवार हैं, जिनमें कई छोटे बच्चे भी हैं। इन्हें दूध नहीं मिल पा रहा है। उसने वीडियो में आरोप लगाया कि मंगलवार को सुबह प्रशासन की तरफ से चाय तक नहीं दी गई। दोपहर का खाना 2.30 बजे आया है, उसकी क्वॉलिटी भी ठीक नहीं है। खाने में थोड़ी सी सब्जी, चावल और रोटियां दी गई हैं। सब्जी की मात्रा इतनी कम थी कि उससे रोटी और चावल को खाया भी नहीं जा रहा है।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में जफर नाम के युवक ने चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से भेजे गए खाने की क्वालिटी पर सवाल उठाए हैं। बताया कि वह सेक्टर-26 स्थित बापूधाम का निवासी है। उसकी कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके बावजूद उसे और उसके पूरे परिवार समेत कई अन्य परिवारों को भी यहां शिफ्ट किया गया है।
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वीडियो में वह कह रहा है कि पंजाब यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8 में कई परिवार हैं, जिनमें कई छोटे बच्चे भी हैं। इन्हें दूध नहीं मिल पा रहा है। उसने वीडियो में आरोप लगाया कि मंगलवार को सुबह प्रशासन की तरफ से चाय तक नहीं दी गई। दोपहर का खाना 2.30 बजे आया है, उसकी क्वॉलिटी भी ठीक नहीं है। खाने में थोड़ी सी सब्जी, चावल और रोटियां दी गई हैं। सब्जी की मात्रा इतनी कम थी कि उससे रोटी और चावल को खाया भी नहीं जा रहा है।
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दूध को लेकर पुलिसकर्मियों पर लगाए आरोप
एक अन्य वीडियो जारी कर पीयू के ही क्वारंटीन सेंटर के व्यक्ति ने आरोप लगाया कि बच्चों को यहां दूध नहीं मिल रहा है। सोमवार शाम वहां के अधिकारियों को दूध के लिए बोला, लेकिन मंगलवार दोपहर तक बच्चों को दूध नहीं मिला।
वीडियो में कुछ पुलिस वाले भी दिखाए गए हैं, जिसमें से एक पुलिसकर्मी दूध पीता दिखाई दे रहा है। वीडियो बनाने वाले शख्स ने आरोप लगाए हैं कि यह वही दूध है जो कि बच्चों के लिए आ रहा है, लेकिन उन्हें न देकर चंडीगढ़ पुलिस के कर्मी वह दूध पी रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो को बनाने वाले व्यक्ति ने तो अपना चेहरा दिखाया न ही नाम बताया है।
रिपोर्ट नेगेटिव तो क्यों ले जाया गया क्वारंटीन सेंटर
बापूधाम निवासी जफर का कहना है कि उसके पूरे परिवार की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसके बावजूद पंजाब यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8 के क्वारंटीन सेंटर लाया गया है। वह अपने घर में ज्यादा सुरक्षित महसूस करता। यहां पर कई तरह की असुविधाएं हैं। इसके अलावा बहुत सारे लोग एक साथ रह रहे हैं।
यहां कूड़ा भी खुले में पड़ा है, जबकि घर में साफ-सफाई ज्यादा होती है। इस पर जब चंडीगढ़ प्रशासन के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता से बात की गई तो कहा कि उन्होंने अधिकारियों को कहा है कि जब रिपोर्ट निगेटिव आई है, तो उन्हें क्वारंटीन सेंटर ले जाने की जरूरत नहीं है। हालांकि, कोरोना वायरस के संदेह के कारण क्वारंटीन सेंटर ले जाया गया है।
वीडियो में कुछ पुलिस वाले भी दिखाए गए हैं, जिसमें से एक पुलिसकर्मी दूध पीता दिखाई दे रहा है। वीडियो बनाने वाले शख्स ने आरोप लगाए हैं कि यह वही दूध है जो कि बच्चों के लिए आ रहा है, लेकिन उन्हें न देकर चंडीगढ़ पुलिस के कर्मी वह दूध पी रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो को बनाने वाले व्यक्ति ने तो अपना चेहरा दिखाया न ही नाम बताया है।
रिपोर्ट नेगेटिव तो क्यों ले जाया गया क्वारंटीन सेंटर
बापूधाम निवासी जफर का कहना है कि उसके पूरे परिवार की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसके बावजूद पंजाब यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8 के क्वारंटीन सेंटर लाया गया है। वह अपने घर में ज्यादा सुरक्षित महसूस करता। यहां पर कई तरह की असुविधाएं हैं। इसके अलावा बहुत सारे लोग एक साथ रह रहे हैं।
यहां कूड़ा भी खुले में पड़ा है, जबकि घर में साफ-सफाई ज्यादा होती है। इस पर जब चंडीगढ़ प्रशासन के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता से बात की गई तो कहा कि उन्होंने अधिकारियों को कहा है कि जब रिपोर्ट निगेटिव आई है, तो उन्हें क्वारंटीन सेंटर ले जाने की जरूरत नहीं है। हालांकि, कोरोना वायरस के संदेह के कारण क्वारंटीन सेंटर ले जाया गया है।