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तरनतारन ब्लास्ट: आरोपियों का खुलासा- निशाने पर था डेरा नूरमहल, प्रदेश का माहौल बिगाड़ने था
Thu, 19 Sep 2019 09:57 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तरनतारन(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तरनतारन(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 19 Sep 2019 09:57 AM IST
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तरनतारन ब्लास्ट केस के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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पिछले दिनों पंजाब में तरनतारन के तहत आने वाले गांव कलेर के समीप जो ब्लास्ट हआ था, उसमें शामिल लोगों की योजना दिव्य ज्योति जागृति संस्थान को निशाना बनाने की थी। ये जानकारी धमाके से संबंधित गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में पुलिस को मिली है। चार सितंबर की रात को गांव कलेर के समीप जो ब्लास्ट हुआ था वह गत वर्ष अमृतसर स्थित निरंकारी भवन में हुए धमाके जैसा था।
कुछ दिन पहले यहां पर बम किसी और ने दबाया था और विदेश से मिले निर्देश पर उसे जमीन से निकालने वाली टीम दूसरी थी। इस टीम में शामिल दो युवकों की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि तीसरा घायल हो गया था। धमाके वाली जगह से तीन किलोमीटर की दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस ने इस मामले में मानदीप सिंह मस्सा पंच, अमृतपाल सिंह बचड़े, चन्नप्रीत सिंह बटाला, मनप्रीत सिंह मुरादपुरा, हरजीत सिंह पंडोरी गोला, मलकीत सिंह कोटला गुजर व अमरजीत सिंह फतेहगढ़ चूड़ियां से प्रथम पूछताछ में जुटी हुई है। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर दो गाड़ियां, एक पाक सिम, विदेशी फंडिंग के दस्तावेज व कुछ असला पुलिस के हाथ लग चुके हैं।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ और जांच में अब तक पता चला है कि पंजाब में खालिस्तान की मूवमेंट को हवा देने के लिए हाल ही में विदेशों से इनको फंडिग भी हुई थी।
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कुछ दिन पहले यहां पर बम किसी और ने दबाया था और विदेश से मिले निर्देश पर उसे जमीन से निकालने वाली टीम दूसरी थी। इस टीम में शामिल दो युवकों की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि तीसरा घायल हो गया था। धमाके वाली जगह से तीन किलोमीटर की दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर पुलिस जांच कर रही है।
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पुलिस ने इस मामले में मानदीप सिंह मस्सा पंच, अमृतपाल सिंह बचड़े, चन्नप्रीत सिंह बटाला, मनप्रीत सिंह मुरादपुरा, हरजीत सिंह पंडोरी गोला, मलकीत सिंह कोटला गुजर व अमरजीत सिंह फतेहगढ़ चूड़ियां से प्रथम पूछताछ में जुटी हुई है। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर दो गाड़ियां, एक पाक सिम, विदेशी फंडिंग के दस्तावेज व कुछ असला पुलिस के हाथ लग चुके हैं।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ और जांच में अब तक पता चला है कि पंजाब में खालिस्तान की मूवमेंट को हवा देने के लिए हाल ही में विदेशों से इनको फंडिग भी हुई थी।
बम धमाकों से पंजाब में माहौल बिगाड़ने की थी योजना
18 नवंबर 2018 को अमृतसर स्थित निरंकारी भवन में हुए धमाके की तरह उक्त आरोपितों द्वारा पंजाब में बड़े स्तर पर बेकसूर लोगों का लहू बहाकर माहौल बिगाड़ने का प्लान था।
चार सिंतबर की रात को जब धमाका हुआ तो मौके पर मारे गए बिक्रमजीत सिंह निवासी कदगिल, हरप्रीत सिंह निवासी बचड़े व जख्मी हुए गुरजंट सिंह जंटा द्वारा जमीन से बम निकालकर किन लोगों को सौंपा जाना था, यह पता चलना अभी बाकी है।
त्योहारो में ब्लास्ट कर माहौल बिगाड़ने का आदेश देने वाले लोगों की अभी पुलिस द्वारा पहचान नहीं बताई जा रही। एसएसपी ध्रुव दहिया का कहना है कि जितनी देर तक सारे मामले की जांच मुकम्मल नहीं होती उतनी देर तक अधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता।
चार सिंतबर की रात को जब धमाका हुआ तो मौके पर मारे गए बिक्रमजीत सिंह निवासी कदगिल, हरप्रीत सिंह निवासी बचड़े व जख्मी हुए गुरजंट सिंह जंटा द्वारा जमीन से बम निकालकर किन लोगों को सौंपा जाना था, यह पता चलना अभी बाकी है।
त्योहारो में ब्लास्ट कर माहौल बिगाड़ने का आदेश देने वाले लोगों की अभी पुलिस द्वारा पहचान नहीं बताई जा रही। एसएसपी ध्रुव दहिया का कहना है कि जितनी देर तक सारे मामले की जांच मुकम्मल नहीं होती उतनी देर तक अधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता।