{"_id":"35b67b4ba0e34291af9ba03d51afe623","slug":"non-teaching-union-protest-pu-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू में अब नॉन टीचिंग मुलाजिम भड़के ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीयू में अब नॉन टीचिंग मुलाजिम भड़के
ब्यूरो, अमर उजाला/ पटियाला
Updated Thu, 27 Nov 2014 10:32 PM IST
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पंजाबी यूनिवर्सिटी में एक बार फिर से माहौल गर्मा गया है। स्टूडेंट्स का आंदोलन पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ था कि वीरवार को प्रधान गुरविंदरपाल सिंह बब्बी की अगुवाई में बड़ी संख्या में नॉन टीचिंग मुलाजिमों ने यूनिवर्सिटी का मेन गेट बंद कर दिया। मुलाजिम गेट के सामने धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शन देर शाम तक जारी था। प्रदर्शनकारियों ने धरना रात भर देने का ऐलान कर दिया था। मुलाजिमों की मांग है कि प्रधान बब्बी और एक अन्य लीडर संदीप कुमार का सस्पेंशन रद्द किया जाए।
आंदोलनकारी नॉन टीचिंग मुलाजिमों ने यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार दफ्तर के सामने बुधवार रात से लगाए धरने को वीरवार सुबह यूनिवर्सिटी मेन गेट बंद करके वहां लगा दिया। बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए नॉन टीचिंग मुलाजिमों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को 16 सदस्यीय कमेटी ने बब्बी प्रधान और नॉन टीचिंग मुलाजिमों के एक अन्य लीडर संदीप कुमार को सस्पेंड रखने के फैसले पर दोबारा मोहर लगा दी है। जिससे बब्बी प्रधान समर्थक भड़क गए हैं।
नान टीचिंग संघ के महासचिव सुपिंदरपाल सिंह, प्रचार सचिव जगदीप सिंह भंगू और संदीप कुमार ने कहा कि प्रधान बब्बी को जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। जांच कमेटी में सभी प्रोफेसर वर्ग के अधिकारी थे और इस कमेटी में नान टीचिंग स्टाफ से कोई नुमाइंदा नहीं था। जब डॉ. खांबा से कोई बदतमीजी ही नहीं हुई, तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बब्बी प्रधान को सस्पेंड क्यों किया।
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बब्बी प्रधान हमेशा ही मुलाजिमों के हितों के खड़े हैं और इससे कुछ लोगों को तकलीफ है। उन्होंने कहा कि सारे मुलाजिम बब्बी प्रधान के साथ हैं। मेन गेट बंद करके यूनिवर्सिटी प्रशासन को संदेश दिया गया है कि प्रधान व अन्य लीडर की बहाली न की गई, तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। इस दौरान ऐलान किया गया कि वीरवार को सारी रात धरने पर बैठेंगे और वीरवार को जाम लगाया जाएगा।
यह है मामला
कुछ माह पहले नॉन टीचिंग मुलाजिमों के प्रधान गुरविंदरपाल सिंह बब्बी और उसके साथियों का यूनिवर्सिटी अधिकारी डॉ. खांबा से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इस मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बाद में बब्बी प्रधान समेत संदीप कुमार को सस्पेंड कर दिया था।
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आंदोलनकारी नॉन टीचिंग मुलाजिमों ने यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार दफ्तर के सामने बुधवार रात से लगाए धरने को वीरवार सुबह यूनिवर्सिटी मेन गेट बंद करके वहां लगा दिया। बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए नॉन टीचिंग मुलाजिमों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को 16 सदस्यीय कमेटी ने बब्बी प्रधान और नॉन टीचिंग मुलाजिमों के एक अन्य लीडर संदीप कुमार को सस्पेंड रखने के फैसले पर दोबारा मोहर लगा दी है। जिससे बब्बी प्रधान समर्थक भड़क गए हैं।
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नान टीचिंग संघ के महासचिव सुपिंदरपाल सिंह, प्रचार सचिव जगदीप सिंह भंगू और संदीप कुमार ने कहा कि प्रधान बब्बी को जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। जांच कमेटी में सभी प्रोफेसर वर्ग के अधिकारी थे और इस कमेटी में नान टीचिंग स्टाफ से कोई नुमाइंदा नहीं था। जब डॉ. खांबा से कोई बदतमीजी ही नहीं हुई, तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बब्बी प्रधान को सस्पेंड क्यों किया।
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बब्बी प्रधान हमेशा ही मुलाजिमों के हितों के खड़े हैं और इससे कुछ लोगों को तकलीफ है। उन्होंने कहा कि सारे मुलाजिम बब्बी प्रधान के साथ हैं। मेन गेट बंद करके यूनिवर्सिटी प्रशासन को संदेश दिया गया है कि प्रधान व अन्य लीडर की बहाली न की गई, तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। इस दौरान ऐलान किया गया कि वीरवार को सारी रात धरने पर बैठेंगे और वीरवार को जाम लगाया जाएगा।
यह है मामला
कुछ माह पहले नॉन टीचिंग मुलाजिमों के प्रधान गुरविंदरपाल सिंह बब्बी और उसके साथियों का यूनिवर्सिटी अधिकारी डॉ. खांबा से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इस मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बाद में बब्बी प्रधान समेत संदीप कुमार को सस्पेंड कर दिया था।