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गैर-इरादतन हत्या में दो साल की कैद
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 30 Oct 2013 12:55 AM IST
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शादी समारोह में अचानक गोली चलने से एक व्यक्ति की हुई मौत के मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पिंजौर निवासी दोषी को दो साल के कारावास की सजा सुनाई।
यह हादसा इसी साल फरवरी में पिंजौर के गांव घाटीवाला में हुआ था।
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, पिंजौर निवासी विक्रम सिंह अपने किसी रिश्तेदार की शादी में गया था, जहां जगदीशचंद्र नाम का व्यक्ति भी अपने परिवार के साथ आया था। समारोह में तेज आवाज में डीजे बज रहा था और सभी नाच रहे थे।
इसी दौरान अचानक विक्रम सिंह की रिवाल्वर का ट्रिगर दब गया और गोली जगदीश के सीने में जाकर लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर गया, लेकिन किसी ने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी, क्योंकि डीजे की आवाज काफी तेज थी। जिसने भी जगदीश को गिरा देखा, सभी यही कहा कि शराब पीकर गिर गया होगा।
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बाद में जगदीश की पत्नी ने उसे जमीन से उठाया और कुर्सी पर बैठा दिया। इसके बावजूद पता नहीं चला कि जगदीश को गोली लगी है।
कुछ देर बाद जगदीश की पत्नी रेशमा अपने बच्चों की मदद से उसे घर लेकर गई। घर पर जब रेशमा जगदीश के कपड़े बदलने लगी तो देखा कि सीने के बांयी तरफ गोली लगी है।
जगदीश को तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने विक्रम सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) का मामला दर्ज किया था। अब कोर्ट में ट्रायल के दौरान उसे दोषी पाया गया और कोर्ट ने दो साल का कठोर कारावास व सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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यह हादसा इसी साल फरवरी में पिंजौर के गांव घाटीवाला में हुआ था।
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, पिंजौर निवासी विक्रम सिंह अपने किसी रिश्तेदार की शादी में गया था, जहां जगदीशचंद्र नाम का व्यक्ति भी अपने परिवार के साथ आया था। समारोह में तेज आवाज में डीजे बज रहा था और सभी नाच रहे थे।
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इसी दौरान अचानक विक्रम सिंह की रिवाल्वर का ट्रिगर दब गया और गोली जगदीश के सीने में जाकर लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर गया, लेकिन किसी ने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी, क्योंकि डीजे की आवाज काफी तेज थी। जिसने भी जगदीश को गिरा देखा, सभी यही कहा कि शराब पीकर गिर गया होगा।
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बाद में जगदीश की पत्नी ने उसे जमीन से उठाया और कुर्सी पर बैठा दिया। इसके बावजूद पता नहीं चला कि जगदीश को गोली लगी है।
कुछ देर बाद जगदीश की पत्नी रेशमा अपने बच्चों की मदद से उसे घर लेकर गई। घर पर जब रेशमा जगदीश के कपड़े बदलने लगी तो देखा कि सीने के बांयी तरफ गोली लगी है।
जगदीश को तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने विक्रम सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) का मामला दर्ज किया था। अब कोर्ट में ट्रायल के दौरान उसे दोषी पाया गया और कोर्ट ने दो साल का कठोर कारावास व सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।