{"_id":"63bf85d9bbab654c6540dcb9","slug":"nominations-filed-for-chandigarh-mayor-election-today-update-aam-aadmi-party-congress-bjp","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh: कांग्रेस ने किया मेयर चुनाव का बायकाट, आप से जसबीर लाड्डी और भाजपा से अनूप गुप्ता बने प्रत्याशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh: कांग्रेस ने किया मेयर चुनाव का बायकाट, आप से जसबीर लाड्डी और भाजपा से अनूप गुप्ता बने प्रत्याशी
Thu, 12 Jan 2023 04:16 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 12 Jan 2023 04:16 PM IST
सार
वर्तमान में भाजपा और आम आदमी पार्टी के नेता दोनों ही कांग्रेस के साथ ही एक दूसरे की पार्टी के पार्षदों के संपर्क में होने का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस बेशक मेयर बनाने की स्थिति में न हो लेकिन गेम चेंजर की भूमिका में है।
विज्ञापन
चंडीगढ़ मेयर के लिए नामांकन भरते आप उम्मीदवार।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए आज नामांकन भरे जा रहे हैं। आप से जसबीर लाड्डी मेयर, तरुणा मेहता सीनियर डिप्टी मेयर और सुमन शर्मा डिप्टी मेयर की उम्मीदवार बनाया गया है। सभी ने नामांकन भर दिया है। भाजपा ने अनूप गुप्ता को मेयर पद का उम्मीदवार घोषित किया। कंवरजीत राणा सीनियर डिप्टी मेयर और हरजीत सिंह डिप्टी मेयर के उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। वहीं कांग्रेस ने चुनाव से बायकॉट का एलान कर दिया है।
गुटबाजी और बगावत से बचने के लिए नामों का एलान नहीं
तीनों पार्टी के नेता भले तमाम दावे करें लेकिन नाम घोषित नहीं करने के पीछे का कारण गुटबाजी और बगावत से बचना है। मेयर चुनाव में कई बार देखा गया है कि पार्टी के ही नेता अन्य कुछ पार्षदों के साथ अलग से नामांकन भर देते हैं। वर्तमान स्थिति में कोई भी पार्टी ये खतरा मोल नहीं लेना चाहती, इसलिए नामांकन से कुछ मिनट पहले ही नामों की घोषणा की जाएगी। दरअसल, वर्तमान में तीनों ही राजनीतिक पार्टियों में अलग-अलग गुट हैं। प्रत्येक गुट अपने पक्ष के व्यक्ति को पार्षद बनाना चाहता है। ऐसे में जिस गुट के व्यक्ति को प्राथमिकता नहीं दी, वही छिटक कर दूसरी पाले में जा सकता है।
सियासी गलियारों में चर्चा- चुनाव से दूर रह सकती है कांग्रेस
वर्तमान में भाजपा और आम आदमी पार्टी के नेता दोनों ही कांग्रेस के साथ ही एक दूसरे की पार्टी के पार्षदों के संपर्क में होने का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस बेशक मेयर बनाने की स्थिति में न हो लेकिन गेम चेंजर की भूमिका में है। कांग्रेस ने मेयर चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है लेकिन सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि कांग्रेस अंतिम समय में वोटिंग से दूर रहने का भी फैसला ले सकती है।
विज्ञापन
चुनाव जीतने के लिए किसी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं
नगर निगम में इस समय किसी भी दल के पास मेयर चुनाव जीतने के लिए स्पष्ट बहुमत नहीं है। आप के 14, भाजपा के 14, कांग्रेस के छह और अकाली दल का एक पार्षद है। इसके अलावा मेयर चुनाव में एक वोट सांसद किरण खेर का है, इसलिए भाजपा के पास 15 वोट हैं लेकिन चुनाव में बहुमत का आंकड़ा 19 है और ये जादुई आंकड़ा किसी भी एक पार्टी के पास नहीं है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने बहिष्कार किया था, जिस कारण भाजपा और आप में कड़ी टक्कर के बावजूद भाजपा अपना मेयर बनाने में कामयाब हुई थी।
विज्ञापन
गुटबाजी और बगावत से बचने के लिए नामों का एलान नहीं
तीनों पार्टी के नेता भले तमाम दावे करें लेकिन नाम घोषित नहीं करने के पीछे का कारण गुटबाजी और बगावत से बचना है। मेयर चुनाव में कई बार देखा गया है कि पार्टी के ही नेता अन्य कुछ पार्षदों के साथ अलग से नामांकन भर देते हैं। वर्तमान स्थिति में कोई भी पार्टी ये खतरा मोल नहीं लेना चाहती, इसलिए नामांकन से कुछ मिनट पहले ही नामों की घोषणा की जाएगी। दरअसल, वर्तमान में तीनों ही राजनीतिक पार्टियों में अलग-अलग गुट हैं। प्रत्येक गुट अपने पक्ष के व्यक्ति को पार्षद बनाना चाहता है। ऐसे में जिस गुट के व्यक्ति को प्राथमिकता नहीं दी, वही छिटक कर दूसरी पाले में जा सकता है।
विज्ञापन
सियासी गलियारों में चर्चा- चुनाव से दूर रह सकती है कांग्रेस
वर्तमान में भाजपा और आम आदमी पार्टी के नेता दोनों ही कांग्रेस के साथ ही एक दूसरे की पार्टी के पार्षदों के संपर्क में होने का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस बेशक मेयर बनाने की स्थिति में न हो लेकिन गेम चेंजर की भूमिका में है। कांग्रेस ने मेयर चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है लेकिन सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि कांग्रेस अंतिम समय में वोटिंग से दूर रहने का भी फैसला ले सकती है।
विज्ञापन
चुनाव जीतने के लिए किसी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं
नगर निगम में इस समय किसी भी दल के पास मेयर चुनाव जीतने के लिए स्पष्ट बहुमत नहीं है। आप के 14, भाजपा के 14, कांग्रेस के छह और अकाली दल का एक पार्षद है। इसके अलावा मेयर चुनाव में एक वोट सांसद किरण खेर का है, इसलिए भाजपा के पास 15 वोट हैं लेकिन चुनाव में बहुमत का आंकड़ा 19 है और ये जादुई आंकड़ा किसी भी एक पार्टी के पास नहीं है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने बहिष्कार किया था, जिस कारण भाजपा और आप में कड़ी टक्कर के बावजूद भाजपा अपना मेयर बनाने में कामयाब हुई थी।