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लोपोके बंधुओं ने सूफियाना अंदाज बिखेरा
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 18 Dec 2013 01:32 AM IST
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पंजाब आर्ट काउंसिल द्वारा आयोजित सुरताल उत्सव का पहला दिन सूफियाना संगीत के नाम रहा। पंजाब कला भवन में सुरमई शाम सजी और लोपोके बंधुओं ने सूफियाना अंदाज बिखेरा, जिसे सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
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पंजाब आर्ट काउंसिल द्वारा आयोजित सुरताल उत्सव के पहले दिन लोपेेके ब्रदर्स यानी लखबीर सिंह और राजेंद्र सिंह को जोड़ी ने बुल्लेशाह के कलाम पेश करके सबका मन मोह लिया।
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उन्होंने शुरुआत की तेरे प्यार विच यारा सानू पाया...से। इसके बाद जदौं याद सजन तेरी आई, रब दी नमाज भूल गई सुनाया। फिर उन्होंने प्रसिद्ध सूफियाना कलाम अल्ला हूं को अपने सुरों में ढाला, तो महफिल जम गई।
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उन्होंने अंखिया उड़ीक दियां अपने साथियों के साथ पेश किया। अमृतसर के लोपेके गांव के रहने वाले लखबीर सिंह और राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनको बचपन से गायकी का शौक था और इसकी बदौलत ही वे अब बड़े कार्यक्रमों में पहुंचे हैं।
इस मौके पर उनके साथ कोरस में दिलबाग सिंह, पतरस सोनी थे, हारमोनियम पर डेनियल, तबले पर मास्टर बूटा और आक्टोपैड पर प्रमोद ने साथ दिया।
इस दौरान पंजाब आर्ट काउंसिल की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर, पंजाब संगीत नाटक अकादमी के सचिव सुदेश शर्मा, पीयू के म्यूजिक डिपार्टमेंट के फाउंडर मेंबर प्रोफेसर यशपाल मौजूद रहे।