{"_id":"753a4c2b2f09b92c14d211f325ccc118","slug":"no-work-on-high-security-number-plates-in-panchkula","type":"story","status":"publish","title_hn":"यहां नहीं लग रही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यहां नहीं लग रही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
सर्वेश कुमार/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 07 May 2014 02:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य है, लेकिन पंचकूला में करीब ढाई महीने से नए रजिस्टर्ड वाहनों की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं बन रही है। इससे चंडीगढ़ जाने वाले वाहन चालकों को हमेशा चालान कटने का डर रहता है।
विज्ञापन
प्लेट तैयार करने वाली कंपनी उत्सव को लेटलतीफी दूर करने के लिए प्रशासन की ओर से कई बार लेकर चेतावनी भी दी गई, लेकिन समय पर नंबर प्लेट उपलब्ध कराना अब भी टेढ़ी खीर बनी हुई है।
विज्ञापन
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वाले कंपनी में आई कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से ये नंबर प्लेट्स तैयार नहीं हो रहे थे।
खास बात यह है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तैयार होने में चार दिन से अधिक वक्त लगने पर वाहन मालिक संबंधित कंपनी से हर्जाना वसूलने का भी हकदार है।
करीब ढाई महीने के दौरान पंचकूला में सैकड़ों वाहनों के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, लेकिन उन्हें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं मिल रही है। इसका खामियाजा भी वाहन चालकों को ही भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
अब बगैर परमिट कीजिए आवेदन
रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सेक्रेटरी कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि अब तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए वाहन मालिकों को परमिट लेने के बाद ही प्लेट के लिए आवेदन करना होता था, लेकिन सरकार की ओर से अब इसमें राहत दी गई है। अब यह जिम्मेवारी भी कंपनी की होगी।
कंपनी को भरना पड़ सकता है हर्जाना
अब तक जिन आवेदकों के आवेदन के चार दिन से अधिक वक्त बीत चुके हैं, उन्हें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट मिलने में हुई देरी के लिए वे कंपनी से हर्जाना भी मांग सकते हैं। पहले सप्ताह में यह रकम कम होगी, लेकिन इसके बाद यह रकम बढ़ती जाएगी। माना जा रहा है कि अधिक देरी होने पर इसका खामियाजा कंपनी को भुगतना पड़ सकता है।
एक्टिवा है, पर चला नहीं सकते
सेक्टर-10 निवासी संजय आहूजा ने बताया कि उन्होंने मार्च के आखिरी सप्ताह में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आवेदन किया गया। करीब डेढ़ महीने हो गए, लेकिन अब तक नंबर प्लेट नहीं मिली। प्लेट मिलने में देरी की वजह से वह कहीं जाने के लिए नई एक्टिवा का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि चालान का डर रहता है।
कोट्स
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने वाली कंपनी को कई बार चेतावनी दी गई है। अभी तकनीकी कारणों के कारण प्लेट नहीं बनने का हवाला दिया गया है। कंपनी की ओर से अगले 15 दिनों में सभी बैकलॉग खत्म करने का आश्वासन दिया गया है। - कैप्टन शक्ति सिंह, सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण