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चंडीगढ़ में दम तोड़ रही है रोमांच से भरपूर मोटर स्पोर्ट्स की दुनिया, विशेष रिपोर्ट
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 10 Apr 2017 03:16 PM IST
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मोटर स्पोर्ट्स
- फोटो : amar ujala
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चंडीगढ़ में रोमांच और मोटर स्पोर्ट्स के दीवानों की कोई कमी नहीं है, मगर कमी है तो बस एक चीज को जो रफ्तार के जादूगरों को हतोत्साहित करती है। दरअसल चंडीगढ़ में मोटर स्पोर्ट्स की प्रैक्टिस के लिए स्थाई ट्रैक नहीं है। इसके चलते यहां के ड्राइवर्स को दूसरे राज्यों में जाकर प्रैक्टिस करनी पड़ रही है।
सिटी ब्यूटीफुल से मोटर स्पोर्ट्स में कई बेहतरीन प्रतियोगी उभरकर सामने आए हैं, जिन्होंने सजोबा, रेड द हिमालय रैली, मुगल रैली, डेजर्ट स्टार्म में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। टीम चंडीगढ़ एडवेंचर स्पोर्ट्स के फाउंडर निखिल जसपाल ने बताया कि हरि सिंह, सन्नी सिद्घू, सम्राट, हरप्रीत बावा, सान्या कश्यप, विनीता कंग, मोहित वर्मा मोटर स्पोर्ट्स में शहर का नाम नेशनल लेवल पर रोशन कर चुके हैं। वह प्रशासन से 15 साल से स्थाई जगह की मांग कर रहे हैं।
यहां करवाए जाते हैं इवेंट
टीम एडवेंटचर के सदस्यों ने बताया कि सेक्टर-17 के सर्कस ग्राउंड, सेक्टर-34 के ग्राउंड और मोहाली में इवेंट करवाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि यहां अस्थाई ट्रैक बनाना पड़ता है, दो या तीन दिन तक बनाए गए इन अस्थाई ट्रैकों पर हर साल लाखों रुपये खर्च होते हैं।
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दूसरे राज्यों में हर सप्ताह होते हैं इवेंट : धीरेंद्र
2011 में रेड द हिमालय और सजोबा रैली के विजेता कार ड्राइवर डॉ. धीरेंद्र ने बताया कि शहर में साल में एक या दो बार ही मोटर स्पोर्ट्स के इवेंट होते हैं। अन्य राज्यों में हर सप्ताह इवेंट होते हैं। बंगलुरू में इसके ज्यादातर इवेंट होते हैं। वहीं, शहर के मोटरसाइकिल ड्राइवर बलजीत सिंह ने बताया कि यहां पर मोटर स्पोर्ट्स में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है, जिससे नियमित अभ्यास नहीं हो पाता।
स्थाई ट्रैक होना चाहिए : हरप्रीत
रेड द हिमालय समेत कई प्रतियोगिताएं जीतने वाले हरप्रीत सिंह बावा ने कहा कि सिटी के आसपास खुली जगह पर एक ट्रैक होना चाहिए, जहां स्थानीय ड्राइवर्स अभ्यास कर सकें।
सिटी में मोटर स्पोर्ट्स का क्रेज बढ़ेगा : कश्यप
देश में होने वाली कई रोमांच से भरी रैलियों में हिस्सा लेने वाली चंडीगढ़ की एकमात्र महिला बाइकर सारा कश्यप ने कहा कि सिटी में मोटर स्पोर्ट्स का स्थाई ट्रैक बनने से रेगलुर टूर्नामेंट होंगे। इससे यहां पर मोटर स्पोर्ट्स में युवाओं का क्रेज बढ़ेगा और अधिक संख्या में वे इस खेल से जुड़ सकेंगे।
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सिटी ब्यूटीफुल से मोटर स्पोर्ट्स में कई बेहतरीन प्रतियोगी उभरकर सामने आए हैं, जिन्होंने सजोबा, रेड द हिमालय रैली, मुगल रैली, डेजर्ट स्टार्म में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। टीम चंडीगढ़ एडवेंचर स्पोर्ट्स के फाउंडर निखिल जसपाल ने बताया कि हरि सिंह, सन्नी सिद्घू, सम्राट, हरप्रीत बावा, सान्या कश्यप, विनीता कंग, मोहित वर्मा मोटर स्पोर्ट्स में शहर का नाम नेशनल लेवल पर रोशन कर चुके हैं। वह प्रशासन से 15 साल से स्थाई जगह की मांग कर रहे हैं।
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यहां करवाए जाते हैं इवेंट
टीम एडवेंटचर के सदस्यों ने बताया कि सेक्टर-17 के सर्कस ग्राउंड, सेक्टर-34 के ग्राउंड और मोहाली में इवेंट करवाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि यहां अस्थाई ट्रैक बनाना पड़ता है, दो या तीन दिन तक बनाए गए इन अस्थाई ट्रैकों पर हर साल लाखों रुपये खर्च होते हैं।
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दूसरे राज्यों में हर सप्ताह होते हैं इवेंट : धीरेंद्र
2011 में रेड द हिमालय और सजोबा रैली के विजेता कार ड्राइवर डॉ. धीरेंद्र ने बताया कि शहर में साल में एक या दो बार ही मोटर स्पोर्ट्स के इवेंट होते हैं। अन्य राज्यों में हर सप्ताह इवेंट होते हैं। बंगलुरू में इसके ज्यादातर इवेंट होते हैं। वहीं, शहर के मोटरसाइकिल ड्राइवर बलजीत सिंह ने बताया कि यहां पर मोटर स्पोर्ट्स में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है, जिससे नियमित अभ्यास नहीं हो पाता।
स्थाई ट्रैक होना चाहिए : हरप्रीत
रेड द हिमालय समेत कई प्रतियोगिताएं जीतने वाले हरप्रीत सिंह बावा ने कहा कि सिटी के आसपास खुली जगह पर एक ट्रैक होना चाहिए, जहां स्थानीय ड्राइवर्स अभ्यास कर सकें।
सिटी में मोटर स्पोर्ट्स का क्रेज बढ़ेगा : कश्यप
देश में होने वाली कई रोमांच से भरी रैलियों में हिस्सा लेने वाली चंडीगढ़ की एकमात्र महिला बाइकर सारा कश्यप ने कहा कि सिटी में मोटर स्पोर्ट्स का स्थाई ट्रैक बनने से रेगलुर टूर्नामेंट होंगे। इससे यहां पर मोटर स्पोर्ट्स में युवाओं का क्रेज बढ़ेगा और अधिक संख्या में वे इस खेल से जुड़ सकेंगे।