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फरमानः इनकम टैक्स देने वाले किसानों को नहीं मिलेगी सब्सिडी, नई खेतीबाड़ी नीति जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 05 Jun 2018 03:30 PM IST
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किसान
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पंजाब किसान आयोग ने नई खेतीबाड़ी नीति जारी की है, जिसके तहत इनकम टैक्स देने वाले किसानों को सब्सिडी नहीं दी जाएगी। पंजाब राज्य किसान और खेत मजदूर आयोग ने सिफारिश की है कि सिर्फ छोटे और सीमांत किसानों को ही बिजली सब्सिडी दी जाए। आयोग ने सभी संबंधित पक्षों के सुझाव लेने के बाद सोमवार को राज्य की खेतीबाड़ी नीति जारी की। आयोग ने किसानों को खेतीबाड़ी ट्यूबवेलों पर दी जा रही बिजली सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने की सिफारिश की है।
नई खेतीबाड़ी नीति के मुताबिक, बिजली सब्सिडी सिर्फ उन्हीं किसानों तक सीमित की जाएगी जो आयकर नहीं भरते। इनकम टैक्स देने वाले बड़े किसानों को सब्सिडी नहीं दी जाएगी। नीति में यह भी सिफारिश की गई है कि चार हेक्टेयर या उससे ज्यादा जमीन वाले किसानों से बिजली पर फ्लैट रेट वसूला जाए। शुरुआत में ऐसे किसानों से सौ रुपये प्रति हॉर्स पॉवर प्रतिमाह वसूले जाएंगे। इससे जुटने वाले फंड का इस्तेमाल छोटे, सीमांत और बिना जमीन वाले किसानों की भलाई के लिए किया जाएगा।
इसके बाद इन किसानों के लिए बिजली सब्सिडी एक वित्तीय बंदिश तक सीमित करने पर विचार किया जाएगा। नीति में बिजली सब्सिडी नकद भुगतान के रूप मे देने पर भी विचार किया जाएगा। साथ ही मुफ्त रिहायशी सब्सिडी को देहाती इलाकों में सामाजिक व आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्ग तक सीमित करने का भी प्रावधान है।
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कांग्रेस ने किया था सब्सिडी जारी रखने का वादा
किसानों को बिजली सब्सिडी का मुद्दा हमेशा से सियासी तौर पर अहम रहा है। शिअद ने सब्सिडी शुरू की थी लेकिन उस समय उनके ही वित्तमंत्री मनप्रीत बादल इसके विरोध में आ गए थे। कांग्रेस में आने के बाद मनप्रीत ने अपना स्टैंड बदल लिया। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले यह वादा किया था कि सभी किसानों को बिजली सब्सिडी जारी रहेगी। हालांकि शिअद ने चुनाव में यह प्रचार किया था कि कांग्रेस आई तो सब्सिडी बंद हो जाएगी। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने सब्सिडी जारी रखी। लेकिन सरकार किसान आयोग को एक स्वायत्त संस्था बना चुकी है। ऐसे में आयोग की सिफारिशों को दरकिनार करना मुश्किल होगा।
30 जून तक लिए जाएंगे सुझाव
आयोग के चेयरमैन अजय वीर जाखड़ ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद नीति का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। अब तीस जून तक आम किसानों से इस पर सुझाव लिए जाएंगे। उसके बाद फाइनल ड्राफ्ट को सरकार को सौंप दिया जाएगा।
जहां तक सरकार का सवाल है, हम सभी किसानों को बिजली सब्सिडी देने को वचनबद्ध हैं। पंजाब किसान आयोग ने लोगों के सुझाव लेने को ड्राफ्ट खेतीबाड़ी नीति जारी की है। सुझाव लेने के बाद आयोग अंतिम ड्राफ्ट सरकार को सौंपेगा। तब फैसला किया जाएगा कि क्या लागू करना है और कैसे लागू करना है।
- कैप्टन अमरिंदर सिंह, सीएम, पंजाब
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नई खेतीबाड़ी नीति के मुताबिक, बिजली सब्सिडी सिर्फ उन्हीं किसानों तक सीमित की जाएगी जो आयकर नहीं भरते। इनकम टैक्स देने वाले बड़े किसानों को सब्सिडी नहीं दी जाएगी। नीति में यह भी सिफारिश की गई है कि चार हेक्टेयर या उससे ज्यादा जमीन वाले किसानों से बिजली पर फ्लैट रेट वसूला जाए। शुरुआत में ऐसे किसानों से सौ रुपये प्रति हॉर्स पॉवर प्रतिमाह वसूले जाएंगे। इससे जुटने वाले फंड का इस्तेमाल छोटे, सीमांत और बिना जमीन वाले किसानों की भलाई के लिए किया जाएगा।
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इसके बाद इन किसानों के लिए बिजली सब्सिडी एक वित्तीय बंदिश तक सीमित करने पर विचार किया जाएगा। नीति में बिजली सब्सिडी नकद भुगतान के रूप मे देने पर भी विचार किया जाएगा। साथ ही मुफ्त रिहायशी सब्सिडी को देहाती इलाकों में सामाजिक व आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्ग तक सीमित करने का भी प्रावधान है।
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कांग्रेस ने किया था सब्सिडी जारी रखने का वादा
किसानों को बिजली सब्सिडी का मुद्दा हमेशा से सियासी तौर पर अहम रहा है। शिअद ने सब्सिडी शुरू की थी लेकिन उस समय उनके ही वित्तमंत्री मनप्रीत बादल इसके विरोध में आ गए थे। कांग्रेस में आने के बाद मनप्रीत ने अपना स्टैंड बदल लिया। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले यह वादा किया था कि सभी किसानों को बिजली सब्सिडी जारी रहेगी। हालांकि शिअद ने चुनाव में यह प्रचार किया था कि कांग्रेस आई तो सब्सिडी बंद हो जाएगी। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने सब्सिडी जारी रखी। लेकिन सरकार किसान आयोग को एक स्वायत्त संस्था बना चुकी है। ऐसे में आयोग की सिफारिशों को दरकिनार करना मुश्किल होगा।
30 जून तक लिए जाएंगे सुझाव
आयोग के चेयरमैन अजय वीर जाखड़ ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद नीति का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। अब तीस जून तक आम किसानों से इस पर सुझाव लिए जाएंगे। उसके बाद फाइनल ड्राफ्ट को सरकार को सौंप दिया जाएगा।
जहां तक सरकार का सवाल है, हम सभी किसानों को बिजली सब्सिडी देने को वचनबद्ध हैं। पंजाब किसान आयोग ने लोगों के सुझाव लेने को ड्राफ्ट खेतीबाड़ी नीति जारी की है। सुझाव लेने के बाद आयोग अंतिम ड्राफ्ट सरकार को सौंपेगा। तब फैसला किया जाएगा कि क्या लागू करना है और कैसे लागू करना है।
- कैप्टन अमरिंदर सिंह, सीएम, पंजाब