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Punjab News: भूजल निकालने के लिए नियमों में छूट, पंजाब में बोरिंग की नहीं लेनी होगी अनुमति
Mon, 30 Jan 2023 02:26 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 30 Jan 2023 02:26 AM IST
सार
पंजाब जल नियामक विकास प्राधिकरण ने ग्राउंड वाटर एक्सट्रैक्शन एंड कंजर्वेशन एक्ट-2020 में संशोधन किया है। प्राधिकरण की ओर से जारी नई नियमावली को बीते 27 जनवरी को प्रकाशित कर दिया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Istock
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विस्तार
पंजाब में अब कृषि समेत अन्य निजी इस्तेमाल के लिए भूमिगत जल निकालने के लिए सरकार से अनुमति नहीं लेनी होगी। पीडब्ल्यूआरडीए (पंजाब जल नियामक विकास प्राधिकरण ) ने कृषि के लिए अपना ट्यूबवेल बोर करवाने के लिए अनुमति लेने में छूट प्रदान की है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। कृषि के अलावा पेयजल और घरेलू उपयोग समेत अन्य कुछ मामलों में सरकार ने राहत प्रदान की है।
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पंजाब जल नियामक विकास प्राधिकरण ने ग्राउंड वाटर एक्सट्रैक्शन एंड कंजर्वेशन एक्ट-2020 में संशोधन किया है। प्राधिकरण की ओर से जारी नई नियमावली को बीते 27 जनवरी को प्रकाशित कर दिया गया है।
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नए नियम 1 फरवरी 2023 से लागू होंगे। गौर हो कि पीडब्ल्यूआरडीए राज्य में भूजल से संबंधित योजनाओं की अनुमति देता है। प्राधिकरण की अनुमति मिलने के बाद ही भूजल का इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन इस बार अथॉरिटी की ओर से कुछ मामलों में अनुमति को लेकर छूट दी गई है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
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जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूआरडीए ने पंजाब में भूजल के इस्तेमाल पर नियमों को लचीला बनाते हुए स्वीकृति में छूट प्रदान की है। इनमें पानी को पीने के लिए उपयोग करना और घरेलू इस्तेमाल को शामिल किया गया है। इसके अलावा केवल कृषि के लिए भूजल का इस्तेमाल करने पर भी अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।
वहीं, धार्मिक कार्य में पूजा आदि के लिए पानी का इस्तेमाल करना, सरकारी पेयजल और घरेलू जल आपूर्ति योजना, सेना और केंद्रीय पैरा मिलिट्री फोर्स द्वारा पानी का इस्तेमाल, शहरी निकाय, पंचायती राज संस्थान, कैंटोनमेंट बोर्ड, सुधार ट्रस्ट और क्षेत्र विकास प्राधिकरण को नियमों में छूट प्रदान की गई है।
नए नियमों के तहत इस तरह की कोई भी इकाई प्रति माह 300 क्यूबिक मीटर भू जल का ही दोहन कर सकेगी। इससे ऊपर पानी के इस्तेमाल पर पीडब्ल्यूआरडीए से अनुमति लेनी होगी। पंजाब जल नियामक एवं विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस करण अवतार सिंह ने बताया कि पंजाब भूजल निकासी और संरक्षण दिशा-निर्देश 2023 को पंजाब सरकार के राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित कर दिया गया है। इसमें कई तरह की छूट शामिल हैं। यह 1 फरवरी से लागू हो जाएगा।