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पुनर्वास योजना के तहत मलोया में फ्लैट अलॉट हुआ है, तो ये खबर बेहद जरूरी...नहीं होंगे मालिक
Tue, 01 Jan 2019 11:45 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 01 Jan 2019 11:45 AM IST
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पुनर्वास योजना के तहत मलोया में अगर आपको फ्लैट आवंटित हुआ है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सबसे खास बात यह है कि फ्लैट की चाबी मिलने के बाद आप स्वयं को इसका मालिक न समझें। इसके लिए आपको 20 साल तक इंतजार करना पड़ेगा। अलॉटियों को अभी हर माह एक हजार रुपये के रेंट पर यह फ्लैट्स दिए जा रहे हैं। आगामी 20 साल तक सभी आवंटियों को लाइसेंस फीस जमा करनी होगी। इसके बाद प्रशासन के द्वारा यह निर्णय लिया जाएगा कि आपको फ्लैट का मालिकाना हक दिया जाय या नहीं।
अगर 20 साल बाद आपको मालिकाना हक दिया जाएगा तो इसके लिए अलग से आपको प्रशासन द्वारा निर्धारित धनराशि जमा करानी होगी। इसके लिए अभी प्रशासन द्वारा पॉलिसी बनाई जा रही है। आवंटियों को फ्लैट्स अलॉट होने के बाद लगातार 20 साल तक एक हजार रुपये लाइसेंस शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद ही उन्हें मालिकाना हक मिल पाएगा। अगर बीच में लाइसेंस शुल्क जमा करने में कुछ विलंब होता है, तो इसकी पूरी जानकारी प्रमाण सहित सीएचबी को बताना होगा। यदि सीएचबी को आपके तर्क सही लगे तो ठीक है। अन्यथा आपको मालिकाना हक मिल पाना संभव नही है। यहां पर लगभग पांच हजार लोगों को फ्लैट्स मिलने हैं।
इस माह में होना है ड्रॉ
फाइनेंस सेक्रेटरी एवं सीएचबी के चेयरमैन अजय कुमार सिन्हा की मानें तो अलॉटियों की सुविधा के लिए मलोया में चिकित्सा एवं सुरक्षा के साथ सभी प्रकार सेवाएं दी जाएंगी। जिससे कि आवंटियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। अवांटियों के लिए छत देने के लिए जनवरी माह में ड्रॉ करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए यूटी प्रशासन से डेट मिलने का इंतजार है। बताया जा रहा है कि 15 जनवरी तक ड्रॉ की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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दिखेगी हर ओर हरियाली
लाभार्थियों को फ्लैट्स अलॉट करने से पहले सीएचबी यहां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। इससे पहले धनास में जब पुनर्वास योजना के तहत मकान अलॉट किए गए थे, वहां पर सुविधाओं के नाम पर लोगों को ठगा गया था। यही वजह है कि विभाग इस बार कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है। चारों तरफ से हरियाली को लेकर भी काम चल रहा है। यह सभी फ्लैट इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कालोनी नंबर-4 के वासियों को अलॉट किए जाएंगे।
यहां मिलेंगे आवास
पुनर्वास योजना के लिए अब तक बायोमीट्रिक सर्वे के तहत 23974 लोग सामने आए हैं। प्रशासन की ओर से अब तक 12736 मकानों का निर्माण किया जा चुका है। बोर्ड इसके अलावा इस स्कीम के तहत शहर में आठ अलग-अलग जगहों पर 25 हजार फ्लैटों का निर्माण कर चुका है। इसमें सेक्टर-49,सेक्टर-38 वेस्ट, राम दरबार, मौलीजागरां और धनास शामिल हैं
मिलेंगी हर सुविधाएं
मलोया में आवंटियों की सुरक्षा को देखते हुए सीएचबी पुलिस विभाग को 16 फ्लैट्स अलॉट करेगा। यह फ्लैट पुलिस पोस्ट के लिए होंगे। दो फ्लैट्स पोस्ट ऑफिस के लिए होंगे। 1 फ्लैट संपर्क सेंटर और एक एटीएम के लिए रखा गया है। यहां दो कम्युनिटी सेंटर, दो स्कूल के साथ ओपन एयर जिम और मार्केट भी होगी। चार फ्लैट्स हेल्थ डिपार्टमेंट को डिस्पेंसरी के लिए अलॉट किए जा रहे हैं।
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अगर 20 साल बाद आपको मालिकाना हक दिया जाएगा तो इसके लिए अलग से आपको प्रशासन द्वारा निर्धारित धनराशि जमा करानी होगी। इसके लिए अभी प्रशासन द्वारा पॉलिसी बनाई जा रही है। आवंटियों को फ्लैट्स अलॉट होने के बाद लगातार 20 साल तक एक हजार रुपये लाइसेंस शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद ही उन्हें मालिकाना हक मिल पाएगा। अगर बीच में लाइसेंस शुल्क जमा करने में कुछ विलंब होता है, तो इसकी पूरी जानकारी प्रमाण सहित सीएचबी को बताना होगा। यदि सीएचबी को आपके तर्क सही लगे तो ठीक है। अन्यथा आपको मालिकाना हक मिल पाना संभव नही है। यहां पर लगभग पांच हजार लोगों को फ्लैट्स मिलने हैं।
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इस माह में होना है ड्रॉ
फाइनेंस सेक्रेटरी एवं सीएचबी के चेयरमैन अजय कुमार सिन्हा की मानें तो अलॉटियों की सुविधा के लिए मलोया में चिकित्सा एवं सुरक्षा के साथ सभी प्रकार सेवाएं दी जाएंगी। जिससे कि आवंटियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। अवांटियों के लिए छत देने के लिए जनवरी माह में ड्रॉ करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए यूटी प्रशासन से डेट मिलने का इंतजार है। बताया जा रहा है कि 15 जनवरी तक ड्रॉ की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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दिखेगी हर ओर हरियाली
लाभार्थियों को फ्लैट्स अलॉट करने से पहले सीएचबी यहां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। इससे पहले धनास में जब पुनर्वास योजना के तहत मकान अलॉट किए गए थे, वहां पर सुविधाओं के नाम पर लोगों को ठगा गया था। यही वजह है कि विभाग इस बार कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है। चारों तरफ से हरियाली को लेकर भी काम चल रहा है। यह सभी फ्लैट इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कालोनी नंबर-4 के वासियों को अलॉट किए जाएंगे।
यहां मिलेंगे आवास
पुनर्वास योजना के लिए अब तक बायोमीट्रिक सर्वे के तहत 23974 लोग सामने आए हैं। प्रशासन की ओर से अब तक 12736 मकानों का निर्माण किया जा चुका है। बोर्ड इसके अलावा इस स्कीम के तहत शहर में आठ अलग-अलग जगहों पर 25 हजार फ्लैटों का निर्माण कर चुका है। इसमें सेक्टर-49,सेक्टर-38 वेस्ट, राम दरबार, मौलीजागरां और धनास शामिल हैं
मिलेंगी हर सुविधाएं
मलोया में आवंटियों की सुरक्षा को देखते हुए सीएचबी पुलिस विभाग को 16 फ्लैट्स अलॉट करेगा। यह फ्लैट पुलिस पोस्ट के लिए होंगे। दो फ्लैट्स पोस्ट ऑफिस के लिए होंगे। 1 फ्लैट संपर्क सेंटर और एक एटीएम के लिए रखा गया है। यहां दो कम्युनिटी सेंटर, दो स्कूल के साथ ओपन एयर जिम और मार्केट भी होगी। चार फ्लैट्स हेल्थ डिपार्टमेंट को डिस्पेंसरी के लिए अलॉट किए जा रहे हैं।