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कोरोना वायरस ने रंग में डाला भंग, भारतीय बाजार हुए 'बेरंग', चीन से नहीं आ रहा सामान का स्टॉक
Thu, 20 Feb 2020 02:09 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 20 Feb 2020 02:09 PM IST
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फेस मास्क
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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चीन में फैले कोरोना वायरस का असर भारत में होली के त्योहार पर भी पड़ेगा। हाल यह है कि चीन से आने वाले विभिन्न प्रकार के सामानों के दामों में 30 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। सबसे ज्यादा असर मोबाइल से जुड़े सामान, प्लास्टिक के उत्पाद, दवाइयां, खिलौने और कपड़ों पर पड़ा है। नवंबर के बाद चीन से सामान नहीं आया है, जिसकी वजह से व्यापारी पुराने स्टॉक से ही काम चला रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यही स्थिति रही तो अगले 30 दिनों में सभी सामानों के दाम दोगुने हो जाएंगे। पेश है एक विस्तृत रिपोर्ट...
चीन में फैले कोरोना वायरस का असर चंडीगढ़ के सर्जिकल बाजार पर इतना हावी हो चुका है कि मार्केट से मास्क ही गायब हो गए हैं। स्थिति यह है कि पिछले एक महीने से यहां की सर्जिकल मार्केट में मास्क की आपूर्ति ठप पड़ी है। आपूर्तिकर्ता कंपनियों ने सप्लायर को स्टॉक देने से मना कर दिया है। चंडीगढ़ में सर्जिकल आइटम की आपूर्ति करने वाले सप्लायरों का कहना है कि कंपनियां दोगुने से भी ज्यादा दाम पर उसकी आपूर्ति सीधे चीन को कर रही हैं। उसके कारण ही सामान्य स्तर वाले मास्क भी बाजार से गायब हो चुके हैं।
इतना ही नहीं बिजनेसमैन ऑनलाइन मास्क की खरीदकर उसके स्टॉक डंप कर रहे हैं। वे उसे दोगुने से भी ज्यादा दाम पर चीन भेज रहे हैं। माल को दिल्ली से सीधे चीन भेजा जा रहा है। चंडीगढ़ में सर्जिकल आइटम की सप्लाई करने वाले सुशील सिंघल ने बताया कि मुंबई की मास्क निर्माता कंपनियों ने साफ तौर पर मना कर दिया है। उनका कहना है कि वे आगामी तीन से चार महीनों के बाद ही इसकी आपूर्ति सामान्य तौर पर सुनिश्चित कर पाएंगी। कोरोना वायरस के डर के कारण चंडीगढ़ के लोग भी एहतियातन मास्क का प्रयोग करना चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लग रही है।
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मार्केट में कहीं भी मास्क उपलब्ध नहीं है। वहीं, सेक्टर 31 व पीजीआई दवा मार्केट के मेडिकल शॉप वालों का कहना है कि डर का आलम यह है कि लोग 10 रुपये में मिलने वाला डिस्पोजेबल मास्क 50 रुपये और 100 रुपये वाला एन95 मास्क 500 रुपये तक में खरीदने के लिए तैयार हैं, लेकिन उपलब्धता ही नहीं है।
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चीन में फैले कोरोना वायरस का असर चंडीगढ़ के सर्जिकल बाजार पर इतना हावी हो चुका है कि मार्केट से मास्क ही गायब हो गए हैं। स्थिति यह है कि पिछले एक महीने से यहां की सर्जिकल मार्केट में मास्क की आपूर्ति ठप पड़ी है। आपूर्तिकर्ता कंपनियों ने सप्लायर को स्टॉक देने से मना कर दिया है। चंडीगढ़ में सर्जिकल आइटम की आपूर्ति करने वाले सप्लायरों का कहना है कि कंपनियां दोगुने से भी ज्यादा दाम पर उसकी आपूर्ति सीधे चीन को कर रही हैं। उसके कारण ही सामान्य स्तर वाले मास्क भी बाजार से गायब हो चुके हैं।
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इतना ही नहीं बिजनेसमैन ऑनलाइन मास्क की खरीदकर उसके स्टॉक डंप कर रहे हैं। वे उसे दोगुने से भी ज्यादा दाम पर चीन भेज रहे हैं। माल को दिल्ली से सीधे चीन भेजा जा रहा है। चंडीगढ़ में सर्जिकल आइटम की सप्लाई करने वाले सुशील सिंघल ने बताया कि मुंबई की मास्क निर्माता कंपनियों ने साफ तौर पर मना कर दिया है। उनका कहना है कि वे आगामी तीन से चार महीनों के बाद ही इसकी आपूर्ति सामान्य तौर पर सुनिश्चित कर पाएंगी। कोरोना वायरस के डर के कारण चंडीगढ़ के लोग भी एहतियातन मास्क का प्रयोग करना चाह रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लग रही है।
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मार्केट में कहीं भी मास्क उपलब्ध नहीं है। वहीं, सेक्टर 31 व पीजीआई दवा मार्केट के मेडिकल शॉप वालों का कहना है कि डर का आलम यह है कि लोग 10 रुपये में मिलने वाला डिस्पोजेबल मास्क 50 रुपये और 100 रुपये वाला एन95 मास्क 500 रुपये तक में खरीदने के लिए तैयार हैं, लेकिन उपलब्धता ही नहीं है।
कपड़ा व्यापार पर भी असर, दाम बढ़ने की आशंका
कोराना वायरस का असर होलसेल कपड़ा मार्केट पर भी पड़ रहा है। शहर के कपड़ा व्यापारी अश्विनी कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह से नवंबर के बाद कपड़े का स्टॉक नही आया है। वायरस की वजह से चीन में इंडिया के ब्रोकर्स ने अपने ऑफिस बंद कर लिए हैं। कपड़े के दाम में बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि चीन से स्टॉक के नहीं आने से भारतीय कपड़ा बाजार की डिमांड बढ़ेगी, जो देश के लिए अच्छा है। बताया कि जो समान व्यापारी चीन से मंगवाते हैं, वह देश में भी मौजूद है, लेकिन चीन के मुकाबले वह महंगे हैं और चीन जैसी फिनिशिंग नहीं है। ऐसे में अब यहां बनने वाले कपड़े महंगे होने के साथ-साथ उनकी क्वॉलिटी में भी थोड़ा फर्क आएगा। इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। ऐसे में कपड़े की डिमांड काफी आ रही है।
बेडशीट, प्लास्टिक के उत्पादों पर तो अभी से दिखने लगा असर
सेक्टर-22 के महादेव हैंडलूम के मालिक जयवीर सिंह ने बताया कि शहर के बाजारों में बैंडलूम का काफी सामान चीन से आता है। कोरोना वायरस के फैलने के बाद से ऊनी कपड़े, चादर, बेडशीट आदि सामान नहीं आ रहे हैं। ग्राहकों पर भी असर पड़ने लगा है। बेडशीट के दाम वर्तमान में ही 12 से 15 फीसदी महंगे हो चुके हैं, जबकि प्लास्टिक के उत्पाद भी 20 से 25 फीसदी महंगे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अगले 4-5 महीनों तक चीन से स्टॉक आने की कोई उम्मीद भी नहीं है। ऐसे में दामों में काफी बढ़ोतरी की आशंका है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि चीन से स्टॉक के नहीं आने से भारतीय कपड़ा बाजार की डिमांड बढ़ेगी, जो देश के लिए अच्छा है। बताया कि जो समान व्यापारी चीन से मंगवाते हैं, वह देश में भी मौजूद है, लेकिन चीन के मुकाबले वह महंगे हैं और चीन जैसी फिनिशिंग नहीं है। ऐसे में अब यहां बनने वाले कपड़े महंगे होने के साथ-साथ उनकी क्वॉलिटी में भी थोड़ा फर्क आएगा। इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। ऐसे में कपड़े की डिमांड काफी आ रही है।
बेडशीट, प्लास्टिक के उत्पादों पर तो अभी से दिखने लगा असर
सेक्टर-22 के महादेव हैंडलूम के मालिक जयवीर सिंह ने बताया कि शहर के बाजारों में बैंडलूम का काफी सामान चीन से आता है। कोरोना वायरस के फैलने के बाद से ऊनी कपड़े, चादर, बेडशीट आदि सामान नहीं आ रहे हैं। ग्राहकों पर भी असर पड़ने लगा है। बेडशीट के दाम वर्तमान में ही 12 से 15 फीसदी महंगे हो चुके हैं, जबकि प्लास्टिक के उत्पाद भी 20 से 25 फीसदी महंगे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अगले 4-5 महीनों तक चीन से स्टॉक आने की कोई उम्मीद भी नहीं है। ऐसे में दामों में काफी बढ़ोतरी की आशंका है।
दवा, स्टेशनरी और खिलौने के भी दाम बढे़
चीन से खाद्य पदार्थ ही नहीं रोजाना इस्तेमाल के कई ऐसे उत्पाद हैं, जो चीन से आयात किए जाते हैं। इसमें दवा में इस्तेमाल होने वाला रॉ-मैटेरियल और स्टेशनरी भी शामिल है। स्टेशनरी शॉप मालिक की मानें तो नया सत्र दो माह बाद शुरू होने वाला है, पुराने माल का स्टॉक जिस भी व्यापारी के पास है, उसके भी दाम में इजाफा हो चुका है, जबकि नया माल अभी आने में समय लगेगा। ऐसे में स्टेशनरी सहित अन्य के दाम भी बढ़े गए हैं। खिलौने का काम करने वाले होलसेल कारोबारियों का कहना है कि नया माल न आने से वेरायटी कम होती जा रही है। खिलौने ज्यादातर चीन से ही आते हैं। नया स्टॉक नहीं आने से कीमतों से 20-40 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है।
अब मोबाइल बनवाना भी हुआ महंगा
शहर की सबसे बड़ी मोबाइल मार्केट सेक्टर-22 की मार्केट में बिकने वाले मोबाइल चार्जर, पेन ड्राइव, मोबाइल कवर, बैटरी, लैपटॉप बैटरी, मोबाइल का टेंपर ग्लास, इमरजेंसी लाइट सहित कई उत्पाद महंगे हो गए हैं। मोबाइल के सामानों के थोक विक्रेता परविंदर सिंह ने बताया कि मोबाइल के विभिन्न पार्ट्स की कीमतें बढ़ गई हैं। टच पैड और डिस्प्ले की कीमत में 40 से 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एक महीना और सामान नहीं आया तो कीमतें दोगुनी हो जाएंगी। कहा कि, अभी से ही कुछ सामानों की उपलब्धता भी कम हो गई है। दिल्ली में भी सामान नहीं मिल रहे हैं।
अब मोबाइल बनवाना भी हुआ महंगा
शहर की सबसे बड़ी मोबाइल मार्केट सेक्टर-22 की मार्केट में बिकने वाले मोबाइल चार्जर, पेन ड्राइव, मोबाइल कवर, बैटरी, लैपटॉप बैटरी, मोबाइल का टेंपर ग्लास, इमरजेंसी लाइट सहित कई उत्पाद महंगे हो गए हैं। मोबाइल के सामानों के थोक विक्रेता परविंदर सिंह ने बताया कि मोबाइल के विभिन्न पार्ट्स की कीमतें बढ़ गई हैं। टच पैड और डिस्प्ले की कीमत में 40 से 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एक महीना और सामान नहीं आया तो कीमतें दोगुनी हो जाएंगी। कहा कि, अभी से ही कुछ सामानों की उपलब्धता भी कम हो गई है। दिल्ली में भी सामान नहीं मिल रहे हैं।
ये सामान हुए महंगे(रुपये में)
सामान--------------------------------पुराने दाम----------नए दाम
पेन ड्राइव (32 जीबी)-----------------250-350---------350-600
ग्लास कार्ड-------------------------------50----------70-100
मोबाइल डिस्पले--------------------1200-1400--------1500-1700
मोबाइल कवर------------------------80-400----------120-520
चार्जर--------------------------------200-------------250-500
पावर बैंक (10 हजार एमएएच)-------400-600----------450 से 700
हार्ड डिस्क (एक जीबी)----------------3000---------------3400
डाटा केबल------------------------------50-------------70-100
ईयर फोन--------------------------------70--------------80-100
पेन ड्राइव (32 जीबी)-----------------250-350---------350-600
ग्लास कार्ड-------------------------------50----------70-100
मोबाइल डिस्पले--------------------1200-1400--------1500-1700
मोबाइल कवर------------------------80-400----------120-520
चार्जर--------------------------------200-------------250-500
पावर बैंक (10 हजार एमएएच)-------400-600----------450 से 700
हार्ड डिस्क (एक जीबी)----------------3000---------------3400
डाटा केबल------------------------------50-------------70-100
ईयर फोन--------------------------------70--------------80-100
गुब्बारे, पिचकारी के दाम बढ़ेंगे
शहर के पिचकारी व्यवसायी मनोज चावला ने बताया कि चीन में फैले कोरोना वायरस का सीधा असर होली त्योहार पर पड़ रहा है। कहा कि, जिन व्यापारियों ने अक्तूबर के महीने में स्टॉक मंगवा लिया था, उनके लिए तो ठीक है, लेकिन ज्यादातर व्यापारी जनवरी का इंतजार करते हैं, इसलिए उन सभी का स्टॉक चीन में भी फंस गया है।
पिचकारी का पुराना स्टॉक ही थोक व्यापारियों द्वारा इस वर्ष निकाला जाएगा। मनोज चावला के अनुसार इस बार 30 से 35 फीसदी महंगी पिचकारी और गुब्बारे लोगों को खरीदना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हर साल पानी भरकर पिचकारी के रूप में इस्तेमाल करने वाली तमाम सामग्रियां चीन से आती हैं। इस बार कोई सामग्री नहीं आ पाई है। जो पहले से मौजूद है, वही बाजार में बिकेंगी।
ऐसे में निश्चित रूप से हर खिलौने के भाव बढ़ेंगे।
पिचकारी का पुराना स्टॉक ही थोक व्यापारियों द्वारा इस वर्ष निकाला जाएगा। मनोज चावला के अनुसार इस बार 30 से 35 फीसदी महंगी पिचकारी और गुब्बारे लोगों को खरीदना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हर साल पानी भरकर पिचकारी के रूप में इस्तेमाल करने वाली तमाम सामग्रियां चीन से आती हैं। इस बार कोई सामग्री नहीं आ पाई है। जो पहले से मौजूद है, वही बाजार में बिकेंगी।
ऐसे में निश्चित रूप से हर खिलौने के भाव बढ़ेंगे।