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अदालतों के विकास में केंद्र का सहयोग नहीं : बादल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 20 Feb 2014 07:35 PM IST
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पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सूबे में अदालतों के आधारभूत ढांचे के विकास में केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अदालतों के विकास में केंद्र सरकार कोई सहयोग राज्य सरकार को नहीं मिला है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 700 करोड़ रुपये अपनी जेब से खर्च कर अदालतों के आधारभूत ढांचे में सुधार किया है।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल वीरवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में नई लाइब्रेरी के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने वकीलों के कल्याण कोष के लिए एक करोड़ रुपये का अनुदान भी दिया।
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उन्होंने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा न्यू चंडीगढ़(मुल्लांपुर) में वकीलों की रिहायशों के लिए दस एकड़ जमीन देने की मांग को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि प्रधान सचिव ने उन्हें चिट दी है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि अब गमाडा की जमीन को किसी सोसायटी को अलॉट करने का कोई प्रावधान नहीं है।
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उन्होंने वकीलों को आश्वासन दिया कि वह इस मामले में एडवोकेट जनरल से राय मशवरा करेंगे और अगर कोई प्रावधान निकलता है, तो वह जरूर इस पर विचार करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान चीफ जस्टिस संजय किशन कौल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनमोल रत्न सिद्धु और बार की अन्य कार्यकारिणी सदस्यों के अलावा भारी संख्या में वकील उपस्थित रहे।
अभी नहीं देखे सुप्रीमकोर्ट के आदेश
पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषियों की रिहाई के मामले में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि विश्लेषण करने के बाद ही किसी निर्णय तक पहुंचा जा सकता है।