{"_id":"6439a6881bb344d7c107b1b3","slug":"no-clues-yet-on-bathinda-military-station-killings-2023-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bathinda: तीन दिन बाद भी हमलावरों का सुराग नहीं, दिल्ली से पहुंची सेना की टीम, क्राइम सीन किया रिक्रिएट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bathinda: तीन दिन बाद भी हमलावरों का सुराग नहीं, दिल्ली से पहुंची सेना की टीम, क्राइम सीन किया रिक्रिएट
Sat, 15 Apr 2023 12:52 AM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 15 Apr 2023 12:52 AM IST
सार
बुधवार सुबह साढ़े चार बजे 80 मीडियम रेजिमेंट की बैरकों में सो रहे चार जवानों की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में थाना कैंट पुलिस ने रेजिमेंट के मेजर शुक्ला की शिकायत पर दो अज्ञात आरोपितों के खिलाफ हत्या व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
Bathinda Military Station Firing
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बठिंडा सैन्य छावनी में बुधवार तड़के साढ़े चार बजे 80 मीडियम रेजिमेंट के चार जवानों की हत्या के मामले में तीन दिन बाद भी पुलिस व सेना के हाथ कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस व सेना की संयुक्त टीमें हमलावरों की तलाश कर रही हैं। इस बीच बेहद पेचीदा बन चुके इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए दिल्ली से भी सेना के अधिकारियों की टीम बठिंडा कैंट पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया है। घटना का क्राइम सीन रिक्रिएट कर यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि फायरिंग करने के बाद हमलावर किस दिशा में भागकर छिप सकते हैं।
विज्ञापन
पुलिस व सेना की जांच टीम अभी तक यही मानकर चल रही है कि उक्त वारदात को कैंट के अंदर रहने वाले लोगों में से ही किसी ने अंजाम दिया है। सेना की तरफ से बठिंडा कैंट में तैनात विभिन्न रेजीमेंट और बटालियनों के फौजियों और उनके परिवारों वालों की गिनती की जा रही है, ताकि पता चल सके कि वारदात के बाद कोई जवान या उसके परिवार वाले गायब तो नहीं हैं। इसके अलावा सेना के अधिकारी इस मामले को आपसी रंजिश मानकर भी जांच कर रहे हैं।
विज्ञापन
जान गंवाने वाले जवानों का पिछले कुछ दिनों में किसी के साथ झगड़ा होने के एंगल से भी जांच की जा रही है। इसके लिए उनके साथ तैनात जवानों से पूछताछ की जा रही है। दूसरी तरफ मृतक जवानों के शरीर पर किसी भी तेजधार हथियार से चोट के निशान न मिलने से मामला उलझ गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि हमलावर दो थे और एक के हाथ में रिवॉल्वर और एक के हाथ में कुल्हड़ी जैसा तेजधार हथियार था। जांच टीम चश्मदीदों से दोबारा पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन
यह है मामला
बुधवार सुबह साढ़े चार बजे 80 मीडियम रेजिमेंट की बैरकों में सो रहे चार जवानों की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में थाना कैंट पुलिस ने रेजिमेंट के मेजर शुक्ला की शिकायत पर दो अज्ञात आरोपितों के खिलाफ हत्या व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। हमलावरों के जंगल में भागने की आशंका के बाद सर्च ऑपरेशन चला लेकिन कुछ पता नहीं चला। उधर, इंसास राइफल की फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आई है।