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रद्द कर दिया गया 'नो कास्ट, नो रिलीजन, नो गॉड' सर्टिफिकेट, प्रशासन का आरोप- फर्जी थे दस्तावेज

Sun, 05 May 2019 10:35 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोहाना(फतेहाबाद)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोहाना(फतेहाबाद) Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 05 May 2019 10:35 AM IST
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No Cast, No Religion and No God certificate cancelled by administration due to fake documents
फाइल फोटो
चार दिन पहले जारी किया गया नास्तिकता का प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया है। दरअसल, प्रशासन की ओर से युवक पर आरोप लगाए गए हैं। मामला हरियाणा के टोहाना का है। नायब तहसीलदार ओमप्रकाश ने चार दिन पहले रवि को नास्तिकता का प्रमाणपत्र जारी किया था। मामला सुर्खियों में आने के बाद शनिवार को प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया।
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नायब तहसीलदार का कहना है कि रवि को कोर्ट से दसवीं की मार्कशीट में नाम के आगे नास्तिक लगाने की अनुमति मिली थी, लेकिन उसने इस आदेश की आड़ में गलत दस्तावेज प्रस्तुत करके प्रमाणपत्र बनवा लिया। जबकि रवि का कहना है कि प्रशासन ने उसके साथ नाइंसाफी की है। नायब तहसीलदार ने उसे पुलिस कार्रवाई की धमकी दी है। वहीं, नायब तहसीलदार ने धमकी देने के आरोप को खारिज किया है।
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बता दें कि 29 अप्रैल 2019 को किल्ला मोहल्ला निवासी रवि को नायब तहसीलदार ने नो कास्ट, नो रिलीजन, नो गॉड का सर्टिफिकेट जारी किया था। इस बीच, रवि की ओर से एक ऑडियो वायरल किया गया, जिसमें नायब तहसीलदार उसे सर्टिफिकेट वापस देने की बात कह रहे हैं। रवि ने बताया कि उसने कोर्ट में याचिका दायर कर अपना सरनेम नास्तिक लगाने की मांग की थी।
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कोर्ट ने उसे इसकी इजाजत दी थी। उसने डीसी को लेटर देकर तहसीलदार से नो कास्ट सर्टिफिकेट जारी करने की मांग की थी। डीसी ने तहसीलदार को सर्टिफिकेट जारी करने को कहा था। इसके बाद तहसीलदार ने सर्टिफिकेट जारी किया था। रवि का आरोप है कि जब इसकी चर्चा देश भर में होने लगी तो प्रशासनिक अधिकारी उसे धमकियां देने लगे। सर्टिफिकेट वापस मांगने लगे।

भेदभाव को खत्म करने के लिए बनवाया प्रमाण पत्र: रवि

देश में धर्म और जाति के नाम पर लोगों को बांटा जा रहा है। धर्म के ठेकेदार जनता को लूटते रहते हैं। जाति-धर्म के नाम पर हो रहे भेदभाव को समाप्त करने के लिए मैंने कोर्ट में नास्तिक बनने की अर्जी लगाई थी। नास्तिक के सर्टिफिकेट के लिए सभी दस्तावेज डीसी को उपलब्ध कराए थे। अगर मेरे दस्तावेजों में कमी थी तो पहले क्यों नहीं जांचा और बताया गया? प्रमाण पत्र जारी करने के बाद वापस मांगा जाने लगा। नहीं देने पर पुलिस कार्रवाई की धमकी दी जाने लगी।
- रवि, नास्तिकता का प्रमाण पत्र बनवाने वाला

रवि ने गलत दस्तावेज प्रस्तुत करके नास्तिकता का सर्टिफिकेट बनवा लिया। जबकि उसे कोर्ट से केवल उसकी दसवीं की मार्कशीट पर शिक्षा बोर्ड से नाम के आगे नास्तिक लगाने का आदेश मिला था। इसी वजह से तहसील कार्यालय से जारी सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया गया है। धमकी देने का आरोप बेबुनियाद है। उसे कई बार बुलाया गया कि वह सर्टिफिकेट जमा करवा दे, लेकिन वह नहीं आया।
- ओमप्रकाश, नायब तहसीलदार, टोहाना
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