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गुड न्यूज : अब मजदूरों के लिए खुलेंगे नाइट स्कूल और कॉलेज, 20 में अगस्त से लगेंगी कक्षाएं
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Tue, 26 Jul 2016 12:57 AM IST
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- फोटो : file photo
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जो लेबर और इंडस्ट्रियल वर्कर अपने काम की वजह से पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए हैं। उनके लिए अच्छी खबर है। चंडीगढ़ लेबर डिपार्टमेंट ऐसे लोगाें के लिए नाइट स्कूल और कॉलेज खोलने जा रहा है। सेक्टर-20 स्थित गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन में अगस्त से यह नाइट स्कूल और कॉलेज शुरू करने की योजना है।
डीसी कम लेबर कमिश्नर अजीत बालाजी जोशी के आदेशों के बाद लेबर डिपार्टमेंट के अधिकारी इस प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। इस स्कूल में 7वीं से 12वीं कक्षा तक की स्कूली शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा कॉलेज लेवल पर ग्रेजुएशन के कई कोर्सेज का विकल्प उपलब्ध करवाया जाएगा। छह हजार मजदूर और इंडस्ट्रियल वर्कर लेबर डिपार्टमेंट के पास पंजीकृत हैं। जबकि 10 हजार से अधिक गैर पंजीकृत वर्कर भी हैं।
इनमें सैकड़ों ऐसे वर्कर हैं, जो खराब आर्थिक स्थिति के कारण अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए। परिवार का गुजर बसर करने के लिए मजबूरी में पढ़ाई बीच में छोड़कर काम धंधे में लग गए। बाद में कभी शिक्षा के रास्ते पर लौट नहीं सके। दिन में काम भी न छूटे और रात में कौशल विकास के लिए शिक्षा हासिल कर सके। इस उद्देश्य से लेबर डिपार्टमेंट यह नई पहल करने जा रहा है। यह शिक्षा लेबर और इंडस्ट्रियल वर्करों को निशुल्क मुहैया करवाई जाएगी। किताबें भी लेबर विभाग ही निशुल्क उपलब्ध करवाएगा।
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इसके लिए विभिन्न ट्रेड यूनियनों की मदद ली जाएगी। इसके लिए ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों से प्रशासन की मीटिंग भी हो चुकी है। जिसके बाद प्रोजेक्ट को फाइनल रूप दिया जा चुका है। इस लेबर स्कूल और कॉलेज के खुलने का समय अभी निश्चित नहीं किया गया है। लेकिन बताया जा रहा है कि लेबर की छुट्टी को ध्यान में रखते हुए शाम पांच से छह बजे के बाद ही इसे खोला जाएगा। फैकल्टी के लिए लेबर डिपार्टमेंट शिक्षा विभाग से मदद लेगा।
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डीसी कम लेबर कमिश्नर अजीत बालाजी जोशी के आदेशों के बाद लेबर डिपार्टमेंट के अधिकारी इस प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। इस स्कूल में 7वीं से 12वीं कक्षा तक की स्कूली शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा कॉलेज लेवल पर ग्रेजुएशन के कई कोर्सेज का विकल्प उपलब्ध करवाया जाएगा। छह हजार मजदूर और इंडस्ट्रियल वर्कर लेबर डिपार्टमेंट के पास पंजीकृत हैं। जबकि 10 हजार से अधिक गैर पंजीकृत वर्कर भी हैं।
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इनमें सैकड़ों ऐसे वर्कर हैं, जो खराब आर्थिक स्थिति के कारण अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए। परिवार का गुजर बसर करने के लिए मजबूरी में पढ़ाई बीच में छोड़कर काम धंधे में लग गए। बाद में कभी शिक्षा के रास्ते पर लौट नहीं सके। दिन में काम भी न छूटे और रात में कौशल विकास के लिए शिक्षा हासिल कर सके। इस उद्देश्य से लेबर डिपार्टमेंट यह नई पहल करने जा रहा है। यह शिक्षा लेबर और इंडस्ट्रियल वर्करों को निशुल्क मुहैया करवाई जाएगी। किताबें भी लेबर विभाग ही निशुल्क उपलब्ध करवाएगा।
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इसके लिए विभिन्न ट्रेड यूनियनों की मदद ली जाएगी। इसके लिए ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों से प्रशासन की मीटिंग भी हो चुकी है। जिसके बाद प्रोजेक्ट को फाइनल रूप दिया जा चुका है। इस लेबर स्कूल और कॉलेज के खुलने का समय अभी निश्चित नहीं किया गया है। लेकिन बताया जा रहा है कि लेबर की छुट्टी को ध्यान में रखते हुए शाम पांच से छह बजे के बाद ही इसे खोला जाएगा। फैकल्टी के लिए लेबर डिपार्टमेंट शिक्षा विभाग से मदद लेगा।