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नाइजीरियन गिरफ्तार.. जानिए फेसबुक मैसेंजर पर लड़की बनकर कैसे करता था ठगी
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फेसबुक मैसेंजर पर लड़की बनकर ठगी करने का आरोपी नाइजीरियन पुलिस की गिरफ्त में।
चंडीगढ़। साइबर सेल ने ग्रेटर नोएडा से एक नाइजीरियन को गिरफ्तार किया है। नाइजीरियन के खिलाफ फेसबुक मैसेंजर पर युवती की फोटो लगाकर साफ्टवेयर की मदद से लड़की की आवाज निकालकर लोगों से ठगी करने का आरोप है। साइबर सेल ने मूलरूप से नाइजीरिया के अनमबरा ओनितशा निवासी आरोपी फ्रैंसिस इमेका डूरओबसी (37) के पास से 14 मोबाइल, 7 डेबिट कार्ड, एक लैपटॉप और एक पैन ड्राइव बरामद की है। बुधवार को आरोपी को जिला अदालत में पेश कर 4 दिन का रिमांड हासिल किया है ताकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों के नामों का खुलासा हो सके।
जानकारी के अनुसार, 22 अगस्त 2020 को सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में दी शिकायत में साधो सिंह ने बताया था कि वह सेक्टर-21 निवासी है। उसके फेसबुक मैसेंजर पर एक मोबाइल नंबर आया, जिस पर व्हॉटसएप के जरिये जुड़ने को कहा गया। इस पर जुड़ते ही महिला ने खुद का नाम ब्रैंडा माना कावा बताकर कहा कि वह यूके से बात कर रही है। उसके पति की मौत हो चुकी है और वह गरीबों की मदद करना चाहती है। उसने आगे कहा कि वह एक कोरियर में रुपये भेज रही है। कोरियर में भेजे लाखों रुपयों लेकर वह गरीबों में बांट दे। इसके बाद 18 मई को उसे कोरियर देने वालों के फोन आने लगे, कोरियर को छुड़वाने के एवज में खाता नंबर से 48,700 रुपये फीस जमा करवाकर 20 हजार और जमा करवाया गया। इसके बाद उन्होंने कहा कि यूनाइटेड नेशन ऑफिस से कागज बनवाने के लिए एक लाख 60 हजार और जमा करवाना होगा, जिसके बाद 80 हजार और 39,350 रुपये और जमा करवा दिया। इसी तरह अलग-अलग तरह से झांसा देकर जालसाजों ने 14 लाख 62 हजार 730 रुपये ठगकर उसका फेसबुक अकाउंट ब्लॉक कर दिया। इस शिकायत के आधार पर साइबर सेल ने बीते 11 सितंबर को सेक्टर-19 थाने में मामला दर्ज करवाया, जिसके बाद साइबर सेल की डीएसपी रश्मि यादव की अगुवाई में सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम ने मंगलवार को आरोपी को ग्रेटर नोएडा से दबोच लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले करीब 7 साल से भारत में बिजनेस वीजा पर रह रहा है। बता दें कि सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम पिछले एक साल में 20 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
ऐसा करता था ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक मैसेंजर पर लोगों की प्रोफाइल देखकर उन्हें संदेश के जरिये दोस्ती करने का अनुरोध करता था। इसके लिए आरोपी ने अपने फेसबुक आईडी में युवती की फोटो लगा रखी थी। इस दौरान अगर कोई उसका दोस्त बन जाता तो वह खुद को यूएस, जर्मन, कनाडा, फ्रांस, इटली समेत अन्य देशों से बात करने का झांसा देकर पति की मौत की बात बताता और गरीबों की मदद करने का लालच देकर कोरियर को छुड़वाने के बहाने उनसे पैसा ऐंठ लेता था। इसके लिए वह मोेबाइल पर वाइस चेंजर साफ्टवेयर का इस्तेमाल करता था ताकि सामने वाले व्यक्ति को लगे कि उसकी किसी महिला से बातचीत हो रही है। फिलहाल, पुलिस अब आरोपी के मोबाइल से उसके पिछले रिकार्ड को खंगाल रही है।
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गिरोह में और भी आरोपियों के शामिल होने की आशंका
ठगी में अलग-अलग मोबाइल व बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ है। साइबर पुलिस को शक है कि इसमें कुछ और भी लोग शामिल हो सकते हैं। साइबर पुलिस का कहना है कि आरोपी से रिमांड के दौरान पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले में और खुलासा होगा कि आरोपी ने अब तक कितनी ठगी की है और इस गैंग में कितने लोग शामिल हैं। बता दें कि साइबर सेल ने बीते दिसंबर महीने में राजस्थान से एक ऐसे ही गिरोह का भंडाफोड़ किया था, जो साफ्टवेयर का इस्तेमाल कर युवती की आवाज में बात कर शारीरिक संबंध बनाने का झांसा देकर ठगी करता था।
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जानकारी के अनुसार, 22 अगस्त 2020 को सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में दी शिकायत में साधो सिंह ने बताया था कि वह सेक्टर-21 निवासी है। उसके फेसबुक मैसेंजर पर एक मोबाइल नंबर आया, जिस पर व्हॉटसएप के जरिये जुड़ने को कहा गया। इस पर जुड़ते ही महिला ने खुद का नाम ब्रैंडा माना कावा बताकर कहा कि वह यूके से बात कर रही है। उसके पति की मौत हो चुकी है और वह गरीबों की मदद करना चाहती है। उसने आगे कहा कि वह एक कोरियर में रुपये भेज रही है। कोरियर में भेजे लाखों रुपयों लेकर वह गरीबों में बांट दे। इसके बाद 18 मई को उसे कोरियर देने वालों के फोन आने लगे, कोरियर को छुड़वाने के एवज में खाता नंबर से 48,700 रुपये फीस जमा करवाकर 20 हजार और जमा करवाया गया। इसके बाद उन्होंने कहा कि यूनाइटेड नेशन ऑफिस से कागज बनवाने के लिए एक लाख 60 हजार और जमा करवाना होगा, जिसके बाद 80 हजार और 39,350 रुपये और जमा करवा दिया। इसी तरह अलग-अलग तरह से झांसा देकर जालसाजों ने 14 लाख 62 हजार 730 रुपये ठगकर उसका फेसबुक अकाउंट ब्लॉक कर दिया। इस शिकायत के आधार पर साइबर सेल ने बीते 11 सितंबर को सेक्टर-19 थाने में मामला दर्ज करवाया, जिसके बाद साइबर सेल की डीएसपी रश्मि यादव की अगुवाई में सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम ने मंगलवार को आरोपी को ग्रेटर नोएडा से दबोच लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले करीब 7 साल से भारत में बिजनेस वीजा पर रह रहा है। बता दें कि सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम पिछले एक साल में 20 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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ऐसा करता था ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी फेसबुक मैसेंजर पर लोगों की प्रोफाइल देखकर उन्हें संदेश के जरिये दोस्ती करने का अनुरोध करता था। इसके लिए आरोपी ने अपने फेसबुक आईडी में युवती की फोटो लगा रखी थी। इस दौरान अगर कोई उसका दोस्त बन जाता तो वह खुद को यूएस, जर्मन, कनाडा, फ्रांस, इटली समेत अन्य देशों से बात करने का झांसा देकर पति की मौत की बात बताता और गरीबों की मदद करने का लालच देकर कोरियर को छुड़वाने के बहाने उनसे पैसा ऐंठ लेता था। इसके लिए वह मोेबाइल पर वाइस चेंजर साफ्टवेयर का इस्तेमाल करता था ताकि सामने वाले व्यक्ति को लगे कि उसकी किसी महिला से बातचीत हो रही है। फिलहाल, पुलिस अब आरोपी के मोबाइल से उसके पिछले रिकार्ड को खंगाल रही है।
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गिरोह में और भी आरोपियों के शामिल होने की आशंका
ठगी में अलग-अलग मोबाइल व बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ है। साइबर पुलिस को शक है कि इसमें कुछ और भी लोग शामिल हो सकते हैं। साइबर पुलिस का कहना है कि आरोपी से रिमांड के दौरान पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले में और खुलासा होगा कि आरोपी ने अब तक कितनी ठगी की है और इस गैंग में कितने लोग शामिल हैं। बता दें कि साइबर सेल ने बीते दिसंबर महीने में राजस्थान से एक ऐसे ही गिरोह का भंडाफोड़ किया था, जो साफ्टवेयर का इस्तेमाल कर युवती की आवाज में बात कर शारीरिक संबंध बनाने का झांसा देकर ठगी करता था।