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टैक्स बढ़ाने के मुद्दे पर मेयर अरूण सूद का यू टर्न
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 13 Jan 2016 12:12 PM IST
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अगर प्रशासन और नगर निगम भविष्य में पानी के रेट बढ़ाते हैं तो मेयर अरुण सूद इसका कोई विरोध नहीं करेंगे। मंगलवार को मेयर ने सलाहकार विजय देव के साथ बैठक के बाद कुछ इसी तरह का संकेत दिया। उनसे पूछा गया था कि क्या भविष्य में पानी के रेट बढ़ेंगे?
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इस पर मेयर का जवाब था कि अगर नगर निगम के पास पैसा नहीं होगा तो विकास के काम किस तरह से होंगे। उन्होंने कहा कि वह आय बढ़ाने के विरोध में नहीं है लेकिन शहरवासियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। अगर कुछ भी बढ़ेगा तो इसके बदले में शहरवासियों को कुछ बड़ा देंगे उनकी सुविधाओं का इजाफा होगा ताकि शहरवासियों को उसका अहसास न हो।
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प्रेस कांफ्रेंस में मेयर ने बताया कि उन्होंने पेड पार्किंग का एक माडल तैयार किया है। इसके तहत पेड पार्किंग के रेट बढ़ाने की जरूरत नहीं है। मालूम हो कि प्रशासन की ओर से जल्द ही शहर में पेड पार्किग का रेट और उनकी संख्या बढ़ाने की नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी है।
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प्रशासन की ओर से नगर निगम पर पानी का रेट बढ़ाने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है। नगर निगम की ओर से पानी का रेट बढ़ाने का प्रस्ताव भी तीन माह पहले तैयार किया जा चुका है, लेकिन अभी तक इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है। मेयर अरुण सूद का कहना है कि लोगों को विश्वास में लेकर ही कुछ बढ़ाया जाएगा।
टैक्स बढ़ाने का विरोध करते थे सूद
मेयर अरुण सूद जब तक विपक्ष में थे तब तक हर तरह का टैक्स बढ़ाने का विरोध करते रहे हैं। मेयर का कहना है कि पिछले समय में बहुत कुछ ठीक नहीं हुआ, जिस कारण प्रशासन को नगर निगम में हस्तक्षेप करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वह किसी भी मुद्दे से भागेंगे नही, बल्कि निर्णय लेंगे। इस मौके पर मेयर अरुण सूद ने यह भी कहा कि वह जल्द ही फील्ड में लोगों की समस्याएं सुनने जाएंगे।
पानी पिलाने में 59 करोड़ का घाटा
जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस समय शहरवासियों को पानी की सप्लाई करने से हर साल 59 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। इस घाटे को पूरा करने के लिए पानी का रेट बढ़ाना जरूरी है क्योंकि स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में यह बात शामिल है कि किसी भी प्रकार का घाटा नहीं होना चाहिए और आय के साधन बढ़ने चाहिए। नगर निगम की ओर से हर साल लोगों के घर तक पानी पहुंचाने में 125.84 करोड़ रुपये की लागत आ रही है लेकिन कमाई आधी 65.45 करोड़ रुपये की हो रही है।
को-आर्डिनेशन कमेटियों की बैठक होगी बहाल
प्रशासन और नगर निगम के बीच लंबे समय से को-आर्डिनेशन कमेटी की बैठक नहीं हुई है। अब कमेटी की बैठक हर माह होगी। मंगलवार को मेयर बनने के बाद पहली बार सलाहकार विजय देव के साथ बैठक में यह फैसला लिया गया। सूद ने बताया कि इसके अलावा बैठक में एक्ट में संशोधन कर मेयर का कार्यकाल बढ़ाने के मुद्दे पर भी बात हुई है। बैठक में पेवर ब्लाक की जगह हाइड्रोलिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके लैंड स्केपिंग करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
बैठक में डड्डूमाजरा के डपिंग ग्राउंड को शिफ्ट करने का मामला भी उठाया जिस पर अधिकारियों ने कहा कि पंजाब से जमीन के लिए बात हो रही है। बैठक नगर निगम के स्टाफ की कमी का मामला उठा। सूद ने कहा कि सलाहकार ने कमिश्नर की इस पर विस्तृत रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कमिश्नर बी पुरुषार्था, गृह सचिव, वित्त सचिव, सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल और डिप्टी मेयर हरदीप सिंह ने भी भाग लिया।