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किसानों की मदद करेगा ये खास एप, बिजाई से लेकर कटाई तक की मिलेगी जानकारी, ऐसे उठाएं लाभ

Wed, 13 Mar 2019 09:12 AM IST
ajay kumar संदीप रामायण, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
संदीप रामायण, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Wed, 13 Mar 2019 09:12 AM IST
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मेले में कृषि यंत्र देखते किसान - फोटो : अमर उजाला

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को फसलों की बिजाई से लेकर फसलों की कटाई तक के सारे कार्य मौसम के अनुसार करने चाहिए। ये तभी संभव है जब किसानों को मौसम की जानकारी होगी। किसानों को मौसम के पूर्वानुमान व फसल संबंधी अन्य जानकारी प्रदान करने के लिए एचएयू के मौसम विभाग ने ई-मौसम एचएयू मोबाइल एप जारी किया है। 

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मंगलवार को एचएयू में आयोजित खरीफ कृषि मेले में मौसम विभाग एचएयू ने ई-मौसम एप संबंधित स्टॉल लगाई। स्टॉल पर किसानों को एप डाउनलोड करवाया और किसानों को मौसम विभाग से जुड़े रहने के बारे में जागरूक किया। मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एमएल खीचड़ ने स्टॉल का संचालन किया।
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ई-मौसम एचएयू एप से ये मिलेंगी जानकारी
जिलेवार मौसम पूर्वानुमान।
वैज्ञानिक तरीके से फसल प्रबंधन।
मौसम आधारित कृषि सलाह।
अपडेटिड सेटेलाइट चित्र।
फसलों में लगने वाले कीटों व रोगों का सचित्र विवरण व रोकथाम का उपाय।
वैज्ञानिक एवं कृषि संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर।
कृषि संबंधित साप्ताहिक सूचनाएं।
किसानों की समस्या के समाधान संबंधित सूचनाएं।  

इस प्रकार उठाएं एप का लाभ

मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एमएल खीचड़ ने बताया कि एंड्रॉइड मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर ई मौसम एचएयू सर्च करके इस एप को इंस्टॉल कर सकते हैं। इसके अलावा ई मौसम एचएयू की वेबसाइट पर भी हम मौसम का पूर्वानुमान जान सकते हैं। किसान टोल फ्री नंबर 18001803001 पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मैं हर कृषि मेले में आता हूं। हर बार नई जानकारी लेकर जाता है। कृषि मेले से मिली जानकारी के कारण मैं अपने खेते में अच्छी पैदावार लेता हूं। -सुखीराम, पूर्व सरपंच बड़सी।

कृषि मेले में किसानों को नई मशीनें, नई किस्म के बीज व खाद की जानकारी मिलती है। कृषि संबंधित अधिकारियों व विशेषज्ञों से बातचीत होती है। -रामसिंह, किसान गंगवा।

मैं पहले परंपरागत खेती करता था। सम्मानित होते किसानों को देखकर मैंने भी सोच लिया है कि मैं अब जड़ी-बूटी, औषधीय खेती करूंगा व इस तरह सम्मानित होऊंगा। -सीताराम किसान, गांव सुंडावास।

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