पंजाब: बिक्रम मजीठिया के खिलाफ ड्रग्स मामले की जांच अब नई एसआईटी करेगी, सीएम भगवंत मान ने पुनर्गठन का दिया आदेश
सूत्रों ने कहा कि एडीजीपी हरप्रीत सिंह सिद्धू एआईजी बलराज द्वारा की गई अभी तक की जांच से से खुश नहीं थे। उन्होंने असंतोषजनक रिपोर्ट की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी दे दी थी।
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करोड़ों रुपये के ड्रग्स मामले में जेल में बंद पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ जांच कर रही एसआईटी के पुनर्गठन को लेकर पंजाब सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेश पर ड्रग्स केस की जांच अब नई एसआईटी करेगी। नई एसआईटी की निगरानी आईजीपी (अपराध) गुरशरण सिंह संधू करेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जारी पुलिस विभाग के संबंध में यह पहला आदेश है। नई टीम का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी एआईजी डॉ. राहुल एस करेंगे। इसमें चार अन्य सदस्य होंगे। पिछली एसआईटी में एआईजी बलराज सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम इस मामले की जांच कर रही थी।
20 दिसंबर, 2021 को एनडीपीएस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पूर्व मंत्री और शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। 49 पन्नों की प्राथमिकी एडीजीपी हरप्रीत सिंह सिद्धू, एसटीएफ के प्रमुख, ड्रग्स के खिलाफ जांच रिपोर्ट पर आधारित थी।
यह होगी नई टीम
- सुपरविजन: गुरशरण सिंह संधू, आईपीएस, आईजीपी (अपराध)
- एसआईटी प्रमुख: डॉ. राहुल एस, आईपीएस, एआईजी
- सदस्य: रंजीत सिंह ढिल्लन, आईपीएस, एआईजी
- सदस्य: रघबीर सिंह, पीपीएस, डीएसपी
- सदस्य: अमरप्रीत सिंह, पीपीएस, डीएसपी
जांच से खुश नहीं थे हरप्रीत सिद्धू
सूत्रों ने कहा कि एडीजीपी हरप्रीत सिंह सिद्धू एआईजी बलराज द्वारा की गई अभी तक की जांच से से खुश नहीं थे। उन्होंने असंतोषजनक रिपोर्ट की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी दे दी थी। उन्होंने जांच की धीमी गति और परिणामों पर असंतोष जताया था।
बेटे की पदोन्नति से घिर गए थे एआईजी
ड्रग्स मामले की जांच कर रहे एआईजी बलराज अपने बेटे की पदोन्नति को लेकर भी घिर गए थे। पुलिस विभाग में तैनात उनके बेटे की पुलिस विभाग में बारी-बारी से पदोन्नति को लेकर लगातार चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इसके बाद यह माना जा रहा था कि नई सरकार इस मामले में बड़ा फैसला करेगी।
अभी पटियाला जेल में हैं मजीठिया
ड्रग्स केस में फंसे बिक्रम सिंह मजीठिया इस वक्त पटियाला जेल में बंद हैं। वह अमृतसर ईस्ट से चुनाव भी हार चुके हैं। पंजाब की पिछली चरणजीत सिंह चन्नी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने चुनाव नजदीक आते ही मजीठिया पर ड्रग्स केस दर्ज किया था। यह केस एसआईटी की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ था। मजीठिया ने 24 फरवरी को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। हालांकि अकाली दल ने आरोप लगाए थे कि नवजोत सिद्धू, चरणजीत चन्नी और गृहमंत्री सुखजिंदर रंधावा ने उनके विरोधी अफसरों को साथ लेकर झूठा केस दर्ज किया है।