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Chandigarh: यूनेस्को के सामने पेश हुआ हाईकोर्ट का नया रोडमैप, कई नए कोर्ट और पार्किंग की तैयारी
Tue, 09 Sep 2025 09:25 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 09 Sep 2025 09:25 AM IST
सार
यूटी प्रशासन ने 6 सितंबर को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हुई यूनेस्को की बैठक में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के लिए नई विकास योजना पेश की। इसमें यूटी प्रशासन के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव कुमार मेहता और सीनियर आर्किटेक्ट संगीता बग्गा शामिल हुए।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए यूटी प्रशासन ने नया रोडमैप तैयार कर यूनेस्को के सामने पेश किया है। स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हुई बैठक में प्रशासन ने हाईकोर्ट के हॉलिस्टिक डेवलपमेंट प्लान का संशोधित प्रस्ताव सौंपा है।
इसमें अतिरिक्त कोर्ट, वकीलों के चैंबर, पार्किंग और अन्य सुविधाओं का निर्माण शामिल है। यूनेस्को की टीम ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और अब आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
यूटी प्रशासन ने 6 सितंबर को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हुई यूनेस्को की बैठक में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के लिए नई विकास योजना पेश की। इसमें यूटी प्रशासन के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव कुमार मेहता और सीनियर आर्किटेक्ट संगीता बग्गा शामिल हुए। अधिकारियों के मुताबिक अब योजना में निर्माण का दायरा घटाकर सिर्फ दो लाख वर्ग फुट किया गया है। इसमें 16 नए कोर्ट, वकीलों के चैंबर, कैफेटेरिया, पार्किंग और प्रशासनिक ब्लॉक बनाए जाएंगे। यह सब मौजूदा हाईकोर्ट परिसर में लेकिन धरोहर इमारतों से दूरी पर होंगे।
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जगह की कमी को देखते हुए बहुमंजिला इमारतें बनाने की योजना है क्योंकि हाईकोर्ट में रोजाना 10 हजार वकील, 3300 कर्मचारी, हजारों याचिकाकर्ता और करीब 10 हजार वाहन आते हैं। अधिकारियों के अनुसार यूनेस्को की टीम ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि बैठक के मिनट्स ऑफ मीटिंग 20 दिन में आ सकते हैं, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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इसमें अतिरिक्त कोर्ट, वकीलों के चैंबर, पार्किंग और अन्य सुविधाओं का निर्माण शामिल है। यूनेस्को की टीम ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और अब आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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यूटी प्रशासन ने 6 सितंबर को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हुई यूनेस्को की बैठक में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के लिए नई विकास योजना पेश की। इसमें यूटी प्रशासन के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव कुमार मेहता और सीनियर आर्किटेक्ट संगीता बग्गा शामिल हुए। अधिकारियों के मुताबिक अब योजना में निर्माण का दायरा घटाकर सिर्फ दो लाख वर्ग फुट किया गया है। इसमें 16 नए कोर्ट, वकीलों के चैंबर, कैफेटेरिया, पार्किंग और प्रशासनिक ब्लॉक बनाए जाएंगे। यह सब मौजूदा हाईकोर्ट परिसर में लेकिन धरोहर इमारतों से दूरी पर होंगे।
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जगह की कमी को देखते हुए बहुमंजिला इमारतें बनाने की योजना है क्योंकि हाईकोर्ट में रोजाना 10 हजार वकील, 3300 कर्मचारी, हजारों याचिकाकर्ता और करीब 10 हजार वाहन आते हैं। अधिकारियों के अनुसार यूनेस्को की टीम ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि बैठक के मिनट्स ऑफ मीटिंग 20 दिन में आ सकते हैं, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।