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Chandigarh: प्रताड़ना से तंग विभूति ने दी थी जान, डायरी में मिली दर्द की कहानी... अब 90 पन्नों पर टिकी जांच

Thu, 27 Apr 2023 12:16 PM IST
निवेदिता वर्मा परीक्षित सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
परीक्षित सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 27 Apr 2023 12:16 PM IST
सार

विभूति ने मरने से पहले रोमन हिंदी में लिखे सुसाइड नोट में आखिरी दरखास्त करते हुए लिखा है कि -लास्ट रिक्वेस्ट है इसके मां-बाप को इनोसेंट या ओल्ड एज होने के नाते छोड़ा न जाए। इंसान को उसके किए की सजा जरूर मिले। जो उन्होंने किया वह अब कोई छोटी बात नहीं है उन्होंने किसी की लाइफ ली है।

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New Revelation in Vibhuti Death Case of Chandigarh
विभूति - फोटो : फाइल

विस्तार

साल भर पहले हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर से दुल्हन बनकर चंडीगढ़ आई विभूति बीते दो माह से हर रोज तिल-तिल मर रही थी। यह खुलासा विभूति की डेली डायरी में मिले सुसाइड नोट से हुआ। डायरी में मिले 90 पन्ने उसके साथ होती आ रही ज्यादतियों को चीख-चीख कर बयां कर रहे हैं।
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डायरी के अंतिम 10 पन्नों में विभूति ने पति की करतूतों से लेकर सास -ससुर तक को न बख्शने की अपील की है। सुसाइड नोट में उसने पति के चरित्रहीन होने और शादीशुदा होने के बावजूद मोबाइल फोन पर प्रॉस्टिट्यूट तलाशने की बात कही है। साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान आरोपी पति द्वारा गला दबाकर मारपीट करते हुए लगातार टॉर्चर करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मृतका की डायरी को कब्जे में लेते हुए हैंडराइटिंग की जांच करवाने के लिए सीएफएसएल को भेज दिया है। मामले में पुलिस जांच कर रही है।
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आईटी पार्क थाना क्षेत्र के अंतर्गत शास्त्री नगर में 22 अप्रैल को 25 वर्षीय विभूति की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने अगले दिन केस दर्ज कर आरोपी पति सुमित शर्मा (27 ) और ससुर सतपाल शर्मा (65) को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद आईटी पार्क थाना पुलिस ने घर में तलाशी शुरू की। इस दौरान पुलिस को मृतका के ससुराल से उसकी डेली डायरी मिली। डायरी को जब पुलिस ने खंगालना शुरू किया तो पता चला कि विभूति ने जनवरी से इसमें लिखना शुरू किया था। जनवरी माह में 1-2 दिन लिखने के बाद उसने लिखना बंद कर दिया। इसके बाद फरवरी के मध्य माह में उसने रोजाना के दर्द को डायरी में लिखना शुरू किया। डायरी के 90 पन्नों में उसने अपने साथ हो रहे हर व्यवहार का जिक्र कर रखा है।


आखिरी 10 पन्नों में चरित्रहीन पति से लेकर सास-ससुर का कर रखा जिक्र...
विभूति की डायरी में मिले आखिरी 10 पन्नों में उसने पति के चरित्र से लेकर सास -ससुर के दुर्व्यवहार तक का जिक्र किया है। इन आखिरी पन्नों में उसने पति पर आरोप लगाते हुए लिखा है कि -मैं इतनी मुश्किल से प्रेग्नेंट हुई थी। इसके बाद भी इसने मेरा गला दबाते हुए मारपीट की, जिसमें इसके मां-बाप ने भी साथ दिया। इसका फोन जब लिया तो पाया की मोबाइल में प्रॉस्टिट्यूट सर्च की हुई है।

सास -ससुर को भी न छोड़ने की दरखास्त...
विभूति ने मरने से पहले रोमन हिंदी में लिखे सुसाइड नोट में आखिरी दरखास्त करते हुए लिखा है कि -लास्ट रिक्वेस्ट है इसके मां-बाप को इनोसेंट या ओल्ड एज होने के नाते छोड़ा न जाए। इंसान को उसके किए की सजा जरूर मिले। जो उन्होंने किया वह अब कोई छोटी बात नहीं है उन्होंने किसी की लाइफ ली है। अपने लालच अपनी गलत चीज के लिए इन्होंने मुझे यहां से निकालने की हर कोशिश की है। क्योंकि इन दोनों को वह सब नहीं मिला जो इन्हें चाहिए था। काश मुझ पर किसी ने विश्वास किया होता। मेरा मेडिकल भी हो कि मेरा चरित्र कितना लॉयल था। इफ पॉसिबल... मैंने कभी नहीं किया जो इन तीनों ने मेरे को डिफेम किया है। मुझे बोल-बोलकर परेशान कर दिया। मैंने अपनी हर चीज दी है, इस घर को इन्होंने मुझे मजबूर कर दिया। आज मेरा दिल, आत्मा, दिमाग मेरी बॉडी मेरी हर चीज चाहती है कि इन तीनों को वह सारी सजा मिले। जो इन्होंने मेरे साथ किया है। इनको माफी नहीं मिले न कोई इनको इस बारे में बचाए। यह सब कल को किसी और के साथ भी करेंगे। किसी और की लाइफ बचा लो। इनकी किसी बात पर विश्वास करने से पहले देख लेना सच क्या था क्या नहीं। मैं अब और सहन नहीं कर पाऊंगी। जिस-जिस ने मेरा साथ देने की कोशिश की, मेरे को समझा उनको थैंक यू। हाथ जोड़कर अब नहीं हो पाएगा। मुझे पता है मुझे डिक्लेअर किया जाएगा कि मैं किसी बीमारी से डिप्रेस्ड थी, इसलिए मैंने ऐसा किया। ऐसा कुछ नहीं था, डिप्रेस्ड हर दूसरा बंदा है। कुछ लोगों को दुनिया इतना मजबूर कर देती है कि ऐसा स्टेप ही लेना पड़े। मैं जो भी कर रही हूं वह इन तीनों की वजह से कर रही हूं। पुलिस उनका साथ देने से पहले जरूर याद करे कि उनकी भी फैमिली है। किसी की लड़की है घर में कोई भी हो एक बार मेरी जगह आकर जरूर देखें।

 
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