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एक और खुलासा: जिस रवि शर्मा के नाम पर पासपोर्ट बनवाकर कनाडा भागा था हरदीप निज्जर, उसकी भी हुई थी हत्या
Tue, 26 Sep 2023 11:09 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 26 Sep 2023 11:09 AM IST
सार
भारत का मोस्ट वांटेड खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर साल 1996 में फर्जी पासपोर्ट पर भारत से कनाडा हिंदू बनकर भागा था। कनाडा पहुंचने के बाद उसने राजनीतिक शरण लेने के लिए एक शपथपत्र दिया जिसमें उसने बताया कि उसके भाई, पिता और चाचा सभी को गिरफ्तार कर लिया गया था और उसे खुद भी पुलिस ने प्रताड़ित किया था।
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हरदीप निज्जर
- फोटो : फाइल
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विस्तार
खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले को लेकर भारत और कनाडा के बीच सियासत गरमाई हुई है। जालंधर जिले में निज्जर के पैतृक गांव भारसिंहपुरा में तनाव भरा सन्नाटा है। वहीं अब निज्जर के कनाडा भागने के मामले में एक और खुलासा हुआ है।
हरदीप निज्जर ने 1996 में कनाडा भागने के लिए जिस रवि शर्मा के नाम का बना पासपोर्ट इस्तेमाल किया था, उस रवि शर्मा की भी हत्या की गई थी। रवि शर्मा का परिवार हरियाणा का रहने वाला था। रवि शर्मा का शव गांव की छोटी नहर से मिला था, उसकी हत्या की गई थी। बेटे की हत्या के बाद रवि का परिवार वापस हरियाणा लौट गया था।
यह भी पढ़ें: देर से उठती थी गर्भवती: ससुर ने बहू के पिता और नाबालिग भाई को गोलियों से भूना, छह माह पहले हुई थी शादी
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भारत का मोस्ट वांटेड खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर साल 1996 में फर्जी पासपोर्ट पर भारत से कनाडा हिंदू बनकर भागा था। उसने इसी रवि शर्मा का पासपोर्ट इस्तेमाल किया था। कनाडा पहुंचने के बाद उसने राजनीतिक शरण लेने के लिए एक शपथपत्र दिया जिसमें उसने बताया कि उसके भाई, पिता और चाचा सभी को गिरफ्तार कर लिया गया था और उसे खुद भी पुलिस ने प्रताड़ित किया था। निज्जर 25 मई 2007 को कनाडाई नागरिक बन गया।
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हरदीप निज्जर ने 1996 में कनाडा भागने के लिए जिस रवि शर्मा के नाम का बना पासपोर्ट इस्तेमाल किया था, उस रवि शर्मा की भी हत्या की गई थी। रवि शर्मा का परिवार हरियाणा का रहने वाला था। रवि शर्मा का शव गांव की छोटी नहर से मिला था, उसकी हत्या की गई थी। बेटे की हत्या के बाद रवि का परिवार वापस हरियाणा लौट गया था।
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भारत का मोस्ट वांटेड खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर साल 1996 में फर्जी पासपोर्ट पर भारत से कनाडा हिंदू बनकर भागा था। उसने इसी रवि शर्मा का पासपोर्ट इस्तेमाल किया था। कनाडा पहुंचने के बाद उसने राजनीतिक शरण लेने के लिए एक शपथपत्र दिया जिसमें उसने बताया कि उसके भाई, पिता और चाचा सभी को गिरफ्तार कर लिया गया था और उसे खुद भी पुलिस ने प्रताड़ित किया था। निज्जर 25 मई 2007 को कनाडाई नागरिक बन गया।
पैतृक गांव में पाठ पर तनाव
निज्जर के पैतृक गांव भारसिंहपुरा में गांव की गलियां सुनसान हैं। इस बीच शिअद कान सिंह वालों ने गांव में एलान किया है कि हरदीप सिंह का पाठ गांव में रखा जाएगा और भोग भी डाला जाएगा।
वहीं पुलिस का तर्क है कि गांव में उसका भोग नहीं डालने देंगे। इसे लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। थाना प्रभारी सुरिंदर कुमार ने कहा कि गांव में किसी भी तरह की अशांति नहीं होने देंगे। पुलिस सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। सादी वर्दी में वहां पर अधिकारी भी डेरा लगाकर बैठे हैं।
ग्रामीण बोले-कनाडा में क्या करता था निज्जर, हमें नहीं पता
हिम्मत सिंह के अलावा भारसिंहपुरा गांव के पंच गुरमुख सिंह ने बताया कि 1994-95 में हरदीप सिंह निज्जर का परिवार यहां से चला गया था। जब तक वह लोग गांव में रहते थे, तब ऐसी किसी गतिविधि के बारे में कोई बात सामने नहीं आई थी। गुरमुख सिंह के मुताबिक निज्जर परिवार उनका पड़ोसी था और गुजारे के लिए वह खेती और दूध का कारोबार करते थे। कनाडा में जाकर निज्जर आतंकी संगठन में शामिल हो गया, इस बारे में हम कुछ नहीं कर सकते। इस बारे या तो कनाडा वाले जानते हैं या सरकार जानती है कि बाहर गए तो क्या हुआ, क्या नहीं।
निज्जर के पैतृक गांव भारसिंहपुरा में गांव की गलियां सुनसान हैं। इस बीच शिअद कान सिंह वालों ने गांव में एलान किया है कि हरदीप सिंह का पाठ गांव में रखा जाएगा और भोग भी डाला जाएगा।
वहीं पुलिस का तर्क है कि गांव में उसका भोग नहीं डालने देंगे। इसे लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। थाना प्रभारी सुरिंदर कुमार ने कहा कि गांव में किसी भी तरह की अशांति नहीं होने देंगे। पुलिस सुरक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। सादी वर्दी में वहां पर अधिकारी भी डेरा लगाकर बैठे हैं।
ग्रामीण बोले-कनाडा में क्या करता था निज्जर, हमें नहीं पता
हिम्मत सिंह के अलावा भारसिंहपुरा गांव के पंच गुरमुख सिंह ने बताया कि 1994-95 में हरदीप सिंह निज्जर का परिवार यहां से चला गया था। जब तक वह लोग गांव में रहते थे, तब ऐसी किसी गतिविधि के बारे में कोई बात सामने नहीं आई थी। गुरमुख सिंह के मुताबिक निज्जर परिवार उनका पड़ोसी था और गुजारे के लिए वह खेती और दूध का कारोबार करते थे। कनाडा में जाकर निज्जर आतंकी संगठन में शामिल हो गया, इस बारे में हम कुछ नहीं कर सकते। इस बारे या तो कनाडा वाले जानते हैं या सरकार जानती है कि बाहर गए तो क्या हुआ, क्या नहीं।