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चंडीगढ़ : आलू की नई फसल आई, सप्लाई आधी होने से नहीं घट रही कीमत, जानें- कब मिलेगी राहत
Wed, 18 Nov 2020 02:17 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Nov 2020 02:17 AM IST
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आलू।
- फोटो : अमर उजाला
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आलू की नई फसल बाजार में आ चुकी है लेकिन अब भी कीमतें आसमान पर हैं। बाजार में आलू 50 रुपये किलो बिक रहा है। पहले माना जा रहा था कि आलू की नई फसल आने पर कीमत घटेगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
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आलू के व्यापार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल आलू की कीमतें नहीं घटेंगी क्योंकि आलू की जितनी खपत है, मंडी में अभी आलू आवक पूरी तरह से नहीं हो पा रही है। पूरी सप्लाई होने में कम से कम 15 से 20 दिन का वक्त और लगेगा। उसके बाद ही आलू की कीमतें नीचे आएंगी।
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पिछले तीन महीने से आलू की कीमतें बढ़ी हुई हैं। गणेश चतुर्थी के आसपास आलू की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। उसके बाद से कोई राहत नहीं है। सेक्टर-26 के आलू व्यवसायी हरजीत सिंह ने बताया कि नया आलू बाजार में आ गया है लेकिन इस समय आलू के छह हजार कट्टे की जरूरत है लेकिन आ रहे हैं सिर्फ तीन हजार कट्टे।
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एक कट्टे में 50 किलो आलू होता है। मंडी में इस समय ऊना से आलू आ रहा है। पंजाब के कुछ हिस्सों से आना शुरू हुआ है। पूरी सप्लाई आने में अभी वक्त लगेगा। जब पूरी सप्लाई शुरू हो जाएगी तो कीमत 15 रुपये प्रति किलो के आसपास फिर से पहुंच जाएगी।
बागवानी विशेषज्ञ राहुल महाजन ने बताया कि आलू के बढ़े रेट के पीछे दो तीन वजहें हैं। एक तो मानसून सीजन में बारिश देर तक होती रही। इससे बिजाई में देरी हुई। पिछले तीन साल से किसानों को आलू का भाव भी सही नहीं मिला। इससे कई किसानों ने आलू की फसल से दूरी बना ली। इस बार आलू का बीज भी काफी महंगा था। बीज की बोरी जो 200 रुपये में मिलती थी, वही बोरी इस बार 1500 रुपये में मिली है। राहुल का यह भी कहना है कि रेट तो गिरेंगे लेकिन उतने नहीं, जितने पिछले साल थे। दिसंबर के पहले हफ्ते के आसपास कीमत के नीचे आने की संभावना है।