मेडिकल बिल पास कराना है तो पढ़ें नया फरमान
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हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के एडवांस और मेडिकल बिल की मंजूरी शर्तों को सरल बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार के इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर और उनके आश्रित भी लाभान्वित होंगे।
उन्होंने कहा कि एक लाख रुपये तक के एडवांस और मेडिकल बिलों की स्वीकृति जिला के कार्यालय अध्यक्ष द्वारा दी जाएगी। पांच लाख रुपये तक के एडवांस तथा मेडिकल बिलों की मंजूरी विभागाध्यक्षों द्वारा दी जाएगी। पांच लाख से अधिक के एडवांस और मेडिकल बिलों के लिए संबंधित विभाग के प्रशासनिक सचिव स्वीकृति देने में सक्षम होंगे।
स्वीकृत हो जाएंगे एक लाख तक के बिल
सरकारी अस्पतालों में इलाज करवाने के मामले में कर्मचारियों को अनुमानित खर्च का 90 प्रतिशत तक एडवांस में प्राप्त करने की अनुमति होगी। सरकार द्वारा अनुमोदित निजी अस्पतालों में इलाज करवाने पर जहां पीजीआई की दर जमा शेष राशि का 75 प्रतिशत दिया जाता है।
उनके मामलों में अब राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित चिन्हित पैकेज दर पर अनुमानित खर्च का 90 प्रतिशत तक और नान पैकेज दरों पर 75 प्रतिशत तक एडवांस दिया जाएगा। सरकार द्वारा अनुमोदित निजी अस्पताल से इलाज कराने पर पीजीआई की दर दी जाती है।
ऐसे मामले में 50 प्रतिशत एडवांस दिया जाएगा, क्योंकि ऐसे मामलों में पुन: भुगतान बहुत कम होता है। बहरहाल, राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित चिह्नित पैकेज दरों के मामले में 90 प्रतिशत तक एडवांस दिया जाएगा।