पंजाब विधानसभा चुनाव: मायावती की रोक के बाद बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी सूची में फंसा पेंच, लखनऊ से लगेगी अंतिम मुहर
कृषि कानूनों को लेकर शिरोमणि अकाली दल अपने 24 साल पुराने गठबंधन की साथी भारतीय जनता पार्टी से सितंबर 2021 में अलग हो गई थी। इसके बाद शिअद ने बसपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी।
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मायावती की रोक के बाद पंजाब में बहुजन समाज पार्टी के घोषित प्रत्याशियों की सूची में पेंच फंस गया है। अब लखनऊ से प्रत्याशियों की अंतिम सूची पर मुहर लगने के बाद नई सूची जारी की जाएगी। 2022 में हो रहे पंजाब विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस बार शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ चुनाव लड़ रही है।
कृषि कानूनों को लेकर शिरोमणि अकाली दल अपने 24 साल पुराने गठबंधन की साथी भारतीय जनता पार्टी से सितंबर 2021 में अलग हो गई थी। इसके बाद शिअद ने बसपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। गठबंधन के तहत सूबे की कुल 117 विधानसभा सीटों पर शिअद 97 और बसपा 20 पर अपने-अपने प्रत्याशी उतारेगी। शिअद अब तक 94 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। बसपा भी अपने तय 20 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है, सभी प्रत्याशी अपने हलकों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
अब बसपा की सूची पर पार्टी सुप्रीमों मायावती ने रोक लगा दी है। पार्टी आलाकमान ने तय किया है कि घोषित प्रत्याशियों की ग्राउंड रिपोर्ट देखने के बाद ही सूची पर अंतिम मुहर लगेगी। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि मायावती ने कुछ घोषित प्रत्याशियों की योग्यता पर सवाल खड़े किए हैं, जिसके कारण यह सूची रोकी गई है। हालांकि प्रदेश स्तर पर संगठन के पदाधिकारियों ने ऐसी किसी बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि अब तक घोषित सभी प्रत्याशी योग्य हैं और यही चुनाव मैदान में उतारे जाएंगे।
हलका प्रभारी ही होंगे प्रत्याशी
बहुजन समाज पार्टी ने गठबंधन के तहत मिलीं 20 सीटों पर हलका प्रभारियों को तैनात किया है। संभवत: यह होता है कि हलकों में तैनात प्रभारियों को ही पार्टी प्रत्याशी के रूप में घोषित करती है। इस कारण से सभी प्रभारी अपने-अपने हलकों में बतौर प्रत्याशी प्रचार कर रहे हैं।
घोषित प्रत्याशियों की सूची को समीक्षा के लिए लखनऊ भेजा गया है। 20 जनवरी तक इस सूची पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी। संभवत: सूची में कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा। - जसवीर सिंह गढ़ी, प्रदेश अध्यक्ष, बसपा (पंजाब)