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अगर आप गाड़ी चलाते हैं तो ये नियम जानना आपके लिए जरुरी है
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 24 Mar 2017 09:26 AM IST
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अगर आप बाइक , गियर वाले स्कूटर और कार या जीप जैसे फोर वीलर चलाने के लिए डीएल बनवाना चाहते हैं तो आपको नए सिस्टम को ध्यान में रखना होगा। रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) ने भ्रष्टाचार और ड्राइविंग लाइसेंस में होने वाला फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम शुरू कर दिया है। अब डीएल को रिन्यू कराने, एनओसी लेने, एड्रेस चेंज कराने सहित सभी कामों के लिए लोगों को खुद आना पड़ेगा।
बायोमेट्रिक लागू होने से एक आदमी दो बार डीएल नहीं बनवा पाएगा। वहीं, इस नए नियम की आफिस में नोटिफिकेशन नहीं लगाए जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर-17 से आए सुधीर सिंह बताया कि वह आपने भाई के डीएल की एनओसी लेने आए थे, लेकिन बायोमेट्रिक की जानकारी नहीं होने के कारण काम नहीं हो पाया है।
बायोमेट्रिक सिस्टम लागू होने से फर्जीवाड़े पर काफी हद तक अंकुश लगेगा। इसके बाद एक व्यक्ति दो पते पर अपना लाइसेंस नहीं बनवा पाएगा। क्यों कि बायोमेट्रिक मशीन में अंगुली स्कैन करते ही उस व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी कंप्यूटर पर आ जाएगी।
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बायोमेट्रिक लागू होने से एक आदमी दो बार डीएल नहीं बनवा पाएगा। वहीं, इस नए नियम की आफिस में नोटिफिकेशन नहीं लगाए जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर-17 से आए सुधीर सिंह बताया कि वह आपने भाई के डीएल की एनओसी लेने आए थे, लेकिन बायोमेट्रिक की जानकारी नहीं होने के कारण काम नहीं हो पाया है।
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बायोमेट्रिक सिस्टम लागू होने से फर्जीवाड़े पर काफी हद तक अंकुश लगेगा। इसके बाद एक व्यक्ति दो पते पर अपना लाइसेंस नहीं बनवा पाएगा। क्यों कि बायोमेट्रिक मशीन में अंगुली स्कैन करते ही उस व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी कंप्यूटर पर आ जाएगी।
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आधार से लिंक होने से फर्जीवाड़े में आएगी कमी
ड्राइविंग लाइसेंस
आधार से लिंक होने से फर्जीवाड़े में आएगी कमी
लोगों ने डीएल, एनओसी और एड्रेस बदलने के लिए आरएलए लोगों का आधार कार्ड लिंक कर रहा है। इसके बाद कोई भी व्यक्ति यदि फर्जीवाड़ा करता है तो वह पकड़ा जाएगा।
पहले भी कमियां मिलने पर ली एनओसी
आरएलए की ओर से चार महीनें पहले पुलिस ने नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेने का प्रावधान शुरू किया गया था। क्योंकि कई लोगों के डीएल डंकन ड्राइविंग चालान में पकडे़ गए। इसके बाद वह उसे चालान भरने के बजाय दोबारा बनवा लिया। इसके बाद आरएलए की ओर से डीएल बनवाने से पहले चंडीगढ़ पुलिस ने एनओसी लेने का नियम बनाया गया।
ड्राइविंग लाइसेंस की एनओसी, एड्रेस चेंज और रिन्यू के लिए बायोमेट्रिक शुरू कर दिया गया है। आरएलए सिस्टम को सही करने के लिए यह फैसला लिया है।
कैप्टन करनैल सिंह, आरएलए, यूटी
लोगों ने डीएल, एनओसी और एड्रेस बदलने के लिए आरएलए लोगों का आधार कार्ड लिंक कर रहा है। इसके बाद कोई भी व्यक्ति यदि फर्जीवाड़ा करता है तो वह पकड़ा जाएगा।
पहले भी कमियां मिलने पर ली एनओसी
आरएलए की ओर से चार महीनें पहले पुलिस ने नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेने का प्रावधान शुरू किया गया था। क्योंकि कई लोगों के डीएल डंकन ड्राइविंग चालान में पकडे़ गए। इसके बाद वह उसे चालान भरने के बजाय दोबारा बनवा लिया। इसके बाद आरएलए की ओर से डीएल बनवाने से पहले चंडीगढ़ पुलिस ने एनओसी लेने का नियम बनाया गया।
ड्राइविंग लाइसेंस की एनओसी, एड्रेस चेंज और रिन्यू के लिए बायोमेट्रिक शुरू कर दिया गया है। आरएलए सिस्टम को सही करने के लिए यह फैसला लिया है।
कैप्टन करनैल सिंह, आरएलए, यूटी