कर्मचारी, अफसरों की 12 माह नौकरी, 13 माह का वेतन
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हरियाणा सरकार में निजी सचिव, निजी सहायक समेत मुख्यमंत्री स्टॉफ के लिए खुशखबरी है। सरकार की ओर से ऐसे 175 अधिकारियों व कर्मियों को एक माह का अतिरिक्त वेतन देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यानी 12 महीने की नौकरी में 13 महीने की तनख्वाह। दूसरी ओर वित्तायुक्त सचिवालय के अधिकारियों-कर्मचारियों की यूनियन ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। यूनियन ने इसे सरकारी पैसे की फिजूलखर्ची करार दिया है।
मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से 175 अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची जारी करते हुए उनके विभागों को 18 जून को पत्र भेजा गया।
पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के साथ तैनात निजी स्टाफ, मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के निजी सचिव, एपीएससीएम (एसएम) , एपीएससीएम (आरजी), ओएसडी /सीएम (एमके), ओएसडी/सीएम (जेवाई), ओएसडी/सीएम (बीडी), ओएसडी/सीएम (सीबी) और सलाहकारों को वर्ष 2014-15 के लिए ओनोरेरियम (मानदेय) जारी किया जाए, जोकि एक माह के वेतन के बराबर होगा।
अधिकारियों और कर्मचारियों को एक माह का अतिरिक्त वेतन
मुख्य सचिव कार्यालय से जारी सूची में प्रदेश सरकार के कुल बीस विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को एक माह का अतिरिक्त वेतन देने का फैसला किया गया है।
इनमें वित्तायुक्त कार्यालय के 14 अधिकारी व कर्मियों के नाम हैं। जबकि मंत्रियों के कार सेक्शन के 13 ड्राइवरों केनाम भी शामिल हैं। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उतनी ही राशि मिलेगी, जो उन्हें हर महीने दी जाती है। इसमें केवल मेडिकल एलाउंस नहीं होगा।
चहेतों की जेब भरने का आरोप
वित्तायुक्त सचिवालय राजपत्रित व अराजपत्रित कर्मचारी भलाई संघ ने आरोप लगाया है कि सरकार में शामिल सचिव स्तर केअधिकारी मुख्यमंत्री व मंत्रियों को अंधेरे में रखकर अपनी और अपने चेहेतों की जेबें भरने में लगे हैं। संघ के प्रधान भगत सिंह श्योकंद ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा है कि वित्तायुक्त कार्यालय के अधीक्षक लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन निजी सचिवों को रिटायरमेंट के बाद भी अवर सचिव पदों पर तैनात किया जा रहा है।
निजी सचिव व सहायक को पहले ही 70-70 हजार रुपये वेतन पा रहे हैं। उन्हें सरकारी गाड़ी, बंगला समेत अन्य सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों को कोई लाभ नहीं मिलता।