श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे नेपाल के राजा, बोले- गुरुद्वारा नानक मठ की जमीन कब्जा मुक्त कराएंगे
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नेपाल के राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को विश्वास दिलाया कि वह काठमांडू स्थित श्री गुरु नानक देव जी से संबंधित गुरुद्वारा नानक मठ की जमीन को कब्जाधारकों से मुक्त कराने के मामले को विशेष प्राथमिकता देंगे। श्री गुरु नानक देव जी के पवित्र चरण जब नेपाल की धरती पर पड़े थे, तब से सिखों व नेपाल के बीच संबंध जुड़ गए थे।
नेपाल व सिखों के बीच सदियों पुराने संबंध है। श्री गुरु नानक देव जी के कीरत करो, वंड छको व सिमरन करो का सिद्धांत मानवता के कल्याण का संदेश देता है। दुनिया भर में सेवा का सिद्धांत फैल चुका है। नेपाल के राजा अपनी पत्नी के साथ सचखंड श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे।
श्री दरबार साहिब के सूचना केंद्र कार्यालय में एसजीपीसी के सचिव डॉ. रूप सिंह ने राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह से कहा कि काठमांडू के गुरुद्वारा नानक मठ की 500 एकड़ भूमि पर वहां के लोगों ने कब्जा का रखा है। जिस कारण गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के लिए आने वाली संगत को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
इस कारण गुरुद्वारा साहिबान का विस्तार नहीं हो रहा है। गुरुद्वारा साहिब की जमीन गुरुद्वारा के ही काम आनी चाहिए। डॉ. रूप सिंह द्वारा रखी गई इस बात पर राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह ने बड़े ध्यान से सुना। डॉ. रूप सिंह से कहा कि वह नेपाल पहुंचते ही इस मुद्दे पर विशेष ध्यान देंगे।
इससे से पहले राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह ने परिवार के साथ सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेककर गुरु घर का आशीर्वाद लिया। नेपाल के राजा ने कड़ाह प्रसाद की देग चढ़ाई। श्री गुरु ग्रंथ साहिब को पवित्र रुमाला साहिब भी भेंट किया। राजा ने सचखंड में एक लाख रुपये की भेंट भी चढ़ाई। श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन में राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह को गुरु बक्शीश सिरोपा व पताशों का प्रसाद भेंट किया गया।
श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा करते समय नेपाल के राजा ने सिख इतिहास, फलसफे व गुरु मर्यादाओं के बारे में विशेष रुचि दिखाई। डॉ. रूप सिंह ने राजा को श्री हरमंदिर साहिब की स्थापना से लेकर अब तक के इतिहास के बारे में जानकारी दी। सूचना केंद्र कार्यालय के अधिकारी जसविंदर जस्सी ने राजा के परिवार को परिक्रमा में स्थित अलग-अलग गुरुद्वारा साहिबान के इतिहास के साथ-साथ श्री अकाल तख्त साहिब के बारे में जानकारी दी।
श्री हरमंदिर साहिब के सूचना केंद्र कार्यालय में राजा व उनके साथ पारिवारिक सदस्यों को श्री हरमंदिर साहिब जी का सुनहरी मॉडल, सिरोपा व धार्मिक किताबों का सेट भेंट कर सम्मानित किया गया। नेपाल के राजा ने सूचना केंद्र में रखी विजिटर्स बुक में लिखा की सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेककर वह बेहद आनंदित हैं। यह पल बहुत ही गौरवशाली अनुभव है। इस अवसर पर एसजीपीसी अधिकारी सुखदेव सिंह भुराकोना, कुलविंदर सिंह रमदास, जत्थेदार हरबंस सिंह मंझपुर, मुख्त्यार सिंह, जसविंदर जस व राजिंदर रूबी भी मौजूद थे।