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अब इस जगह दिखेगा कबाड़ और ‘पत्थरों’ से बना नेकचंद का खूबसूरत 'वंडरलैंड'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 05 Oct 2017 01:32 PM IST
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रॉक गार्डन चंडीगढ़ के निर्माता नेकचंद
- फोटो : फाइल फोटो
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कबाड़ और ‘पत्थरों’ से बना नेकचंद का खूबसूरत 'वंडरलैंड' अब एक और जगह पर देखने को मिलेगा, जिसे अंतिम रूप देने में उनके बेटे जुटे हुए हैं।
जी हां, सर्बिया में एक रॉक गार्डन तैयार किया जा रहा है, वो भी रॉक गार्डन सोसायटी के सहयोग से। वास्तव में सर्बिया के म्यूजियम में नेक चंद के बनाए स्क्लप्चर और वेस्ट टू बेस्ट वस्तुओं को स्थापित किया जा रहा है।
इसको पांच अक्तूबर से आम पब्लिक के लिए खोला जाएगा।
नेकचंद के बेटे अनुज सैनी इस गार्डन को अंतिम रूप देने सर्बिया के लिए रवाना पहुंच गए हैं। अनुज सैनी को चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रतिनिधि के तौर पर भेजा है। इससे पहले वेनिस में भी नेकचंद के काम की प्रदर्शनी लगाई गई थी। सर्बिया में लोगों की गर्मजोशी को देखते हुए सर्बिया अपने म्यूजियम में नियमित तौर पर लोगों के देखने के लिए इसको जगह दे रहा है।
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सर्बिया में बनाए जाने वाले इस म्यूजियम की खूबी होगी नेकचंद के खूबसूरती से तैयार किए गए स्कल्पचर। ध्यान रहे कि रॉक गार्डन को नेकचंद ने घर के टूटे फूटे सामान, टॉयलेट सीट और दूसरी खराब चीजों को नया आकार देकर बनाया था। इसके लिए नेक चंद सैनी को 1984 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था।
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जी हां, सर्बिया में एक रॉक गार्डन तैयार किया जा रहा है, वो भी रॉक गार्डन सोसायटी के सहयोग से। वास्तव में सर्बिया के म्यूजियम में नेक चंद के बनाए स्क्लप्चर और वेस्ट टू बेस्ट वस्तुओं को स्थापित किया जा रहा है।
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इसको पांच अक्तूबर से आम पब्लिक के लिए खोला जाएगा।
नेकचंद के बेटे अनुज सैनी इस गार्डन को अंतिम रूप देने सर्बिया के लिए रवाना पहुंच गए हैं। अनुज सैनी को चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रतिनिधि के तौर पर भेजा है। इससे पहले वेनिस में भी नेकचंद के काम की प्रदर्शनी लगाई गई थी। सर्बिया में लोगों की गर्मजोशी को देखते हुए सर्बिया अपने म्यूजियम में नियमित तौर पर लोगों के देखने के लिए इसको जगह दे रहा है।
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सर्बिया में बनाए जाने वाले इस म्यूजियम की खूबी होगी नेकचंद के खूबसूरती से तैयार किए गए स्कल्पचर। ध्यान रहे कि रॉक गार्डन को नेकचंद ने घर के टूटे फूटे सामान, टॉयलेट सीट और दूसरी खराब चीजों को नया आकार देकर बनाया था। इसके लिए नेक चंद सैनी को 1984 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था।