फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Need Base Change Permnission with 100 Percent Changes

70 हजार अलॉटियों को नए साल का तोहफा, 100 फीसदी बदलाव के साथ नीड बेस्ड चेंज को मंजूरी

Sun, 23 Dec 2018 11:42 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 23 Dec 2018 11:42 AM IST
विज्ञापन
Need Base Change Permnission with 100 Percent Changes
flat
48 साल के लंबे इंतजार के बाद करीब 70 हजार आवंटियों को प्रशासन ने नए साल से पहले नीड बेस्ड चेंज का बड़ा तोहफा दिया है। प्रशासन की तीन महीने की कड़ी मशक्कत के बाद यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने नीड बेस्ड चेंज की फाइल पर 100 फीसदी बदलाव को मंजूरी दे दी है। बीते अक्तूबर माह में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की मीटिंग में नीड बेस्ड चेंज पर प्रस्ताव पास होने के बाद फाइल प्रशासक के पास भेजी गई थी। आखिरकार गहन मंथन के बाद प्रशासक ने फाइल पर अपनी मोहर लगा दी।
विज्ञापन


प्रशासन द्वारा बोर्ड के मकानों में 50 से 75 प्रतिशत तक कवर्ड एरिया में बदलाव को मंजूरी दी थी। यह राहत अलाटियों को कैटेगरी वाइज दी गई है। इसके लिए अलाटियों को आर्किटेक्ट के पैनल से स्वयं प्रमाणित सर्टिफिकेट देना पड़ेगा। साथ ही पूरी बालकनी कवर करने के लिए चीफ फायर ऑफिसर से नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट सीएचबी को देना होगा। इसके बाद सीएचबी की ओर से राहत प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


अलाटियों को ऐसे मिली है छूट
फ्लैट्स पर बैकयार्ड में 50 प्रतिशत या 150 स्क्वायर फुट से कम हो, उस पर मंजूरी दी गई है। वहीं ईडब्ल्यूएस, वन रूम, टेनामेंट और एलआईजी कैटेगरी के मकानों को 75 प्रतिशत कवर्ड एरिया या 150 स्क्वायर फुट से कम हो, उस पर मंजूरी दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इतनी देनी होगी कंपाउंडिंग फीस

बोर्ड द्वारा कंपाउंडिंग फीस को 500 रुपये प्रति स्क्वायर फुट रखा गया है। बताया जाता है कि बोर्ड नीड बेस्ड चेंज पर लगाई गई वार्षिक पेनल्टी का प्रोविजन भी खत्म कर दिया गया है। इसके एवज में अलाटियों से वन टाइम सेटलमेंट फीस ली जाएगी। जिन अलाटियों की नीड बेस्ड चेंज रेगुलराइज होगी, उनके वायलेशन के नोटिस वापस लिए जाएंगे।

बोर्ड की मीटिंग में दे दी गई थी मजूंरी
बता दें कि हाउसिंग बोर्ड के अलाटियों में 85 प्रतिशत लोगों ने अपने मकानों में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त निर्माण किया है। बीते पांच अक्तूबर को हुई बोर्ड मीटिंग में इसे सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी गई थी। इसके बाद पेक की स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी रिपोर्ट और पड़ोसियों की प्राइवेसी को देखकर इसे फाइनल मंजूरी दी जाएगी।

सांसद के प्रयास से लोगों को मिली खुशी
सीएचबी के आवासों के आवंटियों को बड़ी राहत दिलाने में सांसद किरण खेर की महती भूमिका रही है। इस मौके पर सांसद ने कहा कि यह फ्लैट मालिकों की लंबे समय से लंबित मांग थी और उन्होंने लोगों से वादा किया था कि वह इसे पूरा कराएंगी। सांसद ने नियमित रूप से यूटी प्रशासन के साथ इस मुद्दे को उठाया और यह सुनिश्चित किया कि यह नए साल की शुरुआत से पहले अनुमोदित हो जाए।

अवकाश होने के चलते नहीं पहुंची फाइल
इस संदर्भ में सीएचबी के चीफ इंजीनियर राजीव सिंगला ने बताया कि बोर्ड की मीटिंग में जो भी प्रस्ताव पास हुए थे, उन सभी प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की बात सामने आ रही है। फिलहाल अवकाश होने के चलते अभी फाइल ऑफिस नहीं आई है। सोमवार को फाइल कार्यालय आएगी, सभी तथ्य सामने आ जाएंगे।

इन प्रमुख बदलाव पर लगी मोहर

- मकान के सामने और पीछे की साइड पर कोर्ट यार्ड की चौड़ाई के साथ 914 मिमी खिड़की लगाने की अनुमति
- मौजूदा खिड़की का आकार मंजिल के हिसाब से 4 इंच ऊपर के स्तर को कम करके आकार में बढ़ाया जा सकता है
- प्रमाणित नक्शे के अनुसार एक अतिरिक्त निर्माण की अनुमति है।
- 1 से 3 मीटर तक छत में कट के साथ स्लैब में टैंक, सौर जल तापन प्रणाली, डिश एंटेना आदि जैसी सेवाओं में भाग लेने के लिए बनाया जा सकता है
- मुख्य द्वार की चौड़ाई 3660 मिमी और ऊंचाई 1820 मिमी तक बढ़ाई जा सकती है
- आवासों में एक अतिरिक्त द्वार का निर्माण कुछ शर्तों के अधीन किया जाता है
- पीछे के आंगन/छत में अतिरिक्त निर्माण की अनुमति इस शर्त पर दी गई है कि निर्माण का कुल क्षेत्रफल 150 स्क्वायर फुट या 50 फीसदी से अधिक नहीं होगा।
- ईडब्ल्यूएस/ एलआईजी मकानों के लिए पीछे के आंगन/ छत में अतिरिक्त निर्माण इस शर्त के अधीन है कि निर्माण का कुल क्षेत्र 150 स्क्वायर फुट से अधिक नहीं होगा या आंगन/छत के क्षेत्रफल 75 फीसदी से कम न हो
- गेट को साइड बाउंड्री वॉल से सामने के आंगन की सामने की बाउंड्री वॉल पर शिफ्ट करने की अनुमति दी गई है
- बालकनी/बरामदे में मुख्य अग्निशमन अधिकारी की मंजूरी के अधीन ग्रिल/ग्लेजिंग का निर्धारण
- पीएसी (यू) द्वारा अनुमोदित डिजाइन के अनुसार लिफ्टों के निर्माण की अनुमति दी गई है
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed