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युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए NCERT उठाएगी बड़ा कदम, देखिए

Sun, 29 Oct 2017 11:49 AM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 29 Oct 2017 11:49 AM IST
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ncert will include chapter based on drugs in books
NCERT - फोटो : demo pic
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र (एनसीईआरटी) आगामी सत्र से स्कूली छात्रों के पाठ्यक्रम में नशे के खिलाफ अलग से एक विषय शामिल करने जा रही है। एनसीईआरटी का एक विशेष पैनल पाठ्यक्रम तैयार करने में जुटा है। यह पाठ्यक्रम किस प्रकार होगा और बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए किन पहलुओं पर पाठ पढ़ाया जाएगा। इसको लेकर रिसर्च जारी है। संभावित अगले सत्र से स्कूली छात्रों के सिलेबस में यह पाठ्यक्रम शामिल किया जाएगा।
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एनसीईआरटी जो मॉडल तैयार कर रहा है, वो छठी से 10वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए लागू होगा। अकसर स्कूल लाइफ पास आउट होने के बाद बच्चे कॉलेज लाइफ में गलत संगत में पड़ने के कारण नशा आदि करने लगते हैं। पिछले कुछ सालों में युवाओं में नशे का सेवन बढ़ने जैसे आंकड़े सामने आए हैं। जोकि देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए काफी चिंताजनक हैं।
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एनसीईआरटी के निदेशक हृषिकेश सेनापति ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि 6वीं से 10वीं कक्षा तक के  बच्चों के लिए यह मॉडल तैयार किया जा रहा है। बच्चों को नशे से दूर रखा जा सके, इसके लिए पूरा एक पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जोकि बच्चों के सिलेबस में शामिल किया जाएगा। एनसीईआरटी के डायरेक्टर ने कहा कि संभावित अगले सत्र से यह पाठ्यक्रम बच्चों की किताबों में शामिल कर दिए जाए। हृषिकेश सेनापति ने बताया कि इस पर रिसर्च जारी है, पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है।
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हाईकोर्ट में भी पेश किया मॉड्यूल
एनसीईआरटी ने हाल ही में एक  मामले में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में भी अपने इस मॉड्यूल को पेश किया था। हाईकोर्ट को इस मॉड्यूल की पूरी जानकारी दी गई थी। इस केस में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बढ़ रही ड्रग्स तस्करी और युवाओं में बढ़ रही नशे की लतखोरी को लेकर मामला था, जिस पर आज भी हाईकोर्ट में मामला चल रहा है। एनसीईआरटी की ओर से हाईकोर्ट में बताया गया किस प्रकार बच्चों के सिलेबस में इस प्रकार का सब्जेक्ट शामिल कर बच्चों को नशे से दूर रखा जा सकता है।


इस पर हाईकोर्ट की ओर से भी कुछ निर्देश जारी किए गए थे। हाईकोर्ट ने इसमें एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाने को क हा है। जोकि सीधा प्रशासक के निगरानी में कार्यरत होगा। इसके अलावा  यूटी प्रशासन और एजूकेशन डिपार्टमेंट को ड्रग एब्यूज प्रीवेंशन वालंटियर (स्टूडेंट वालंटियर) तैयार करने के लिए कहा है, जोकि समय-समय पर  नशे के खिलाफ विशेष मुहिम चलाकर लोगों को और युवाओं को जागरूक करें।
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