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पेक पहुंची एनबीए की टीम, ग्रेडिंग के लिए 60 से अधिक मानकों की जांच
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चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी की ग्रेडिंग के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडिएशन (एनबीए) की टीम पहुंची है। टीम ने पहले दिन 60 से अधिक मानकों की जांच की। यह टीम पेक को सुझाव देगी और उसी के आधार पर ग्रेड मिलेगा। बताया जाता है कि शोध से लेकर शिक्षक-छात्र अनुपात पेक का ठीक नहीं है। इस बिंदु पर अंक कटेंगे।
एनबीए का काम इंजीनियरिंग संस्थानों की ग्रेडिंग करना है। यहां का बोर्ड संस्थानों में जाता है और मानकों की जांच करता है। इसी के तहत एक टीम पेक में पहुंची है जो तीन दिन तक मानकों को देखेगी। सूत्रों का कहना है कि पहले दिन छात्र-शिक्षक अनुपात को देखा गया, जो छात्रों की संख्या से कम है। हालांकि पेक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इसके लिए नियम भी बन रहे हैं। शोध का ग्राफ अच्छा नहीं है। पब्लिकेशंस व पेटेंट पर भी काम कम हुआ है। इसके अलावा छात्रावासों की संख्या छात्रों के मुताबिक है या नहीं, यह भी देखा जा रहा है। मिलने वाली सुविधाएं, कोर्स संचालन, छात्रों को कैंपस में वाई-फाई की सुविधा मिल रही है या नहीं। छात्रों से पढ़ाई के बाद लिया जाने वाला फीडबैक भी देखा जा रहा है। इसके अलावा कई अन्य मानकों की भी जांच होगी।
नैक की टीम अगले साल पहुंचेगी पीयू
नैक का दौरा हर पांच साल में होता है। पंजाब विश्वविद्यालय का निरीक्षण वर्ष 2020 में होना था, लेकिन दो साल का समय अतिरिक्त मांगा गया था। इस कारण वर्ष 2022 में नैक की टीम पीयू का दौरा करेगी। पिछले निरीक्षण के समय मिली खामियां को पूरा किया गया या नहीं, यह देखा जाएगा। इसके अलावा कई अन्य नए मानकों की भी जांच होगी। सूत्रों का कहना है कि पीयू ने बड़े मानकों पर काम नहीं किया है। इस पर काम चल रहा है, लेकिन उसे आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। शिक्षक भर्ती से लेकर विभागों के विलय तक का काम बचा हुआ है। यह काम पूरा नहीं होता है तो पीयू को नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रेडिंग में बड़ा अंतर आ सकता है।
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एनबीए का काम इंजीनियरिंग संस्थानों की ग्रेडिंग करना है। यहां का बोर्ड संस्थानों में जाता है और मानकों की जांच करता है। इसी के तहत एक टीम पेक में पहुंची है जो तीन दिन तक मानकों को देखेगी। सूत्रों का कहना है कि पहले दिन छात्र-शिक्षक अनुपात को देखा गया, जो छात्रों की संख्या से कम है। हालांकि पेक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इसके लिए नियम भी बन रहे हैं। शोध का ग्राफ अच्छा नहीं है। पब्लिकेशंस व पेटेंट पर भी काम कम हुआ है। इसके अलावा छात्रावासों की संख्या छात्रों के मुताबिक है या नहीं, यह भी देखा जा रहा है। मिलने वाली सुविधाएं, कोर्स संचालन, छात्रों को कैंपस में वाई-फाई की सुविधा मिल रही है या नहीं। छात्रों से पढ़ाई के बाद लिया जाने वाला फीडबैक भी देखा जा रहा है। इसके अलावा कई अन्य मानकों की भी जांच होगी।
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नैक की टीम अगले साल पहुंचेगी पीयू
नैक का दौरा हर पांच साल में होता है। पंजाब विश्वविद्यालय का निरीक्षण वर्ष 2020 में होना था, लेकिन दो साल का समय अतिरिक्त मांगा गया था। इस कारण वर्ष 2022 में नैक की टीम पीयू का दौरा करेगी। पिछले निरीक्षण के समय मिली खामियां को पूरा किया गया या नहीं, यह देखा जाएगा। इसके अलावा कई अन्य नए मानकों की भी जांच होगी। सूत्रों का कहना है कि पीयू ने बड़े मानकों पर काम नहीं किया है। इस पर काम चल रहा है, लेकिन उसे आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। शिक्षक भर्ती से लेकर विभागों के विलय तक का काम बचा हुआ है। यह काम पूरा नहीं होता है तो पीयू को नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रेडिंग में बड़ा अंतर आ सकता है।
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