60 बरस के सिद्धू: परिवार के साथ मंदिर और गुरुद्वारा साहिब में टेका माथा, बेटे ने दिया खास तोहफा
जन्मदिन के मौके पर नवजोत सिंह सिद्धू ने संकल्प लिया कि भविष्य में उनका एकमात्र मकसद पंजाब का कल्याण होगा। इसके लिए वह जी जान से काम करेंगे। पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि आजकल माता के पावन नवरात्र चल रहे हैं और इस दौरान उनके घर में सभी ने मौन धारण किया है।
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पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को अपने 60वें जन्म दिवस पर परिवार के साथ ऐतिहासिक श्री काली माता मंदिर और गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब में माथा टेका। एक नवंबर को पंजाब सरकार पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में महा डिबेट का आयोजन कर रही है। इस डिबेट में हिस्सा लेने के बारे में सिद्धू ने वह बिना बुलाए केवल श्री दरबार साहिब जाते हैं। अगर कोई सम्मानजनक ढंग से उन्हें कहीं भी बुलाता है तो वह जरूर जाते। पंजाब के कल्याण में ही सभी पंजाबियों के हित निहित हैं। इसलिए सूबे में एक ऐसा सिस्टम सृजित करने की जरूरत है, जो जन कल्याण पर आधारित हो लेकिन आज राजनीति एक व्यवसाय बन चुकी है।
राजनेता जब तक इस सोच का त्याग नहीं करेंगे, तब तक पंजाब का कल्याण होना मुश्किल है। जन्मदिन के मौके पर सिद्धू ने संकल्प लिया कि भविष्य में उनका एकमात्र मकसद पंजाब का कल्याण होगा। इसके लिए वह जी जान से काम करेंगे। पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि आजकल माता के पावन नवरात्र चल रहे हैं और इस दौरान उनके घर में सभी ने मौन धारण किया है। अपने जन्मदिन पर सिद्धू ने काली माता मंदिर में माथा टेक कर पंजाब के विकास के लिए प्रार्थना की है।
बेटे कर्ण ने पगड़ी बांधकर पिता को दिया जन्मदिन का खास तोहफा
नवजोत सिद्धू के लिए उनका यह जन्मदिन खास बन गया, जब उनके बेटे कर्ण सिंह सिद्धू ने पगड़ी बांध कर उन्हें खास तोहफा दिया। कर्ण सिद्धू ने बताया कि अब तक उन्होंने कभी भी पगड़ी नहीं बांधी थी, इस बारे में अक्सर लोग उन्हें कह भी देते थे। आज उन्होंने पिता के जन्मदिन पर पगड़ी बांधकर उन्हें खास तोहफा दिया है। उन्होंने फैसला लिया है कि अब से वह हमेशा पगड़ी बांधेंगे। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी हो रही है कि उनका बेटा अपने दादा के नक्शे कदमों पर चल पगड़ी बांधने लगा है।