{"_id":"65ddee1d9c923b83980357c6","slug":"navjot-singh-sidhu-met-priyanka-gandhi-in-new-delhi-2024-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab News: भाजपा में जाने की चर्चा के बीच प्रियंका गांधी से मिले नवजोत सिद्धू, कहा- सकारात्मक चर्चा हुई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab News: भाजपा में जाने की चर्चा के बीच प्रियंका गांधी से मिले नवजोत सिद्धू, कहा- सकारात्मक चर्चा हुई
Tue, 27 Feb 2024 07:55 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 27 Feb 2024 07:55 PM IST
सार
नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को प्रियंका गांधी से नई दिल्ली में मुलाकात की। भाजपा में जाने की चर्चा के बीच सिद्धू की यह मुलाकात बेहद अहम है। सिद्धू ने इस मुलाकात से पंजाब में जारी राजनीतिक कयासबाजी पर विराम लगा दिया है।
विज्ञापन
नवजोत सिंह सिद्धू और प्रियंका गांधी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने की चर्चा के बीच नई दिल्ली में प्रियंका गांधी से नवजोत सिंह सिद्धू ने मुलाकात की। सिद्धू ने खुद ट्वीट कर जानकारी साझा की और लिखा है कि आज दिल्ली में प्रियंका गांधी से मुलाकात की। सकारात्मक चर्चा हुई। आगे का रास्ता। गौरतलब है कि इस मुलाकात से पहले सिद्धू ने सोमवार को अपने आधिकारिक पेज पर वीडियो भी साझा किया था। इसमें उन्होंने शायराना अंदाज में कहा था कि हमारी अफवाहों का धुआं वहां से उठता है गुरु, जहां हमारे नाम से आग लग जाती है।
विज्ञापन
दरअसल, सिद्धू ने लगातार पंजाब कांग्रेस की बैठकों से दूरी बना रखी है। यहां तक कि हाल ही में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पंजाब में हुए कार्यक्रम में भी सिद्धू शामिल नहीं हुए थे। ऊपर से सिद्धू अपनी अलग ही रैलियां कर रहे हैं। इसके बाद से अटकलें लगातार तेज हो रही हैं कि सिद्धू भाजपा में दोबारा आ सकते हैं। हालांकि सिद्धू मीडिया में इन सभी अटकलों का खंडन कर चुके हैं। इसी बीच पहले सिद्धू ने इंडिया गठबंधन की तारीफ की फिर राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का वीडियो साझा किय और एक्स पर लिखा कि इंडिया गठबंधन का मजबूत होना हमारे लोकतंत्र के लिए एक बड़ा वरदान है।
विज्ञापन
आगे लिखा कि एक निरंकुश तानाशाह सरकार के खिलाफ जो सत्ता का केंद्रीयकरण कर रही है। संघीय ढांचे को तोड़ रही है। देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को गुलाम बना रही है और मौलिक नागरिक अधिकारों को बाधित कर रही है। गठबंधन के लिए एक कामन मिनीमम प्रोग्राम गेम चेंजर हो सकता है। एक और एक 11 विरोधी नौ दो 11।
विज्ञापन
गौरतलब है कि साल 2004 में सिद्धू ने भाजपा का दामन थामा था। इसके बाद वह अमृतसर सीट से सांसद बने। साल 2017 में अकाली दल के साथ पंजाब में गठबंधन को लेकर सिद्धू ने पार्टी से नाराजगी के साथ भाजपा को छोड़ दिया था और कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी।