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पद की गरिमा के लिए शो छोड़ने की याचिका, सिद्धू के खिलाफ हाईकोर्ट में सुनवाई टली
amarujala.com- submitted by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 09 Apr 2017 09:04 AM IST
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नवजोत सिद्धू के 'ठहाकों' पर इतना हंगामा क्यों है बरपा?
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नवजोत सिद्धू के 'ठहाकों' के खिलाफ हाईकोर्ट में डाली गई याचिका पर सुनवाई टल गई है। वहीं मामले में सिद्धू पर कई तरह के सवाल दागे गए हैं। केस की अगली सुनवाई अब 11 मई को होगी।
केस की सुनवाई करते हुए कहा गया कि कैबिनेट मंत्री बनने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ याचिका में उठाया गया मुद्दा सैद्धांतिक रूप से सही है, लेकिन इसके पीछे कोई ठोस कानूनी आधार नहीं बताया गया है। कपिल के कॉमेडी शो में सिद्घू के मंत्री रहते काम करने को गलत करार देने वाली याचिका पर टिप्पणी करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह बात कही।
वकील एचसी अरोड़ा ने की पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में की जनहित याचिका दायर कर यह मुद्दा उठाया है। याची ने सवाल उठाया है कि क्या एक मंत्री संविधानिक औहदे पर रहते हुए कॉमेडी शो में हिस्सा लेकर पैसा कमा सकता है यदि हां तो क्या वित्तीय लाभ गैर कानूनी नहीं? अगर ये ठीक है तो सरकारी कर्मचारी और कोई काम क्यों नहीं कर सकता?
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हाईकोर्ट ने कहा कि सैद्धांतिक रूप से याचिकाकर्ता की दलीलें सही हैं, लेकिन इसके पीछे कोई ठोस कानूनी आधार नहीं दिया गया है। ऐसे में सिद्धू के शो करने पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। इस दौरान एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने कहा कि कानूनी मशहवरे के बाद ही सिद्धू ने कॉमेडी शो में काम करना जारी रखा है।
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केस की सुनवाई करते हुए कहा गया कि कैबिनेट मंत्री बनने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ याचिका में उठाया गया मुद्दा सैद्धांतिक रूप से सही है, लेकिन इसके पीछे कोई ठोस कानूनी आधार नहीं बताया गया है। कपिल के कॉमेडी शो में सिद्घू के मंत्री रहते काम करने को गलत करार देने वाली याचिका पर टिप्पणी करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह बात कही।
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वकील एचसी अरोड़ा ने की पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में की जनहित याचिका दायर कर यह मुद्दा उठाया है। याची ने सवाल उठाया है कि क्या एक मंत्री संविधानिक औहदे पर रहते हुए कॉमेडी शो में हिस्सा लेकर पैसा कमा सकता है यदि हां तो क्या वित्तीय लाभ गैर कानूनी नहीं? अगर ये ठीक है तो सरकारी कर्मचारी और कोई काम क्यों नहीं कर सकता?
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हाईकोर्ट ने कहा कि सैद्धांतिक रूप से याचिकाकर्ता की दलीलें सही हैं, लेकिन इसके पीछे कोई ठोस कानूनी आधार नहीं दिया गया है। ऐसे में सिद्धू के शो करने पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। इस दौरान एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने कहा कि कानूनी मशहवरे के बाद ही सिद्धू ने कॉमेडी शो में काम करना जारी रखा है।
मंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा खराब कर रहे सिद्धू
'म्यूजियम' में सजते ही सिद्धू के भाव गिरे
- फोटो : File Photo
बता दें कि पंजाब की नई सरकार में अहम पद की शपथ लेने से पहले ही नवजोत सिद्धू मुसीबतों में घिर गए थे। उनके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। कांग्रेस के टिकट पर अमृतसर ईस्ट से विधानसभा चुनाव जीतने वाले नवजोत सिंह सिद्धू को सूबे की नई सरकार में कोई ओहदा देने से पहले कपिल शर्मा शो छोड़ने की मांग की गई।
यह मांग पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट एससी अरोड़ा ने पंजाब के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में की। पत्र में मांग की गई है कि नवजोत सिंह को तब तक किसी पद पर शपथ न दिलाई जाए, जब तक कि वे कपिल शर्मा शो से खुद को अलग नहीं कर लेते। एडवोकेट अरोड़ा ने अपने पत्र में मंत्रियों के लिए तय संवैधानिक नियमों व शर्तों का हवाला भी दिया है।
अरोड़ा का कहना है कि यदि सिद्धू मंत्री या उपमुख्यमंत्री बनते हैं और अतिरिक्त पैसा कमाने के लिए किसी कामेडी शो में काम करते हैं, तो उनका यह कार्य एक मंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ होगा। निम्न स्तर पर किसी कर्मचारी को भी सरकारी सेवा में रहते किसी बिजनेस या पार्ट टाइम जॉब में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं है। यही नियम लोकतांत्रिक व संवैधानिक पदों पर भी लागू होनी चाहिए।
यह मांग पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट एससी अरोड़ा ने पंजाब के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में की। पत्र में मांग की गई है कि नवजोत सिंह को तब तक किसी पद पर शपथ न दिलाई जाए, जब तक कि वे कपिल शर्मा शो से खुद को अलग नहीं कर लेते। एडवोकेट अरोड़ा ने अपने पत्र में मंत्रियों के लिए तय संवैधानिक नियमों व शर्तों का हवाला भी दिया है।
अरोड़ा का कहना है कि यदि सिद्धू मंत्री या उपमुख्यमंत्री बनते हैं और अतिरिक्त पैसा कमाने के लिए किसी कामेडी शो में काम करते हैं, तो उनका यह कार्य एक मंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ होगा। निम्न स्तर पर किसी कर्मचारी को भी सरकारी सेवा में रहते किसी बिजनेस या पार्ट टाइम जॉब में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं है। यही नियम लोकतांत्रिक व संवैधानिक पदों पर भी लागू होनी चाहिए।