प्रियंका गांधी के बयान के बाद कयासबाजी शुरू, सिद्धू को डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा तेज
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जुलाई में कैबिनेट मंत्री का ओहदा छोड़ने के बाद सियासत से दूरी बना चुके नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। पंजाब के सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि नवजोत सिद्धू को उप मुख्यमंत्री का पद देकर सक्रिय राजनीति में वापस लाया जा रहा है।
दरअसल यह चर्चा उस समय तेज हुई जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने नई दिल्ली में चैनल से बातचीत के दौरान नवजोत सिद्धू को मेनस्ट्रीम में लाने की बात कही। प्रियंका के इस बयान के तुरंत बाद पंजाब कांग्रेस में अटकलें तेज हो गईं कि सिद्धू को राज्य का उपमुख्यमंत्री का पद दिया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस की ओर से नपी-तुली प्रतिक्रिया दी जा रही है।
राजा वड़िंग सहित कुछ विधायकों ने जहां सीधे तौर पर इसका स्वागत किया है तो वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इतना ही कि कहा कि सिद्धू पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी को उनके योगदान की आवश्यकता है। वैसे उन्होंने डिप्टी सीएम के रूप में सिद्धू की वापसी की खबरों से इनकार भी नहीं किया लेकिन गेंद आलाकमान के पाले में डाल दी है। उन्होंने कहा कि आलाकमान जो भी फैसला लेगा, वह सभी को मान्य होगा।
दूसरी ओर, माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मनमुटाव के बाद कैबिनेट मंत्री का पद छोड़ने के बाद से नवजोत सिद्धू कांग्रेस और प्रदेश सरकार के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए हैं। चार माह के दौरान वह केवल एक बार, करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन अवसर पर सार्वजनिक तौर पर सामने आए लेकिन उस समय भी उन्होंने सियासी मंच और मीडिया से दूरी बनाए रखी।
इस बीच, भाजपा और आम आदमी पार्टी द्वारा नवजोत सिद्धू को अपने पाले में लाने की कोशिशों को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान को उनकी याद आ गई है। इसके अलावा, कैप्टन सरकार के कई नाराज विधायकों के नवजोत सिद्धू के संपर्क में होने की चर्चाओं ने भी पार्टी आलाकमान को सचेत किया है कि उन्हें अब और साइडलाइन नहीं किया जा सकता।
प्रदेश कांग्रेस में यह चर्चा है कि प्रियंका ने सिद्धू को पंजाब का उपमुख्यमंत्री बनाने की राय दी है और उन्होंने इस बाबत कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी बातचीत भी की है। हालांकि कैप्टन की ओर से इस संबंध में कोई बयान नहीं आया है। उल्लेखनीय है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने 20 जुलाई को कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।
इसके बाद वह पंजाब सचिवालय और राज्य विधानसभा के सत्रों में भी नहीं पहुंचे। वहीं, राज्य सरकार की तरफ से उनके कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफे की जानकारी आज तक राज्य विधानसभा को नहीं दी गई है, जिसके चलते पंजाब विधानसभा के रिकॉर्ड में नवजोत सिद्धू आज भी कैबिनेट मंत्री हैं।