कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं: अब सिद्धू और वड़िंग आमने-सामने, गुरु बोले- मुझे फर्क नहीं पड़ता, रैली जारी रखूंगा
पंजाब कांग्रेस में नेताओं के बीच रार बरकरार है। अब अलग-अलग रैली करने पर नवजोत सिंह सिद्धू और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग आमने-सामने आ गए। सिद्धू ने वड़िंग पर हमला बोला तो वहीं वड़िंग ने सिद्धू को पार्टी अनुशासन की याद दिलाई।
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कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू व पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग अब आमने-सामने आ चुके हैं। विवाद रैली को लेकर शुरू हुआ है। पार्टी में अपनी डफली, अपना राग की तर्ज पर नवजोत सिंह सिद्धू ने जहां रैलियों को भविष्य में भी जारी रखने का एलान किया है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग ने साफ कर दिया है कि सिद्धू बेशक रैलियां करें लेकिन पार्टी आचार संहिता एवं अनुशासन में रहते हुए करें तो बेहतर है।
सोमवार को कांग्रेस के नवनियुक्त पंजाब प्रभारी देवेंद्र यादव ने श्री हरमंदिर साहिब जी में माथा टेका। इस बीच पंजाब कांग्रेस के दोनों दिग्गज नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ भड़ास निकाली है। इन नेताओं के बीच चल रही सियासी खींचतान पर देवेंद्र यादव ने कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि वह इस मसले पर भी विचार करेंगे।
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बनने के बाद पहली बार श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे देवेंद्र यादव के साथ नवजोत सिंह सिद्दू भी थे। सिद्धू ने मीडिया के समक्ष स्पष्ट किया कि मेरी रैली और बैठकों के बारे में कोई क्या बोलता है, उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। सिद्धू ने कहा कि उनकी रैलियों का सिलसिला जारी रहेगा।
पार्टी को मजबूत करने के लिए रैलियों का आयोजन कर रहा हूं। यह साबित भी कर दूंगा कि रैली करने का फैसला सही है। कांग्रेस इससे मजबूत हो रही है। सिद्धू ने राजा वड़िंग को चुनौती दी है कि अगर उनमें दम है तो वह भी रैली में 10 हजार कार्यकर्ताओं को एकत्रित कर दिखाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष होने के बावजूद भी वड़िंग में रैली करने का सामर्थ नहीं है।
अनुशासन हर कार्यकर्ता और नेता पर लागू: राजा वड़िंग
सिद्धू की रैली के संबंध में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू रैलियां बेशक करें लेकिन पार्टी के अनुशासन को न तोड़े, आचार संहिता को भंग करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अनुशासन वाली पार्टी है। इसमें पार्टी नियमों के अनुसार जो प्रोग्राम तय होते हैं, उन पर सभी नेता और कार्यकर्ता अमल करते हैं। मगर पार्टी नियमों के खिलाफ जो भी काम करता है उसे पार्टी के अंदर स्वीकृति नहीं दी जा सकती। यह पार्टी का नियम और अनुशासन है। अनुशासन हर कार्यकर्ता और नेता के ऊपर लागू होता है।