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सिद्धू की सलाह- इन फसलों पर पंजाब सरकार दे एमएसपी, माफियाओं को बंद करने की उठाई मांग

Mon, 19 Oct 2020 10:30 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 19 Oct 2020 10:30 PM IST
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Navjot Singh Sidhu advice, Punjab government should apply MSP on pulses, vegetables and oilseeds
नवजोत सिंह सिद्धू (फाइल फोटो) - फोटो : twitter

करीब सवा साल बाद सोमवार को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में कांग्रेस विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू नजर आए। उन्होंने अपने वेब चैनल पर सूबे के किसानों की समस्याओं का हल सुझाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को दाल, सब्जियों और तिलहन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करना चाहिए। जहां तक इन्हें खरीदने के लिए पैसे की दिक्कत है तो रेत, शराब और ट्रांसपोर्ट माफियाओं को बंद किया जाए। इससे पैसों का अंबार लग जाएगा।

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सिद्धू ने कहा कि पंजाब में किसानों का संघर्ष केवल किसानों का नहीं बल्कि पूरे पंजाब का संघर्ष है। उन्होंने कहा कि आज गेहूं और धान उठाने के अलावा सरकार के पास किसानी का अन्य कोई मॉडल नहीं है। उन्होंने कहा कि न तो राज्य सरकार के पास भंडारण की व्यवस्था है। 
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अभी किसानों को एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) के जरिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) मिल रही है, कल पता नहीं मिलेगी या नहीं। उन्होंने कहा कि पंजाब चावल नहीं खाता लेकिन पैदावार के लिए 1400 करोड़ क्यूबिक पानी हर साल जमीन से निकाला जा रहा है, जिससे अगले 10 साल में जमीन बंजर हो जाएगी।
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उन्होंने मांग की है कि पंजाब सरकार राज्य में पैदा होने वाली दालों, सब्जियों और तिलहन के लिए एमएसपी जारी करे। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि राज्य सरकार के पास किसानों की फसलें खरीदने के लिए पैसा नहीं है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य सरकार रेत, शराब और ट्रांसपोर्ट माफियाओं को खत्म कर दे तो पैसों का अंबार लग सकता है। सिद्धू ने राज्य सरकार से माफियाओं को खत्म करने की गुहार भी लगाई। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र के तीनों 'काले कानून' लागू हो गए तो हमारे पास किसानों को बचाने के 2-3 साल ही रह गए हैं। तीनों कानून किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बना देंगे।

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