नवजोत सिद्धू बयान से पलटे, बोले- राहुल गांधी के कहने पर नहीं, इमरान खान के न्योते पर गए थे पाकिस्तान
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Get your facts right before you distort them,
— Navjot Singh Sidhu (@sherryontopp) November 30, 2018
Rahul Gandhi Ji never asked me to go to Pakistan.
The whole world knows I went on Prime Minister Imran Khan’s personal invite.
नवजोत सिद्धू ने विवाद से राहुल गांधी को निकालते हुए कहा कि मैं राहुल गांधी के कहने पर पाक नहीं गया था, मुझे तो पाक पीएम इमरान खान ने बुलाया था। उनका न्योता था, तो चला गया। इस बात को गलत ढंग से नहीं लेना चाहिए। शुक्रवार को सिद्धू ने कहा था कि कैप्टन कौन कैप्टन, मुझ तो मेरे कैप्टन राहुल गांधी ने पाकिस्तान भेजा था।
शनिवार को सिद्धू ने ट्वीट किया कि राहुल गांधी जी ने मुझे कभी पाकिस्तान जाने के लिए नहीं कहा। पूरी दुनिया जानती है कि मैं प्रधानमंत्री इमरान खान के व्यक्तिगत आमंत्रण पर पाकिस्तान गया था। सिद्धू का कहना था कि कांग्रेस में हरीश रावत, रणदीप सिंह सुरजेवाला और शशि थरूर ने उनकी पाकिस्तान यात्रा को अच्छा बताया है।
अगर सिद्धू अमरिंदर को कैप्टन नहीं मानते तो इस्तीफा दे दें
गौरतलब है कि करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला के बाद उपजे सियासी हालात ने पंजाब के मंत्रियों को उलझन में डाल दिया है। पाकिस्तान के प्रति मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के अलग-अलग रवैये के कारण पंजाब सिविल सचिवालय में ज्यादातर मंत्री इस विषय पर कुछ भी कहने से गुरेज करते रहे। उनकी मुश्किल यह रही कि अगर वे नवजोत सिद्धू की पाक यात्रा को सही ठहराते तो मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पाक न जाने के कारणों को भी गलत नहीं ठहरा सकते थे।
मंत्रियों ने केवल इतना ही कहा कि करतारपुर कॉरिडोर की बरसों पुरानी मांग पूरी हो रही है, वे इसी बात से खुश हैं और पूरे सिख समुदाय को बहुत बड़ी सौगात मिलने जा रही है। पाकिस्तान के अपने पहले दौरे के दौरान पाक सेना प्रमुख बाजवा से गले मिलकर विवादों में घिरे नवजोत सिद्धू को जब इस हफ्ते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने करतारपुर कॉरिडोर के आधारशिला कार्यक्रम के लिए न्योता दिया तो वे पाक जाने के लिए फौरन तैयार हो गए। हालांकि उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री और भारत सरकार से अनुमति मांगने की औपचारिकता भी निभाई लेकिन उनका पाक जाने का कार्यक्रम तय था।
इसलिए वे दोनों तरफ से अधिकृत अनुमति नहीं मिलने पर निजी यात्रा पर पाकिस्तान चले गए। इधर, कैप्टन अमरिंदर सिंह पाकिस्तान से न्योता मिलने के बाद भी पाक सेना के भारतीय सीमा पर हमलों के विरोध में नहीं गए। उन्होंने सिद्धू को भी पाक न जाने की सलाह दी लेकिन सिद्धू ने उनकी बात नहीं मानी। नवजोत सिद्धू के दूसरे पाक दौरे के दौरान भी विवाद खड़ा हो गया जब खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला के साथ उनकी तस्वीर वायरल हो गई। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया लेकिन कांग्रेस आलाकमान और पंजाब कांग्रेस की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।