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ग्राउंड रिपोर्ट: पंजाब के लिए नजीर है शहीद-ए-आजम का गांव, बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधा बेहद उम्दा
Thu, 24 Mar 2022 11:03 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 24 Mar 2022 11:03 AM IST
सार
खटकड़कलां गांव की कुल 1400 की आबादी राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। वर्तमान में 1100 लोग ही गांव में रहते हैं। करीब 300 लोग व्यवसाय या शिक्षा के कारण दूसरे शहरों में या विदेश में रह रहे हैं।
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शहीद भगत सिंह की प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब सहित देश के दूसरे गांवों के लिए नजीर से कम नहीं है शहीद-ए-आजम भगत सिंह का गांव। यहां बिजली, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। गांव के अधिकांश लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि होने के बाद भी यह गांव शिक्षा के स्तर में अव्वल है। हरे-भरे खेतों से घिरे इस गांव में हर तरफ संपन्नता दिखती है।
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किसी भी गांव का नाम आते ही जहन में एक तस्वीर बनती है। उसमें टूटी सड़कें, गंदी नालियां, कच्चे मकान, बदहाल स्कूल नजर आते हैं। स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लेने के लिए लोग गांव से कई किलोमीटर दूर का सफर तय करते हैं। वाहन आदि की समस्या होने पर मरीज की रास्ते में ही मौत हो जाती है लेकिन शहीद-ए-आजम भगत सिंह के गांव में इसके विपरीत तस्वीर दिखाई देती है। भगत सिंह का खटकड़कलां गांव इन सभी समस्याओं से दूर है। यहां पर बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं हैं।
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गांव में रहने वाले अधिकांश लोग खेती या उससे जुड़े कारोबार का काम करते हैं। इसके बाद भी यहां के युवाओं का शिक्षा स्तर सबसे अधिक है। एक रिपोर्ट के अनुसार खटकड़कलां का हर व्यक्ति साक्षर है। गांव में 12वीं तक की शिक्षा के लिए स्कूल संचालित हो रहे हैं। सुचारु पानी की आपूर्ति के लिए गांव में बड़ी टंकी बनाई गई है, जिससे सभी घरों में सुबह और शाम पेयजल की आपूर्ति की जाती है। गांव की सड़कें शहरों की सड़कों को भी मात देती हैं। साफ-सफाई में भी शहरों से बेहतर हालात गांव के दिखाई देते हैं।
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संग्रहालय की मूर्ति का स्थान बदलना चाहते हैं ग्रामीण
गांव के बाहर शहीद भगत सिंह की याद में बने संग्रहालय परिसर में लगी मूर्ति का स्थान ग्रामीण बदलना चाहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि परिसर में मूर्ति काफी अंदर होने के कारण बाहर से आने-जाने वाले लोगों को मूर्ति दिखाई नहीं देती है। यदि मूर्ति का स्थान परिवर्तन कर आगे कर दिया जाएगा तो लोगों को आसानी से पता चल जाएगा कि यह किसका गांव है।
गांव में अभी वर्तमान में कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो। गांव के आसपास स्थित कुछ तालाबों की सफाई जरूर करवानी है। इसके लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही उनकी सभी मांगें पूरी हो जाएंगी। - सतनात सिंह, सरपंच, खटकड़कलां