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सीएम साहब! मेरे चाचा की मौत कोरोना से नहीं हार्ट अटैक से हुई, वह भी सेहत विभाग की गलती से
Mon, 15 Jun 2020 11:17 AM IST
खुशबू गोयल
सुरिंदर पाल, जालंधर
सुरिंदर पाल, जालंधर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 15 Jun 2020 11:17 AM IST
सार
- राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन का पंजाब सीएम को पत्र
- जालंधर में आरएसएस के बुजुर्ग नेता देवदत्त शर्मा की मौत
- चेयरपर्सन ने निजी लैब की जांच रिपोर्ट पर उठाया सवाल
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रेखा शर्मा
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
आरएसएस के वृद्ध नेता देवदत्त शर्मा की मौत हार्ट अटैक से हुई थी न कि कोरोना से और वह भी सेहत विभाग की लापरवाही के कारण। इस बारे में शर्मा की भतीजी राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम अपने फेसबुक पेज पर एक खुला पत्र लिखा है।
अमर उजाला की छपी खबर को शेयर करके उन्होंने सवाल उठाया कि जिस लैब से उनके चाचा देवदत्त शर्मा की कोरोना की जांच करवाई गई थी, उस लैब को गलत परिणाम देने के कारण सील किया गया है। रेखा शर्मा ने फेसबुक पर कैप्टन को संबोधित करते हुए लिखा है कि ..सर मैं यह पत्र दर्द और हताशा में लिख रही हूं, क्योंकि मैंने कुछ दिन पहले अपने चाचा को खो दिया है। वह अपने दो बेटों के साथ जालंधर में रहते थे और करीब एक हफ्ते पहले बीमार हो गए थे। उनको एक निजी अस्पताल ले जाया गया था।
चिकित्सकों का कहना था कि उन्हें दिल की बीमारी थी और उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। उन्होंने अमृतसर की निजी लैब से कोरोना का परीक्षण करवाया। उनको कोरोना संक्रमित घोषित किया गया। शाम को उन्हें सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, लेकिन सरकारी अस्पताल ने उन्हें दिल की बीमारी के लिए कोई दवा नहीं दी। यहां तक कि उनकी रोज की दवा भी उन्हें नहीं दी गई, जबकि उनके बेटों ने अस्पताल के कर्मचारियों से अनुरोध किया था कि वे उन्हें उनकी रोज की दवा जरूर दें।
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अमर उजाला की छपी खबर को शेयर करके उन्होंने सवाल उठाया कि जिस लैब से उनके चाचा देवदत्त शर्मा की कोरोना की जांच करवाई गई थी, उस लैब को गलत परिणाम देने के कारण सील किया गया है। रेखा शर्मा ने फेसबुक पर कैप्टन को संबोधित करते हुए लिखा है कि ..सर मैं यह पत्र दर्द और हताशा में लिख रही हूं, क्योंकि मैंने कुछ दिन पहले अपने चाचा को खो दिया है। वह अपने दो बेटों के साथ जालंधर में रहते थे और करीब एक हफ्ते पहले बीमार हो गए थे। उनको एक निजी अस्पताल ले जाया गया था।
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चिकित्सकों का कहना था कि उन्हें दिल की बीमारी थी और उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। उन्होंने अमृतसर की निजी लैब से कोरोना का परीक्षण करवाया। उनको कोरोना संक्रमित घोषित किया गया। शाम को उन्हें सरकारी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, लेकिन सरकारी अस्पताल ने उन्हें दिल की बीमारी के लिए कोई दवा नहीं दी। यहां तक कि उनकी रोज की दवा भी उन्हें नहीं दी गई, जबकि उनके बेटों ने अस्पताल के कर्मचारियों से अनुरोध किया था कि वे उन्हें उनकी रोज की दवा जरूर दें।
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दिल का दौरा इसलिए पड़ा, क्योंकि उन्हें दवाएं नहीं दी गईं
सुबह दोनों बेटों विपिन व वरिंदर ने अपने पिता की हालत को देखते हुए उन्हें निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की जिद की। वहीं शिफ्ट करने के दौरान एंबुलेंस के लोगों को एक वीडियो में उन्हें खुद ऊपर चढ़ने के लिए कहते हुए देखा गया, क्योंकि वे उन्हें छूना नहीं चाहते थे। मेरे चाचा ने कहा कि बेटा आई कैन।
जिस क्षण वह निजी अस्पताल में पहुंचे, उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। उनके बेटे और भतीजे उन्हें अंतिम संस्कार के लिए ले गए, लेकिन कंधा देने के लिए चौथा व्यक्ति नहीं मिला। इसके दो दिन बाद, जिस लैब से उनका परीक्षण करवाया गया, उसे गलत परिणाम देने के लिए सील कर दिया गया, क्योंकि लगातार उस लैब से गलत रिपोर्ट जारी की जा रही थी।
रेखा शर्मा ने लिखा कि मेरे चाचा 86 साल के थे, वह कभी बाहर नहीं गए थे और उनकी मौत के बाद जब पूरे परिवार ने अपनी जांच करवाई तो किसी को भी कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया। कैप्टन साहब, उस परिवार की दुर्दशा के बारे में सोचें जो अपने पिता की अर्थी को कंधा देने के लिए चौथे व्यक्ति का इंतजाम काफी मुश्किल से कर पाए। देवदत्त शर्मा को दिल का दौरा इसलिए पड़ा, क्योंकि उन्हें दवाएं नहीं दी गईं। गलत रिपोर्ट सुनकर उनको यह भी झटका लगा कि वह पॉजिटिव हैं।
जिस क्षण वह निजी अस्पताल में पहुंचे, उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। उनके बेटे और भतीजे उन्हें अंतिम संस्कार के लिए ले गए, लेकिन कंधा देने के लिए चौथा व्यक्ति नहीं मिला। इसके दो दिन बाद, जिस लैब से उनका परीक्षण करवाया गया, उसे गलत परिणाम देने के लिए सील कर दिया गया, क्योंकि लगातार उस लैब से गलत रिपोर्ट जारी की जा रही थी।
रेखा शर्मा ने लिखा कि मेरे चाचा 86 साल के थे, वह कभी बाहर नहीं गए थे और उनकी मौत के बाद जब पूरे परिवार ने अपनी जांच करवाई तो किसी को भी कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया। कैप्टन साहब, उस परिवार की दुर्दशा के बारे में सोचें जो अपने पिता की अर्थी को कंधा देने के लिए चौथे व्यक्ति का इंतजाम काफी मुश्किल से कर पाए। देवदत्त शर्मा को दिल का दौरा इसलिए पड़ा, क्योंकि उन्हें दवाएं नहीं दी गईं। गलत रिपोर्ट सुनकर उनको यह भी झटका लगा कि वह पॉजिटिव हैं।
खुले पत्र को पीएम नरेंद्र मोदी को भी टैग किया
पंजाब सरकार द्वारा एक और झटका दिया गया। शनिवार शाम एक एंबुलेंस मेरे चचेरे भाई वरिंदर शर्मा को पुलिस के साथ अस्पताल ले जाने के लिए आई, जबकि उनकी कोरोना रिपोर्ट आई ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि मुझे कागजात या कोई परिणाम दिखाओ, जो स्पष्ट रूप से उनके पास नहीं था और उन्हें वापस भेज दिया गया।
बाद में अमर उजाला में पढ़ा कि नरेंद्र कोरोना पॉजिटव आया था और उसको लाने के स्थान पर एंबुलेंस वरिंदर को लेने आ गई। यह सब उन शिक्षित लोगों के परिवार के साथ हो रहा है जिनके साथ समाज खड़ा है। अब आप उन लोगों की दुर्दशा के बारे में सोचें जिनके पास संसाधन नहीं हैं और जिनके पास वित्तीय समर्थन नहीं है।
कैप्टन साहब मेरे चाचा या अन्य जो लापरवाही के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं, वे वापस नहीं आएंगे, लेकिन मैं यह लिख रही हूं क्योंकि मैं नहीं चाहती कि दूसरे लोग अपने प्रियजनों को मेडिकल लापरवाही और राज्य सरकार की उदासीनता के कारण खो दें।
मुझे यकीन नहीं है, लेकिन मैं उम्मीद कर रही हूं कि आप इस मामले को देखेंगे और इस तरह के मेडिकल फ्रॉड और सरकारी अस्पताल की लापरवाही को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएंगे। राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने अमर उजाला की खबर व अपने खुले पत्र को पीएम नरेंद्र मोदी को भी टैग किया है।
बाद में अमर उजाला में पढ़ा कि नरेंद्र कोरोना पॉजिटव आया था और उसको लाने के स्थान पर एंबुलेंस वरिंदर को लेने आ गई। यह सब उन शिक्षित लोगों के परिवार के साथ हो रहा है जिनके साथ समाज खड़ा है। अब आप उन लोगों की दुर्दशा के बारे में सोचें जिनके पास संसाधन नहीं हैं और जिनके पास वित्तीय समर्थन नहीं है।
कैप्टन साहब मेरे चाचा या अन्य जो लापरवाही के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं, वे वापस नहीं आएंगे, लेकिन मैं यह लिख रही हूं क्योंकि मैं नहीं चाहती कि दूसरे लोग अपने प्रियजनों को मेडिकल लापरवाही और राज्य सरकार की उदासीनता के कारण खो दें।
मुझे यकीन नहीं है, लेकिन मैं उम्मीद कर रही हूं कि आप इस मामले को देखेंगे और इस तरह के मेडिकल फ्रॉड और सरकारी अस्पताल की लापरवाही को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएंगे। राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने अमर उजाला की खबर व अपने खुले पत्र को पीएम नरेंद्र मोदी को भी टैग किया है।