फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   national leader of AAP yogendra yadav is also salim

'आप' के योगेंद्र यादव का ये सीक्रेट जान चौंक जाएंगे

Tue, 17 Feb 2015 06:17 PM IST
शिवानी मेहता/अमर उजाला, चंडीगढ़
शिवानी मेहता/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 17 Feb 2015 06:17 PM IST
विज्ञापन
national leader of AAP yogendra yadav is also salim

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय नेता योगेंद्र यादव सोमवार को अमर उजाला चंडीगढ़ के कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने निजी जीवन पर पूछे गए सवालों पर भी बेबाकी से बात की।

विज्ञापन


इस दौरान उनसे जब पूछा गया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के समय उनके सलीम नाम के कारण उन्हें आप का मुस्लिम चेहरा बनाने की चर्चा जोरों पर थी, तो उन्होंने बताया कि यह सिर्फ अफवाह है। वह हिंदू परिवार से संबंध रखते हैं।
विज्ञापन


आप नेता से यह पूछे जाने पर कि उन्हें किस नाम से जाना जाए, सलीम या योगेंद्र, तो उन्होंने बचपन की यादें साझा करते हुए सलीम और योगेंद्र में समानता वाली बातों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि क्यों आज भी उनके परिवार के लोग और करीबी दोस्त उन्हें सलीम नाम से बुलाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

जा‌निए क्या कहा, 'सलीम' यानि योंगेंद्र यादव ने

national leader of AAP yogendra yadav is also salim

सलीम यानि योंगेंद्र यादव ने बताया, ‘दरअसल, मेरा जन्म हिंदू परिवार में हुआ है, लेकिन नाम सलीम रखा गया। मेरे दादा स्कूल में हेडमास्टर थे। बात 1936 की है जब एक दिन मुस्लिम दंगाइयों की भीड़ स्कूल पहुंची और बच्चों को उनके हवाले करने की मांग की। दादा जी ने मना कर दिया तो दंगाइयों ने गंडासे से उन्हें काट डाला।

यह सब मेरे पिता जी के सामने हुआ, जो उस समय महज सात साल के थे। उनके मन पर इस घटना का असर इतना गहरा हुआ कि शादी के बाद उन्होंने अपने बच्चों के मुस्लिम नाम रखने का निर्णय लिया। जब मैं पैदा हुआ तो मेरा नाम सलीम रखा गया। यहां तक कि स्कूली दस्तावेजों में भी मेरा यही नाम था लेकिन मेरी कक्षा में बाकी सब बच्चे इस नाम को लेकर अक्सर चिढ़ाते थे।

इससे मैं इतना परेशान हुआ कि मैंने माता-पिता से कहा कि या मेरा नाम बदल दीजिए या फिर मैं स्कूल नहीं जाऊंगा। उस समय मैं पांच साल का था। पिता जी ने मेरे सामने कुछ पर्चियां रखीं और उनमें से कोई एक पर्ची उठाने को कहा। मैंने जो पर्ची उठाई, उस पर ‘योगेंद्र’ लिखा था।

बस, फिर मैं सलीम से योगेंद्र हो गया। ये बात सच है कि आज भी मेरे परिवार के लोग और करीबी दोस्त मुझे सलीम नाम से ही बुलाते हैं। इसलिए यह नाम मुझे हमेशा अपनेपन का एहसास दिलाता है।’’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed