फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   national arms company of karnal named in foreign arms smuggling

विदेशी हथियारों की तस्करी में चंडीगढ़ के विशाल गन हाउस का मालिक गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2020 02:57 PM IST
विज्ञापन
national arms company of karnal named in foreign arms smuggling
जिला पुलिस ने पांच साल पुराने विदेशी हथियारों की तस्करी के मामले में क्लीन चिट हासिल करने वाले छह व्यक्तियों को आर्गनाइज क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओकू) की सिफारिश पर केस में नामजद कर लिया है। आरोपियों में चंडीगढ़ और हरियाणा के करनाल के गन हाउस मालिक भी शामिल हैं। अवैध हथियारों के इन खरीदारों पर धारा 420, 467, 468, 471, 472, 392 और 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। नए नामजद अभियुक्तों में सेक्टर-40 सी, चंडीगढ़ निवासी व विशाल गन हाउस के मालिक सतीश कुमार, करनाल के नेशनल आर्म्स कंपनी के मालिक राज चोपड़ा, मोगा के कारोबारी पंकज बंसल, मुक्तसर के गांव सप्पावाली के भूपिंदर सिंह, दिल्ली के अमित गोयल और कोटकपूरा का रोहित छाबड़ा शामिल हैं।
विज्ञापन

इस केस का मुख्य आरोपी रणजीत सिंह डुपला जमानत मिलने के बाद विदेश फरार हो चुका है, जिसे अदालत ने भगौड़ा करार दिया हुआ है। नए नामजद व्यक्तियों में से ओकू ने चंडीगढ़ निवासी गन डीलर सतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। बहिबल गोलीकांड केस के चलते जेल में बंद मोगा के पंकज बंसल के अदालत से 21 अगस्त का प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया है।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश और पंजाब में अपहरण, हत्या के प्रयास और हथियारों की तस्करी सहित 18 आपराधिक केसों का सामना कर रहे रणजीत सिंह डुपला और उनके सहयोगी गुरचरण सिंह उर्फ रिंका को फरीदकोट पुलिस ने अक्तूबर 2014 में गिरफ्तार किया था। इनसे आठ विदेशी निर्मित महंगे हथियार बरामद किए गए जो इन्होंने चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में कई अमीर लोगों को बेचे थे। यह आरोप लगाया गया था कि कुछ गन हाउस डीलरों के साथ मिलकर, इन तस्करी के हथियारों के नकली कागजात तैयार किए गए थे और उत्तर भारत में सक्रिय गिरोह और अमीर लोगों को बेच दिए गए थे। फरवरी 2015 में इन हथियारों में से 8 को बरामद करने के बाद, फरीदकोट पुलिस ने उस समय अवैध हथियारों के इन खरीदारों को क्लीन चिट दी थी और उन्हें निर्दोष बताया था। अब इस मामले की पड़ताल करते हुए ओकू ने कहा कि ये सभी खरीदार इन हथियारों की अवैधता के बारे में जानते थे और इन अवैध हथियारों के जाली दस्तावेज तैयार करने में इनकी भूमिका रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed