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यहां 'बंटवारे की आग' ने बांधे रखा दर्शकों को
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 24 Jan 2014 01:15 PM IST
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नौंवे टीएफटी विंटर नेशनल थियेटर फेस्टिवल में 'बंटवारे की आग' नामक नाटक का प्ले किया गया। इसको विनोद रस्तोगी ने लिखा है।
नाटक की कहानी एक गांव की है। गांव में दो भाई रहते हैं और उनका जीवन खुशी से चल रहा था। इस बीच एक विलेन नौरंगी लाल आ जाता है और उनके बीच दरार डालने लगता है। नाटक यहीं से असल शुरुआत लेता है।
नाटक को बहुत ही सुंदर तरीके से निर्देशित किया गया। कलाकारों ने भी बहुत अच्छा प्ले किया। उन्होंने सभी दर्शकों को नाटक की समाप्ति तक बांधे रखा।
नाटक के डायरेक्टर अजय मुखर्जी का चेहरा जाना-पहचाना है। वे कई सालों से थियेटर को विकसित और प्रमोट कर रहे हैं।
उन्होंने 50 से ज्यादा हिंदी व बंगाली के नाटकों को प्ले और निर्देशित किया है। नाटक को प्ले के लिए एक नौटंकी का सेट बनाया गया था।
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नाटक की कहानी एक गांव की है। गांव में दो भाई रहते हैं और उनका जीवन खुशी से चल रहा था। इस बीच एक विलेन नौरंगी लाल आ जाता है और उनके बीच दरार डालने लगता है। नाटक यहीं से असल शुरुआत लेता है।
नाटक को बहुत ही सुंदर तरीके से निर्देशित किया गया। कलाकारों ने भी बहुत अच्छा प्ले किया। उन्होंने सभी दर्शकों को नाटक की समाप्ति तक बांधे रखा।
नाटक के डायरेक्टर अजय मुखर्जी का चेहरा जाना-पहचाना है। वे कई सालों से थियेटर को विकसित और प्रमोट कर रहे हैं।
उन्होंने 50 से ज्यादा हिंदी व बंगाली के नाटकों को प्ले और निर्देशित किया है। नाटक को प्ले के लिए एक नौटंकी का सेट बनाया गया था।