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पीयू के 6 छात्र नेताओं की प्रॉपर्टी की जाएगी सील
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 01 Sep 2015 10:30 AM IST
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नगर निगम ने छह छात्र नेताओं की प्रॉपर्टी सील करने की सिफारिश डीसी से की है। ये वे छात्र नेता हैं, जिनके पिछले पीयू चुनाव में शहर में जगह-जगह सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगे थे और एक साल बाद भी इन्होंने जुर्माने की राशि नगर निगम को जमा नहीं करवाई। जबकि इन्हें नगर निगम ने जुर्माना अदा करने का नोटिस जारी किया था।
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नगर निगम ने इन छह छात्र नेताओं से 53 लाख 73 हजार रुपये की वसूली करनी है। पंजाब के जिला मानसा निवासी नवरीत पाल सिंह से ही नगर निगम ने 27 लाख रुपये वसूलने हैं। अब डीसी आफिस इन छात्र नेताओं पर प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई विज्ञापन कंट्रोल एक्ट के तहत करेगा। उस समय एडवर्टाइजमेंट कंट्रोल ऑडर्स के तहत 6 महीने का एक साथ जुर्माना लगाया गया था।
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मालूम हो कि हाल ही में हुए पीयू चुनाव में भी शहर में कई जगह चुनावी पोस्टर लगे थे लेकिन इस बार नगर निगम ने सिर्फ या तो पोस्टर हटाए हैं या फिर पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। इस बार कोई भी जुर्माने के नोटिस जारी नहीं किए गए हैं।
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इन छात्र नेताओं की प्रॉपर्टी सील करने की सिफारिश
नेता------------जुर्माना राशि----------निवासी----------छात्र संगठन
अतिंदर सिंह-------15 लाख 75 हजार---रोपड़
नीरज खरब-------5 लाख 4 हजार----चंडीगढ़ सेक्टर-44----एचएसए
गुरजोत संध-------2 लाख 70 हजार-------जालंधर
राणा ग्रेवाल--------54 हजार---------चंडीगढ़ सेक्टर-61
रतन लुबाना------2 लाख 70 हजार---चंडीगढ़ के गांव किशनगढ़--एनएसयूआई
नवरीत पाल सिंह-----27 लाख----------मानसा
10 करोड़ से ज्यादा की वसूली अभी बाकी
नगर निगम ने कुल 310 डिफाल्टरों की सूची भेजी है, जिनकी प्रॉपर्टी सील करने की सिफारिश की गई है। इनमें शहर के कई मशहूर दुकानदार भी शामिल हैं, जिन्होंने अपनी दुकानों के बाहर अवैध विज्ञापन बोर्ड लगाए हुए थे। नगर निगम की ओर से 10.48 करोड़ रुपये के जुर्माने के नोटिस भेजे गए हैं, लेकिन नगर निगम इनमें से सिर्फ 1.26 लाख रुपये ही वसूलने में कामयाब रहा। यह नोटिस 10 हजार से लेकर 81 लाख रुपये के थे। जुर्माना राशि न लेने के मामले में सलाहकार ने विजिलेंस जांच के भी आदेश दिए हैं, जिसकी जांच चल रही है।
50 और नोटिस तैयार
नगर निगम की टीम ने इस समय भी 50 ऐसे लोगों के नोटिस तैयार किए हैं, जिन्होंने अवैध तरीके से विज्ञापन बोर्ड सार्वजनिक स्थल पर लगाए हैं। इन्हें जल्द ही नोटिस जारी कर दिए जाएंगे। इनमें अधिकतर दक्षिण सेक्टर के व्यापारी शामिल हैं।