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निगम की बैठक में उठेगा पब्लिक शौचालय का मुद्दा
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 13 Nov 2013 06:25 PM IST
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नगर निगम की इस माह होने वाली सदन की बैठक में पब्लिक टायलेट का मामला जोरो-शोरो से उठाया जाएगा।
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पिछले माह होने वाली वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में टायलेट चलाने वाले ठेकेदार का कार्यकाल बढ़ा दिया गया था, जबकि आने वाले दिनों में टेंडर अलॉट करने की तैयारी की जा रही है।
कई पार्षदों को इस बात पर आपत्ति है कि पब्लिक टायलेट के बाहर जो विज्ञापन बोर्ड लगाए जाते हैं, उसकी कमाई नगर निगम को सीधे आनी चाहिए, जबकि विज्ञापन का अधिकार टायलेट चलाने वाले ठेकेदार को ही दिया हुआ है।
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इसके साथ ही टायलेट के रखरखाव के लिए ठेकेदार को हर टायलेट के लिए 12 हजार रुपये से ज्यादा की राशि जारी की जाती है। कांग्रेस पार्षद सतप्रकाश अग्रवाल का कहना है कि वह इस माह होने वाली सदन की बैठक में यह मामला उठाएंगे।
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उनका कहना है कि टेंडर की शर्तों में कई खामियां है। उनका कहना है कि शहर के व्यापारी अपने बाजारों में चला रहे पब्लिक टालयेट को रखरखाव के लिए लेने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि वह खुद व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मंडल लेकर कमिश्नर को मिले थे।
इसके बावजूद शहर की मार्केट एसोसिएशनों को पब्लिक टायलेट के रखरखाव के लिए नहीं दिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि व्यापारियों को रखरखाव के लिए देने के बाद विज्ञापन की कमाई नगर निगम के पास आ सकती है।
डिप्टी मेयर जता चुके हैं आपत्ति
पब्लिक टायलेट पर रखरखाव और विज्ञापन के काम को अलग अलग करने की मांग डिप्टी मेयर सतीश कैंथ भी तीन माह पहले लिखित में उठा चुके हैं, लेकिन उनकी मांग पर भी नगर निगम ने ध्यान नहीं दिया है। डिप्टी मेयर सतीश कैंथ का कहना है कि उन्होंने टेंडर की खामियों की जानकारी अधिकारियों को दे चुके हैं।