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चंडीगढ़ः नगर निगम की मीटिंग में भिड़े मेयर और सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष, थाने पहुंचा मामला
Fri, 14 Jun 2019 10:08 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 14 Jun 2019 10:08 AM IST
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मेयर राजेश कालिया
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चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर राजेश कालिया, नगर निगम के अधिकारियों संग मीटिंग कर रहे थे तभी सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष से उनकी नोकझोंक हो गई। अध्यक्ष कृष्ण कुमार चड्ढा कमरे में घुस आए और सफाई कर्मचारियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई का विरोध करने लगे। बात हाथापाई तक पहुंच गई तो एडीशनल कमिश्नर एसके जैन ने किसी तरह मामले को शांत कराया। देर शाम मेयर ने सेक्टर-17 स्थित पुलिस स्टेशन में सूचना देकर पुलिस बुला ली और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में कृष्ण कुमार चड्ढा के खिलाफ लिखित शिकायत दे दी।
वहीं थोड़ी ही देर बाद यूनियन के अध्यक्ष ने भी अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए मेयर के खिलाफ थाने में शिकायत दे दी। मेयर ने बताया कि एमओएच की रिपोर्ट में 25 प्रतिशत कर्मचारियों के बिना काम किए ही सैलरी लेने के खुलासे के बाद सख्ती बरती जा रही है। वीरवार को शाम 4 बजे एक बैठक बुलाई, जिसमें एडीशनल कमिश्नर द्वितीय एसके जैन, एडीशनल कमिश्नर तृतीय अनिल कुमार गर्ग, एमओएच के वर्तमान प्रभारी डॉ. एमएस कंबोज सहित सभी सेनेट्री इंस्पेक्टर मौजूद थे।
बैठक में कहा गया कि काम न करने वाले सभी कर्मचारी चाहे कोई संगठन का अधिकारी व सदस्य ही क्यों न हो, सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शाम लगभग साढ़े चार बजे कृष्ण कुमार चड्ढा कमरे मे घुस आए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। समझाने पर गाली-गलौज करने लगे। उसके बाद धमकी देते हुए वापस चले गए।
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वहीं थोड़ी ही देर बाद यूनियन के अध्यक्ष ने भी अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए मेयर के खिलाफ थाने में शिकायत दे दी। मेयर ने बताया कि एमओएच की रिपोर्ट में 25 प्रतिशत कर्मचारियों के बिना काम किए ही सैलरी लेने के खुलासे के बाद सख्ती बरती जा रही है। वीरवार को शाम 4 बजे एक बैठक बुलाई, जिसमें एडीशनल कमिश्नर द्वितीय एसके जैन, एडीशनल कमिश्नर तृतीय अनिल कुमार गर्ग, एमओएच के वर्तमान प्रभारी डॉ. एमएस कंबोज सहित सभी सेनेट्री इंस्पेक्टर मौजूद थे।
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बैठक में कहा गया कि काम न करने वाले सभी कर्मचारी चाहे कोई संगठन का अधिकारी व सदस्य ही क्यों न हो, सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शाम लगभग साढ़े चार बजे कृष्ण कुमार चड्ढा कमरे मे घुस आए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। समझाने पर गाली-गलौज करने लगे। उसके बाद धमकी देते हुए वापस चले गए।
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चड्ढा ने एमओएच से बदतमीजी की : मेयर
मेयर ने कहा कि कृष्ण कुमार चड्ढा ने एमओएच से भी काफी बदतमीजी की। जब उन्हें मीटिंग के बाहर जाने को कहा तो एमओएच का प्रभार संभाल रहे डॉ. एमएस कंबोज से कहा कि शुक्रवार को सारे सेनेटरी इंस्पेक्टरों को बुलाकर मीटिंग करो। इस पर मेयर और गुस्सा गए और तत्काल बाहर न जाने पर पुलिस की कार्रवाई के लिए कहा।
कमिश्नर को फोन से दी सूचना
झगड़े की सूचना मिलते ही पार्षद अरुण सूद, आशा जसवाल सहित कई भाजपा नेता नगर निगम पहुंच गए। मेयर ने बताया कि कमिश्नर केके यादव सोमवार तक छुट्टी पर हैं, इसलिए तत्काल फोन कर पूरे मामले की सूचना दी। उन्होंने वापस आकर कार्रवाई की बात कही। कहा कि सफाई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की बता से सभी बौखलाए हैं। इसलिए कुछ भी हरकत करने पर उतारू हो रहे हैं।
कमिश्नर ने बुलाया था, मेयर ने कहा ‘गेट आउट’ : चड्ढा
कृष्ण कुमार चड्ढा ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 11 जून को कचरा सेग्रीगेशन से संबंधित समस्या को लेकर कमिश्नर के पस गए थे। उन्होंने 13 जून को मीटिंग में आने को कहा था। आरोप है कि जब वह मीटिंग में पहुंचे तो मेयर ने उन्हें गेट आउट कह दिया। चड्ढा का कहना है कि उसके बाद मैंने व मेरे साथियों ने मीटिंग खत्म होने का इंतजार किया। जब मेयर बाहर आए तो अपनी समस्या को मैंने बताया। तभी सभी अधिकारियों के सामने मेयर मुझसे गाली-गलौज करने लगे। मैंने मीटिंग में जबरन घुसने की कोशिश नहीं की, फिर भी मेरे खिलाफ मेयर ने पुलिस को शिकायत दे दी।
यह है मामला
एमओएच ने सर्वे के बाद एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें बताया गया था कि 25 प्रतिशत कर्मचारी बिना काम पर आए ही सैलरी लेते हैं। उसकेबाद मेयर व कमिश्नर ने कहा था कि जो लोग बिना आदेश के अफसरों या रिटायर हो चुके अधिकारियों के घर काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। कहा कि जो ठेके पर सफाई कर्मचारी हैं उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया जाए, वहीं पक्के कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया जाए। उसके बाद से मामला और गरमाता गया।
कमिश्नर को फोन से दी सूचना
झगड़े की सूचना मिलते ही पार्षद अरुण सूद, आशा जसवाल सहित कई भाजपा नेता नगर निगम पहुंच गए। मेयर ने बताया कि कमिश्नर केके यादव सोमवार तक छुट्टी पर हैं, इसलिए तत्काल फोन कर पूरे मामले की सूचना दी। उन्होंने वापस आकर कार्रवाई की बात कही। कहा कि सफाई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की बता से सभी बौखलाए हैं। इसलिए कुछ भी हरकत करने पर उतारू हो रहे हैं।
कमिश्नर ने बुलाया था, मेयर ने कहा ‘गेट आउट’ : चड्ढा
कृष्ण कुमार चड्ढा ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 11 जून को कचरा सेग्रीगेशन से संबंधित समस्या को लेकर कमिश्नर के पस गए थे। उन्होंने 13 जून को मीटिंग में आने को कहा था। आरोप है कि जब वह मीटिंग में पहुंचे तो मेयर ने उन्हें गेट आउट कह दिया। चड्ढा का कहना है कि उसके बाद मैंने व मेरे साथियों ने मीटिंग खत्म होने का इंतजार किया। जब मेयर बाहर आए तो अपनी समस्या को मैंने बताया। तभी सभी अधिकारियों के सामने मेयर मुझसे गाली-गलौज करने लगे। मैंने मीटिंग में जबरन घुसने की कोशिश नहीं की, फिर भी मेरे खिलाफ मेयर ने पुलिस को शिकायत दे दी।
यह है मामला
एमओएच ने सर्वे के बाद एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें बताया गया था कि 25 प्रतिशत कर्मचारी बिना काम पर आए ही सैलरी लेते हैं। उसकेबाद मेयर व कमिश्नर ने कहा था कि जो लोग बिना आदेश के अफसरों या रिटायर हो चुके अधिकारियों के घर काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। कहा कि जो ठेके पर सफाई कर्मचारी हैं उन्हें नौकरी से बाहर कर दिया जाए, वहीं पक्के कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया जाए। उसके बाद से मामला और गरमाता गया।