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बैठते नहीं अधिकारी तो कौन सुनेगा शिकायत
रवि अटवाल
Updated Thu, 28 Nov 2013 03:03 PM IST
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स्ट्रीट लाइटों की शिकायत दर्ज कराने के लिए नगर निगम ने एक शिकायत केंद्र बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। तमाम औपचारिकताएं पूरी होने, दो लैंडलाइन फोन सेंक्शन होने के बाद भी आज तक शिकायत केंद्र नहीं बन पाया है।
जिस अधिकारी को केंद्र का नोडल ऑफिसर बनाया था, उसे किसी और विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया। उसके बाद यह जिम्मेदारी किसी को नहीं दी गई।
शहर की स्ट्रीट लाइटों की देखरेख का काम प्रशासन और नगर निगम में आधा-आधा बंटा हुआ है। जनता के पास स्ट्रीट लाइटों की शिकायत करने के लिए कोई जरिया नहीं है।
लोगों को पता नहीं कि कौन सी स्ट्रीट लाइट निगम के पास और कौन सी प्रशासन के पास। इसी उलझन को दूर करने के लिए शिकायत केंद्र बनाने पर विचार हुआ था। प्रस्तावित केंद्र में सुबह आठ बजे से रात दस बजे तक शिकायत की जा सकती है।
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इलेक्ट्रिसिटी कमेटी ने पास किया एजेंडा
सूत्रों के मुताबिक इस साल 15 जुलाई को इलेक्ट्रिसिटी कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में इसका एजेंडा पास हो गया था। 6 सितंबर को चीफ इंजीनियर ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिए और दो लैंडलाइन फोन भी सेंक्शन कर दिए थे। उसके बाद से काम अटका हुआ है।
नगर निगम में इलेक्ट्रिसिटी कमेटी के पूर्व चेयरमैन अरुण सूद ने बताया कि ‘मेरे चेयरमैन रहते हुए भी इलेक्ट्रिसिटी कमेटी में कई बार इस मुद्दे को उठाया गया था। जनता की समस्याओं को देखते हुए शिकायत केंद्र बनाना जरूरी है। इसे जल्दी से जल्दी बनवाया जाना चाहिए।’
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जिस अधिकारी को केंद्र का नोडल ऑफिसर बनाया था, उसे किसी और विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया। उसके बाद यह जिम्मेदारी किसी को नहीं दी गई।
शहर की स्ट्रीट लाइटों की देखरेख का काम प्रशासन और नगर निगम में आधा-आधा बंटा हुआ है। जनता के पास स्ट्रीट लाइटों की शिकायत करने के लिए कोई जरिया नहीं है।
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लोगों को पता नहीं कि कौन सी स्ट्रीट लाइट निगम के पास और कौन सी प्रशासन के पास। इसी उलझन को दूर करने के लिए शिकायत केंद्र बनाने पर विचार हुआ था। प्रस्तावित केंद्र में सुबह आठ बजे से रात दस बजे तक शिकायत की जा सकती है।
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इलेक्ट्रिसिटी कमेटी ने पास किया एजेंडा
सूत्रों के मुताबिक इस साल 15 जुलाई को इलेक्ट्रिसिटी कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में इसका एजेंडा पास हो गया था। 6 सितंबर को चीफ इंजीनियर ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिए और दो लैंडलाइन फोन भी सेंक्शन कर दिए थे। उसके बाद से काम अटका हुआ है।
नगर निगम में इलेक्ट्रिसिटी कमेटी के पूर्व चेयरमैन अरुण सूद ने बताया कि ‘मेरे चेयरमैन रहते हुए भी इलेक्ट्रिसिटी कमेटी में कई बार इस मुद्दे को उठाया गया था। जनता की समस्याओं को देखते हुए शिकायत केंद्र बनाना जरूरी है। इसे जल्दी से जल्दी बनवाया जाना चाहिए।’